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  • सुपौल को बड़ी सौगात: बिहार का तीसरा ट्रैफिक रिसर्च संस्थान बनने की मंजूरी, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

    सुपौल को बड़ी सौगात: बिहार का तीसरा ट्रैफिक रिसर्च संस्थान बनने की मंजूरी, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

    सुपौल (स्टार मिथिला न्यूज): मिथिला और कोसी अंचल के विकास की दिशा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। बिहार सरकार ने सुपौल जिले में राज्य का तीसरा ट्रैफिक रिसर्च संस्थान (Traffic Research Institute) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस संस्थान के निर्माण से जहाँ एक ओर राज्य में सड़क हादसों में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर वैज्ञानिक शोध होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

    कोसी और मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक सौगात

    राजधानी पटना और राज्य के अन्य प्रमुख केंद्रों के बाद सुपौल में इस अत्याधुनिक संस्थान की स्थापना कोसी और मिथिला क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से सुपौल सहित आसपास के जिलों—जैसे सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी और दरभंगा—के युवाओं को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह संस्थान यातायात नियमों के अनुपालन, सड़क सुरक्षा मानकों और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम करेगा।

    संस्थान की प्रमुख विशेषताएं और मुख्य बिंदु

    • रोजगार के नए अवसर: संस्थान के संचालन के साथ ही शैक्षणिक, तकनीकी, प्रशासनिक और सहायक पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता और रोजगार मिलेगा।
    • यातायात प्रबंधन पर वैज्ञानिक शोध: सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान और उनके स्थायी समाधान के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रिसर्च किया जाएगा।
    • विशेष प्रशिक्षण सुविधा: बिहार पुलिस के यातायात कर्मियों, चालकों और सुरक्षा विशेषज्ञों को यहाँ अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
    • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार: ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और भारत-नेपाल सीमा के समीप स्थित होने के कारण सुपौल में यह संस्थान सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

    सड़क सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति

    ट्रैफिक रिसर्च संस्थान के बनने से पूरे मिथिलांचल क्षेत्र में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती वाहनों की संख्या और हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए इस प्रकार के शोध संस्थान समय की मांग थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि सुपौल एक प्रमुख शैक्षणिक और शोध केंद्र के रूप में भी उभर कर सामने आएगा।

  • सकरी और रैयाम की बंद पड़ी चीनी मिलें होंगी पुनर्जीवित, मिथिला के किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात

    सकरी और रैयाम की बंद पड़ी चीनी मिलें होंगी पुनर्जीवित, मिथिला के किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात

    सकरी और रैयाम चीनी मिल चालू करने को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, IPL करेगी संचालन

    पटना / मधुबनी / दरभंगा। बिहार सरकार ने मिथिलांचल के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए मधुबनी जिले की सकरी और दरभंगा जिले की रैयाम में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 29 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई।

    कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सकरी और रैयाम की बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिल तथा गन्ने के उपोत्पादों (by-products) पर आधारित अन्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इस पूरी परियोजना की स्थापना और संचालन का जिम्मा इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), नई दिल्ली को सौंपा गया है।

    प्रोजेक्ट लागत की 40% राशि देगी सरकार बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सहकारिता विभाग के इस प्रस्ताव के तहत बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट (Bank Evaluation Report) के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत की 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी।

    किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा सकरी और रैयाम चीनी मिलों के पुनरुद्धार से उत्तर बिहार, खासकर मधुबनी, दरभंगा और आसपास के जिलों के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मिलों के चालू होने और बाय-प्रोडक्ट इकाइयों के स्थापित होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

  • दरभंगा एयरपोर्ट की ऐतिहासिक परवाज: पिछले 6 महीने में 4 लाख से अधिक यात्रियों ने भरी उड़ान, मिथिलांचल में कनेक्टिविटी को लगे पंख

    दरभंगा एयरपोर्ट की ऐतिहासिक परवाज: पिछले 6 महीने में 4 लाख से अधिक यात्रियों ने भरी उड़ान, मिथिलांचल में कनेक्टिविटी को लगे पंख

