दानापुर, सुपौल, मधुबनी, पटना, न्यू जलपाईगुड़ी, लौकहा, दरभंगा, सीतामढ़ी, जोगबनी से चलने वाली 100 से अधिक ट्रेनों की हुई घोषणा, त्योहर पर चलेगी 3000 से अधिक ट्रेन
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मधुबनी, सीतामढ़ी, रक्सौल से हावड़ा, कोलकाता के लिए चलेगी 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेन, इस त्योहार 3000 ट्रेन चलाने का लक्ष्य
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इस दुर्गापूजा दरभंगा, सीतामढ़ी, लौकहा, जोगबनी, मधुबनी, जयनगर, पुर्णिया समेत कई जगहों से चलेगी 50 से अधिक स्पेशल ट…
इस दुर्गापूजा दरभंगा, सीतामढ़ी, लौकहा, जोगबनी, मधुबनी, जयनगर, पुर्णिया समेत कई जगहों से चलेगी 50 से अधिक स्पेशल ट्रेन
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मधुबनी केंद्रीय विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू: जानिए बालवाटिका से पांचवीं तक के रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी
प्रवेश प्रक्रिया और कक्षाओं का विवरण
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित नव सृजित केंद्रीय विद्यालय (एस.एन.एस.डी.एन.जी. वाटसन +2 स्कूल, कचहरी रोड, मधुबनी) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न कक्षाओं में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यालय प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, बालवाटिका I, II, III और कक्षा I से लेकर कक्षा V तक (प्रत्येक कक्षा में 01 सेक्शन) के लिए ऑफलाइन पंजीकरण फॉर्म जारी किए गए हैं। अभिभावक हमारी वेबसाइट से एडमिशन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं या निर्धारित तिथियों के भीतर विद्यालय कार्यालय से संपर्क करके फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।

पंजीकरण की तिथियां और फॉर्म प्राप्ति के माध्यम
पंजीयन फॉर्म प्राप्त करने तथा इसे सभी आवश्यक दस्तावेजों व प्रमाण-पत्रों के साथ पूर्णरूप से भरकर जमा करने की तिथि 05 अगस्त 2026 (बुधवार) से 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार) तक निर्धारित की गई है। अभिभावक प्रत्येक कार्यदिवस में प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक विद्यालय कार्यालय में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा, सुविधा के लिए आप हमारी वेबसाइट से भी एडमिशन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं, साथ ही यह केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, दरभंगा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगा।
आयु सीमा और आरक्षण के नियम
प्रवेश के लिए छात्रों की आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। बालवाटिका I के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष और अधिकतम 4 वर्ष से कम होनी चाहिए। इसी प्रकार बालवाटिका II के लिए आयु 4 से 5 वर्ष से कम, बालवाटिका III के लिए 5 से 6 वर्ष से कम, कक्षा I के लिए 6 से 8 वर्ष से कम, कक्षा II के लिए 7 से 9 वर्ष से कम, कक्षा III के लिए 8 से 10 वर्ष से कम, कक्षा IV के लिए 9 से 11 वर्ष से कम और कक्षा V के लिए 10 से 12 वर्ष से कम निर्धारित की गई है। कक्षाओं में सीटों का आरक्षण केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के प्रवेश दिशानिर्देशों 2026-27 के अनुसार किया जाएगा। प्रवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी KVS की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।
आवश्यक दस्तावेज और विशेष निर्देश
आवेदन के समय जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, ब्लड ग्रुप रिपोर्ट, पासपोर्ट साइज फोटो और श्रेणी के अनुसार जाति, आय, बीपीएल या सेवा प्रमाण पत्र जैसे तमाम जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य हैं। विद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पंजीकरण मात्र से ही प्रवेश का अधिकार प्राप्त नहीं होगा, और फॉर्म में किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
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नीतीश मिश्रा को बिहार के नए मंत्रिमंडल में क्यों नहीं मिली जगह? भाजपा के फैसले से मधुबनी में नाराजगी
संवाददाता, मधुबनी: नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में शपथ ली, जहां उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। उनके साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की, जिसमें एक मुस्लिम और तीन महिलाएं शामिल हैं। भाजपा ने अपने कोटे से कई पुराने चेहरों को दरकिनार कर नए नेताओं को मौका दिया। मधुबनी जिले से खजौली विधायक अरुण शंकर प्रसाद को कैबिनेट में शामिल किया गया है, जिन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति और युवा मामलों का विभाग सौंपा गया है।
हालांकि, नीतीश मिश्रा को बाहर रखे जाने से स्थानीय स्तर पर हलचल मची हुई है। मधुबनी और झंझारपुर में लोग सवाल उठा रहे हैं कि पूर्व उद्योग मंत्री, जिन्होंने बिहार में निवेश और विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई, उन्हें क्यों नजरअंदाज किया गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे ‘उद्योग-रहित बिहार’ का संकेत बता रहे हैं। अब जदयू ने इस पर अपना पक्ष रखा है।