    मिथिलांचल के विकास को लगी पंख: 6 महीने में 4 लाख से ज्यादा यात्री

    उत्तर बिहार के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले दरभंगा हवाई अड्डे (Darbhanga Airport) ने सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों के दौरान दरभंगा एयरपोर्ट से 4 लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर किया है। उड़ान योजना (UDAN Scheme) के तहत शुरू हुआ यह हवाई अड्डा देश के सबसे सफल क्षेत्रीय हवाई अड्डों में से एक बनकर उभरा है, जिसने मिथिलांचल की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

    इन जिलों के यात्रियों को मिल रहा सीधा फायदा

    दरभंगा एयरपोर्ट की इस शानदार सफलता का सीधा लाभ केवल दरभंगा जिले तक सीमित नहीं है। इससे आसपास के कई जिलों के प्रवासियों और व्यापारियों को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों की यात्रा करने में अभूतपूर्व सुगमता मिली है। मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं:

    • दरभंगा और मधुबनी: स्थानीय निवासियों और मखाना व मधुबनी पेंटिंग के कारोबारियों के लिए समय की भारी बचत।
    • समस्तीपुर और बेगूसराय: औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए तेज व सुगम परिवहन।
    • सीतामढ़ी, सहरसा और सुपौल: सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों को अब पटना जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

    दरभंगा एयरपोर्ट की प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े

    • यात्री संख्या: पिछले 6 माह में 4,00,000+ से अधिक यात्रियों का आवागमन।
    • प्रमुख रूट: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों के लिए नियमित सीधी उड़ानें।
    • उड़ान योजना की सफलता: ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) के तहत देश में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला एयरपोर्ट।
    • आर्थिक गति: मिथिलांचल के पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को मिला बड़ा प्रोत्साहन।

    सुविधाओं में विस्तार और रनवे का सुदृढ़ीकरण

    यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए दरभंगा एयरपोर्ट पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की ओर से बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है। नए टर्मिनल भवन का निर्माण, नाइट लैंडिंग सुविधा और रनवे के विस्तार जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, ताकि आने वाले समय में उड़ानों की संख्या और बढ़ाई जा सके।

  • सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड के कायाकल्प के लिए RVNL को मिला ₹358 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों में उछाल के साथ डिविडेंड का भी ऐलान

    सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड के कायाकल्प के लिए RVNL को मिला ₹358 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों में उछाल के साथ डिविडेंड का भी ऐलान

    स्टार मिथिला न्यूज, ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के सुदृढ़ीकरण और विकास कार्य के लिए ₹358 करोड़ का विशाल वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस महत्वपूर्ण रेलखंड के आधुनिकीकरण से मिथिलांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

    सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए क्यों है अहम?

    सीतामढ़ी और रक्सौल दोनों ही शहर व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं। सीतामढ़ी जहाँ माता सीता की प्राकट्य स्थली होने के कारण धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, वहीं रक्सौल भारत-नेपाल व्यापार का सबसे प्रमुख गेटवे है। इस रेलखंड के अपग्रेड होने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ मालधुलाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी काफी सुगमता मिलेगी।

    ₹358 करोड़ के प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

    • कुल परियोजना लागत: सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के विकास के लिए ₹358 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
    • कार्यदायी संस्था: इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नवरत्न सरकारी कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को सौंपी गई है।
    • विकास कार्य: इस योजना के तहत पटरी सुदृढ़ीकरण, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार, ट्रैक डबलिंग/इलेक्ट्रिफिकेशन और बुनियादी ढांचागत विकास के कार्य किए जाएंगे।
    • सुगम कनेक्टिविटी: इस परियोजना के पूरा होने से दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी और रक्सौल के बीच रेलगाड़ियों की गति में सुधार होगा और यात्रा समय कम होगा।

    मार्केट में RVNL का जलवा: शेयरों में आई तेजी और डिविडेंड का ऐलान

    ₹358 करोड़ का ऑर्डर मिलने की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में RVNL के शेयरों में जबरदस्त लिवाली देखी गई। निवेशकों के उत्साह के कारण कंपनी के शेयर हरे निशान पर कारोबार करने लगे। इसके साथ ही RVNL के निदेशक मंडल ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड (Dividend) की भी घोषणा की है, जिससे शेयरधारकों में दोहरी खुशी की लहर है।

    क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    स्टार मिथिला न्यूज से बातचीत में रेल विशेषज्ञों ने बताया कि सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड में ₹358 करोड़ के निवेश से न केवल ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मिथिलांचल को पूर्वांचल और मध्य भारत से जोड़ने वाले इस प्रमुख रेल मार्ग के सशक्त होने से पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

  • श्रावणी मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे चलाएगा 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; देखें पूरा शेड्यूल और रूट

    श्रावणी मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे चलाएगा 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; देखें पूरा शेड्यूल और रूट

    श्रावणी मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे चलाएगा 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; देखें पूरा शेड्यूल और रूट

    न्यूज डेस्क: श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज जाने वाले लाखों कांवरियों व श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी घोषणा की है। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल और संबद्ध मंडलों द्वारा 12 जोड़ी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया गया है।

    इन स्पेशल ट्रेनों के चलने से उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से देवघर व सुल्तानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।

    1. जयनगर – आसनसोल – जयनगर श्रावणी मेला स्पेशल (05597/05598)

    • रूट: मधुबनी-दरभंगा-समस्तीपुर-बरौनी-किउल-झाझा-जसीडीह
    • दिन: सप्ताह में 3 दिन (जयनगर से मंगल, शुक्र व रवि | आसनसोल से बुध, शनि व सोम)
    • समय: जयनगर से रात 21:00 बजे खुलकर अगले दिन 07:42 बजे जसीडीह और 11:30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। वापसी में आसनसोल से दोपहर 13:00 बजे खुलकर 14:30 बजे जसीडीह होते हुए अगले दिन सुबह 06:00 बजे जयनगर पहुंचेगी।
    • अवधि: 31 जुलाई से 31 अगस्त 2026

    2. रक्सौल – देवघर – रक्सौल श्रावणी मेला स्पेशल (05545/05546)

    • रूट: सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बरौनी-किउल-जमालपुर-भागलपुर
    • दिन: सप्ताह में 3 दिन (रवि, मंगल व शुक्र)
    • समय: रक्सौल से रात 00:30 बजे खुलकर उसी दिन शाम 17:05 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से शाम 18:05 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 11:40 बजे रक्सौल पहुंचेगी।
    • अवधि: 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026

    3. राघोपुर – देवघर – राघोपुर श्रावणी मेला स्पेशल (05573/05574)

    • रूट: सुपौल-सहरसा-मानसी-खगड़िया-मुंगेर-सुल्तानगंज-भागलपुर
    • दिन: प्रतिदिन
    • समय: राघोपुर से तड़के 02:50 बजे (सरायगढ़ 03:03, सुपौल 03:38, सहरसा 04:30, सुल्तानगंज 07:48, भागलपुर 08:30) खुलकर 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से 11:35 बजे (भागलपुर 14:20, सुल्तानगंज 14:55, सहरसा 20:40) खुलकर रात 22:50 बजे राघोपुर पहुंचेगी।
    • अवधि: 28 जुलाई से 31 अगस्त 2026

    4. दानापुर – साहिबगंज – दानापुर स्पेशल (03236/03235)

    • रूट: मोकामा-किउल-सुल्तानगंज-भागलपुर
    • दिन: प्रत्येक रविवार (साप्ताहिक)
    • समय व ठहराव: यह स्पेशल ट्रेन दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी (13236/13235) के निर्धारित समय और ठहराव के अनुसार ही परिचालित की जाएगी।
    • अवधि: 02 अगस्त से 30 अगस्त 2026

    5. पटना – इसलामपुर – पटना श्रावणी मेला स्पेशल (03297/03298)

    • रूट: राजेन्द्रनगर-पटना साहिब-फतुहा-दानियावां-हिलसा-एकंगरसराय
    • दिन: सप्ताह में 3 दिन (पटना से मंगल, गुरु व रवि | इसलामपुर से बुध, शुक्र व सोम)
    • समय: पटना जंक्शन से शाम 16:10 बजे खुलकर शाम 19:00 बजे इसलामपुर पहुंचेगी। वापसी में इसलामपुर से सुबह 07:45 बजे खुलकर सुबह 11:00 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।
    • अवधि: 26 जुलाई से 30 सितंबर 2026

    6. हावड़ा – नटेसर – हावड़ा श्रावणी मेला स्पेशल (03001/03002)