जदयू का स्पष्टीकरण
मंत्रिमंडल गठन के बाद मीडिया से बातचीत में जदयू जिलाध्यक्ष फूले भंडारी ने मामले की सफाई दी। उन्होंने झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा और अन्य कुछ नेताओं को मंत्री पद न मिलने पर पार्टी की राय जाहिर की।भंडारी ने कहा, “किसी क्षेत्र के विधायक का मंत्री बनना स्थानीय विकास के लिए जरूरी है। जदयू भी चाहता था कि झंझारपुर को प्रतिनिधित्व मिले, लेकिन कोटे की सीमाओं के कारण सभी को शामिल नहीं किया जा सका। नीतीश मिश्रा योग्य और लोकप्रिय नेता हैं, लेकिन उनका नाम न आना भाजपा का आंतरिक फैसला है, जिसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं।
“सोशल मीडिया की अफवाहों पर नाराजगी
जिलाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक पोस्टों पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के एनडीए की एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचाता है। “ऐसी अफवाहें जनता में भ्रम पैदा करती हैं। हम अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर तथ्य-आधारित और मर्यादित चर्चा हो,” उन्होंने जोड़ा।रिक्त पदों पर नजर
भंडारी ने बताया कि एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल में कुल 36 पद हैं। भाजपा के 15 कोटे में से 14 भर चुके हैं, एक खाली है। जदयू के 15 में से 9 मंत्रियों की घोषणा हो गई है, जबकि 6 पद रिक्त हैं। चिराग पासवान की पार्टी की एक सीट और एक अन्य सीट भी खाली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य के विस्तार में नीतीश मिश्रा जैसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।एनडीए को ‘पांच पांडवों जैसा मजबूत’ बताते हुए भंडारी ने कहा कि भाजपा ने शायद किसी रणनीतिक वजह से फिलहाल उन्हें बाहर रखा है। मधुबनी में नीतीश मिश्रा के समर्थक इस फैसले से नाराज हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में उद्योग विकास के लिए ऐसे अनुभवी नेताओं की जरूरत है, और यह फैसला राज्य की आर्थिक प्रगति पर असर डाल सकता है। -

मधुबनी में ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण से निजात के लिए जिलाधिकारी ने शुरू की समग्र योजना | Madhubani News
मधुबनी, 19 अगस्त 2025: मधुबनी जिले के शहरी क्षेत्रों में बढ़ती ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने एक समग्र ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार करने की पहल की है। मधुबनी नगर निगम, नगर परिषद झंझारपुर, और नगर पंचायत जयनगर, बेनीपट्टी, फुलपरास जैसे क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए यह योजना बनाई जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समन्वय के साथ व्यावहारिक, समयबद्ध और लागू करने योग्य योजना तैयार करें। इस योजना में अल्पकालिक और दीर्घकालिक समाधान शामिल होंगे, जिसमें विभिन्न विभागों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
योजना के 10 प्रमुख बिंदु
- जाम वाले स्थानों की पहचान: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों का मानचित्र सहित सर्वेक्षण।
- अतिक्रमण पर सर्वे: सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण की विस्तृत रिपोर्ट।
- एकतरफा यातायात और नो-एंट्री: भीड़ कम करने के लिए एकतरफा मार्ग और नो-एंट्री जोन लागू करना।
- पार्किंग सुधार: चिन्हित पार्किंग स्थल, मल्टी-लेवल और ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की संभावनाएं तलाशना।
- प्रभावी प्रवर्तन: CCTV, चालान, क्रेन और ट्रैफिक वार्डन के जरिए कठोर निगरानी।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुदृढ़ीकरण: बस, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय करना।
- सिग्नल और संकेतक: आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल और सड़क सुरक्षा संकेतकों की स्थापना।
- पैदल यात्री सुविधा: फुटपाथ, जैब्रा क्रॉसिंग और स्ट्रीट वेंडिंग जोन का निर्माण।
- इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम (ITS): स्मार्ट सिग्नल, ANPR कैमरा और सेंसर-आधारित डेटा संग्रह।
- जन-जागरूकता: यातायात नियमों के प्रति स्कूलों, कॉलेजों और नागरिकों में जागरूकता अभियान।
दीर्घकालिक समाधान के लिए मास्टर प्लान
जिलाधिकारी ने भविष्य की जनसंख्या और वाहनों की बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें बाईपास, रिंग रोड और पार्किंग प्लाजा जैसी योजनाएं शामिल होंगी।
जाम और अव्यवस्था में आएगी कमी
जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना के लागू होने से मधुबनी के शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था में कमी आएगी, जिससे लोगों की आवाजाही आसान होगी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से रिपोर्ट प्रस्तुत करने और योजना को जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं।
शराबबंदी पर अपील: बिहार में शराब का व्यापार और सेवन पूर्णतः अवैध है। इसकी जानकारी टोल-फ्री नंबर 15545, 18003456268 या जिला नियंत्रण कक्ष 06276-222576 पर दें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