    • रूट: आसनसोल-जसीडीह-झाझा-किउल-शेखपुरा-अस्थावां-बिहार शरीफ-राजगीर
    • दिन: सप्ताह में 3 दिन (हावड़ा से रवि, मंगल व शुक्र | नटेसर से सोम, बुध व शनि)
    • समय: हावड़ा से रात 23:50 बजे घटकर अगले दिन 05:10 बजे जसीडीह, 11:05 बजे राजगीर और 12:00 बजे नटेसर पहुंचेगी। वापसी में नटेसर से दोपहर 13:00 बजे खुलकर 20:25 बजे जसीडीह होते हुए अगले दिन तड़के 04:30 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
    • अवधि: 05 जुलाई से 30 सितंबर 2026

    7. रांची – भागलपुर – रांची स्पेशल (08690/08689)

    • रूट: बोकारो-गोमो-कोडरमा-तिलैया-नवादा-किउल-जमालपुर-सुल्तानगंज
    • दिन: सप्ताह में 2 दिन (रांची से रवि व बुध | भागलपुर से सोम व गुरु)
    • समय: रांची से शाम 17:40 बजे खुलकर अगले दिन तड़के 05:25 बजे सुल्तानगंज व 06:30 बजे भागलपुर पहुंचेगी। वापसी में भागलपुर से सुबह 09:10 बजे घटकर 09:35 बजे सुल्तानगंज होते हुए रात 22:20 बजे रांची पहुंचेगी।
    • अवधि: 26 जुलाई से 10 सितंबर 2026

    8. रांची – भागलपुर – रांची स्पेशल (08646/08645)

    • रूट: बरकाकाना-हजारीबाग टाउन-कोडरमा-तिलैया-नवादा-किउल-जमालपुर-सुल्तानगंज
    • दिन: सप्ताह में 2 दिन (रांची से सोम व शुक्र | भागलपुर से मंगल व शनि)
    • समय: रांची से शाम 17:30 बजे खुलकर अगले दिन 05:25 बजे सुल्तानगंज व 06:30 बजे भागलपुर पहुंचेगी। वापसी में भागलपुर से सुबह 09:10 बजे खुलकर 09:35 बजे सुल्तानगंज होते हुए रात 21:40 बजे रांची पहुंचेगी।
    • अवधि: 27 जुलाई से 12 सितंबर 2026

    9. बढ़नी – देवघर – बढ़नी श्रावणी मेला स्पेशल (05028/05027)

    • रूट: गोरखपुर-थावे-गोपालगंज-छपरा-हाजीपुर-शाहपुर पटोरी-बरौनी-मुंगेर-सुल्तानगंज-भागलपुर
    • दिन: प्रतिदिन
    • समय: बढ़नी से दोपहर 15:20 बजे खुलकर अगले दिन 01:25 बजे हाजीपुर, 08:20 बजे सुल्तानगंज होते हुए दोपहर 13:00 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से शाम 18:45 बजे खुलकर रात 21:25 बजे सुल्तानगंज होते हुए अगले दिन दोपहर 15:15 बजे बढ़नी पहुंचेगी।
    • अवधि: 28 जुलाई से 30 अगस्त 2026

    10. इतवारी – मधुपुर – इतवारी साप्ताहिक स्पेशल (08895/08896)

    • रूट: गोंदिया-दुर्ग-रायपुर-रांची-बोकारो-धनबाद-चितरंजन
    • दिन: साप्ताहिक (इतवारी से शनिवार | मधुपुर से रविवार)
    • समय: एनएसयूबी इतवारी जंक्शन से शनिवार तड़के 04:30 बजे खुलकर अगले दिन रविवार सुबह 06:00 बजे मधुपुर पहुंचेगी। वापसी में मधुपुर से रविवार सुबह 09:00 बजे खुलकर अगले दिन सोमवार को 11:50 बजे इतवारी पहुंचेगी।
    • अवधि: 01 अगस्त से 30 अगस्त 2026

    11. आसनसोल – गोरखपुर – आसनसोल स्पेशल (03527/03528)

    • रूट: जसीडीह-झाझा-किउल-बरौनी-हाजीपुर-छपरा
    • दिन: प्रतिदिन
    • समय: आसनसोल से रात 21:00 बजे घटकर अगले दिन सुबह 11:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में गोरखपुर से शाम 16:15 बजे घटकर अगले दिन सुबह 08:20 बजे आसनसोल पहुंचेगी।
    • अवधि: 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026

    12. आसनसोल – पटना – आसनसोल स्पेशल (03511/03512)

    • रूट: जसीडीह-झाझा-किउल-मोकामा
    • दिन: प्रतिदिन
    • समय: आसनसोल से शाम 17:00 बजे खुलकर 19:15 बजे जसीडीह होते हुए देर रात 02:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में पटना जंक्शन से तड़के 03:30 बजे खुलकर 10:10 बजे जसीडीह होते हुए दोपहर 13:00 बजे आसनसोल पहुंचेगी।
    • अवधि: 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026

    रेल प्रशासन की अपील: श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि ट्रेन की वास्तविक स्थिति व समय सारणी की सटीक जानकारी के लिए यात्रा शुरू करने से पहले NTES App या 139 रेल मदद हेल्पलाइन का उपयोग अवश्य करें।

  • बीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए रेल प्रशासन का ‘मास्टरस्ट्रोक’: समस्तीपुर मंडल ने पाटलिपुत्र के लिए दौड़ाईं ‘परीक्षा स्पेशल’ ट्रेनें

    बीपीएससी अभ्यर्थियों के लिए रेल प्रशासन का ‘मास्टरस्ट्रोक’: समस्तीपुर मंडल ने पाटलिपुत्र के लिए दौड़ाईं ‘परीक्षा स्पेशल’ ट्रेनें

    समस्तीपुर | स्टार मिथिला न्यूज़ विशेष: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए पूर्व मध्य रेल का समस्तीपुर मंडल ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आया है। परीक्षा के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और परीक्षार्थियों की हताशा को देखते हुए रेल प्रशासन ने आज एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। 14 जून 2026 को समस्तीपुर मंडल ने बेतिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया कोर्ट जैसे प्रमुख स्टेशनों से पाटलिपुत्र के लिए ‘परीक्षा स्पेशल ट्रेनों’ का परिचालन शुरू करने का शंखनाद कर दिया है।

    छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे ने बदली रणनीति

    बीपीएससी परीक्षा के दिन आमतौर पर नियमित ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं होती, जिससे हजारों छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुँच पाते थे। इस गंभीर समस्या को जड़ से मिटाने के लिए समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों ने विशेष रूट तैयार किए हैं। रेलवे का यह ‘मास्टरस्ट्रोक’ न केवल छात्रों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा, बल्कि परीक्षा केंद्रों तक उनकी समय पर उपस्थिति को भी सुनिश्चित करेगा। इस पहल से नियमित यात्री ट्रेनों पर भी भीड़ का बोझ कम होगा, जो रेल प्रबंधन की दूरदर्शिता को दर्शाता है।

    परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत समय-सारणी (Mission Schedule)

    रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित किया है:

    1. बेतिया–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): बेतिया से प्रस्थान कर यह ट्रेन बापूधाम मोतिहारी और मुजफ्फरपुर के मुख्य स्टेशनों को कवर करते हुए सीधे पाटलिपुत्र पहुँचेगी।
    2. बेतिया–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): शाम के समय यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह एक और बड़ी सुविधा है।
    3. मधुबनी–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): मिथिलांचल के छात्रों के लिए विशेष तोहफा! यह ट्रेन दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर जैसे व्यस्त रूटों से होते हुए परीक्षार्थियों को समय पर पाटलिपुत्र पहुँचाएगी।
    4. मुजफ्फरपुर–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): मुजफ्फरपुर के परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।
    5. मुजफ्फरपुर–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): देर शाम यात्रा करने वाले छात्रों के लिए रेलवे ने मुजफ्फरपुर से एक और अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था की है।
    6. पूर्णिया कोर्ट–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): सीमांचल क्षेत्र के छात्रों के लिए बड़ी राहत! यह ट्रेन दौराम मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया के रास्ते पाटलिपुत्र तक जाएगी, जिससे इस पूरे बेल्ट के छात्रों को जबरदस्त फायदा मिलेगा।

    रेलवे प्रशासन की दो-टूक अपील: “टिकट के साथ, शान से करें यात्रा”

    समस्तीपुर रेल मंडल ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे रेलवे की इस जनहितैषी पहल का सम्मान करें। जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है:

    • वैध टिकट ही है पहचान: बिना वैध टिकट के यात्रा न करें।
    • अनुशासन का पालन: स्टेशन पर भीड़ न बढ़ाएं और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।
    • समय का ध्यान: अपनी ट्रेन के प्रस्थान समय से कम से कम एक घंटा पहले स्टेशन पर पहुँचें ताकि किसी भी प्रकार की अफरातफरी से बचा जा सके।

    सकारात्मक बदलाव की बयार

    रेलवे की इस सक्रियता ने साबित कर दिया है कि समस्तीपुर मंडल अब छात्रों और युवाओं की जरूरतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। यह केवल ट्रेनों का परिचालन नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने का एक अभियान है जो बीपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं के माध्यम से समाज में बदलाव का सपना देखते हैं।

    ‘स्टार मिथिला न्यूज़’ रेल प्रशासन के इस साहसी और छात्र-हितैषी निर्णय का स्वागत करता है। हमें उम्मीद है कि यह व्यवस्था परीक्षार्थियों के लिए सुखद और मंगलमय साबित होगी।

    स्टार मिथिला न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट (समस्तीपुर रेल मंडल, पूर्व मध्य रेल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के आधार पर)

  • झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर/मधुबनी: इंतज़ार की घड़ियाँ अब समाप्त होने वाली हैं और पटरियों पर एक नई क्रांति दस्तक देने को तैयार है। भारतीय रेलवे ने उत्तर भारत के गौरव अमृतसर और उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार न्यू जलपाईगुड़ी के बीच नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ (14664/14663) चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि उन हजारों प्रवासी कामगारों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं के सपनों को पंख देने वाली एक जीवनरेखा है, जो बरसों से एक सीधी और सम्मानजनक ट्रेन सेवा की बाट जोह रहे थे.

    मिथिला की माटी को मिला सम्मान इस ट्रेन का सबसे भावुक और सुखद पहलू इसका रूट है, जो सीधे मिथिलांचल के हृदय को छूकर गुजरेगा। जब यह ट्रेन झंझारपुर, सकरी, निर्मली और सरायगढ़ जैसे स्टेशनों पर रुकेगी, तो यह केवल यात्रियों को नहीं बिठाएगी, बल्कि मिथिला की संस्कृति और पंजाब की जीवंतता को आपस में जोड़ेगी. बरसों से अपने घर-परिवार से दूर पंजाब और हरियाणा के खेतों या कारखानों में पसीना बहाने वाले हमारे भाइयों के लिए अब घर पहुँचना न केवल आसान होगा, बल्कि ‘अमृत भारत’ के आधुनिक रेक में उनका सफर अब स्वाभिमान से भरा होगा.

    सफर में दिखेगी आधुनिकता और अपनापन अमृतसर से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 12:45 बजे रवाना होने वाली यह ट्रेन जब शुक्रवार की रात फारबिसगंज, नरपतगंज और राघोपुर के रास्तों से गुजरेगी, तो सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखेगी. वापसी में शनिवार सुबह न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर यह ट्रेन जब सोमवार तड़के अमृतसर पहुँचेगी, तो यह अपने साथ पूरब की खुशबू और यादें लेकर पश्चिम तक जाएगी. आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में सफर करना अब थकावट नहीं, बल्कि एक उत्सव जैसा अनुभव होगा.

    आर्थिक और सामाजिक उन्नति का नया सवेरा यह ट्रेन रक्सौल, सीतामढ़ी और जनकपुर रोड जैसे धार्मिक और व्यापारिक केंद्रों को जोड़कर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय छोटे व्यापारियों के लिए भी संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी. सीतापुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों से होते हुए यह ट्रेन जब पंजाब की सरजमीं पर कदम रखेगी, तो यह उत्तर भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बनेगी. रेलवे का यह कदम उन बुजुर्गों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें अब तीर्थयात्रा या अपनों से मिलने के लिए बार-बार गाड़ियाँ बदलने के कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी.

  • दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर सभी ट्रेन रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग बदला, जोगबनी-दानापुर, जयनगर- मनिहारी, बिहार सम्पर्क क्रांति भी हुई प्रभावित, पढ़े पूरी खबर

    दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर सभी ट्रेन रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग बदला, जोगबनी-दानापुर, जयनगर- मनिहारी, बिहार सम्पर्क क्रांति भी हुई प्रभावित, पढ़े पूरी खबर

    समस्तीपुर-दरभंगा रेल खंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत रामभद्रपुर, हायाघाट और थलवारा स्टेशनों पर दोहरीकरण कार्य के अंतिम चरण को पूरा करने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाना है । इस आधारभूत संरचना विकास के कारण 09 मई से 14 मई 2026 तक रेल यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित रहेगा, जिसके तहत कई ट्रेनों को रद्द, मार्ग परिवर्तित या शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है ।

    रेलवे द्वारा जारी विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:

    रद्द की गई ट्रेनें

    कार्य के दौरान परिचालन कारणों से कई सवारी और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया गया है:

    • समस्तीपुर-जयनगर (55513): यह ट्रेन 11, 12, 13 और 14 मई को रद्द रहेगी ।
    • जयनगर-मनिहारी (15284): 12, 13 और 14 मई को परिचालन बंद रहेगा ।
    • मनिहारी-जयनगर (15283): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • समस्तीपुर-जयनगर (55519): 12, 13, 14 और 15 मई को नहीं चलेगी ।
    • दरभंगा-समस्तीपुर (75254): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • जयनगर-समस्तीपुर (55514): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • आरा-जयनगर (13226): 12, 13 और 14 मई को परिचालन रद्द ।
    • जयनगर-आरा (13225): 13, 14 और 15 मई को रद्द रहेगी ।
    • समस्तीपुर-जयनगर (75209): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • जयनगर-समस्तीपुर (75210): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर (75208): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • जयनगर-समस्तीपुर (55520): 12, 13 और 14 मई को रद्द ।
    • दरभंगा-वाराणसी सिटी (15551): केवल 13 मई को रद्द ।
    • वाराणसी सिटी-दरभंगा (15552): केवल 14 मई को रद्द ।
    • समस्तीपुर-दरभंगा (75253): 14 मई को रद्द ।
    • समस्तीपुर-बरौनी (75240): 14 मई को रद्द ।
    • बरौनी-सोनपुर (75245): 14 मई को रद्द ।
    • समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर (75207): 13 मई को रद्द ।

    मार्ग परिवर्तित ट्रेनें (Diverted Routes)

    कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों जैसे सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और रक्सौल के रास्ते चलाया जाएगा:

    • गोंदिया-रक्सौल (08867): 09 मई को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी होकर ।
    • जयनगर-आरा (13225): 10 मई को शीशो हाल्ट-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • जयनगर-आरा (04651): 12 मई को शीशो हाल्ट-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल (02569): 12, 13 और 14 मई को सीतामढ़ी-रक्सौल-पनियहवा-गोरखपुर के रास्ते ।
    • नई दिल्ली-दरभंगा क्लोन स्पेशल (02570): 11, 12 और 13 मई को गोरखपुर-पनियहवा-रक्सौल-सीतामढ़ी के रास्ते ।
    • जयनगर-अमृतसर (14649) और जयनगर-अमृतसर (14673): 12, 13 और 14 मई को शीशो हाल्ट-सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • चेन्नई सेंट्रल-रक्सौल (07005): 10 मई को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर-सगौली होकर ।
    • दरभंगा-अमृतसर (15211): 12, 13 और 14 मई को सीतामढ़ी-रक्सौल-सगौली होकर ।
    • अमृतसर-जयनगर (14650): 11 मई को मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-शीशो हाल्ट होकर ।
    • अमृतसर-दरभंगा (15212): 11 और 12 मई को सगौली-रक्सौल-सीतामढ़ी होकर ।
    • रक्सौल-चेन्नई सेंट्रल (07006): 13 मई को रक्सौल-सगौली-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • आनंद विहार-जयनगर (12436): 12 मई को पाटलिपुत्र-हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-शीशो हाल्ट होकर ।
    • तिरुपति-रक्सौल (07051): 11 मई को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी होकर ।
    • रक्सौल-तिरुपति (07052): 14 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर होकर ।
    • दरभंगा-अहमदाबाद (15559): 13 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • हावड़ा-रक्सौल (13043): 13 मई को समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी होकर ।
    • दरभंगा-नई दिल्ली (12565): 14 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर होकर ।
    • नई दिल्ली-दरभंगा (12566): 13 मई को मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी होकर ।
    • श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-कामाख्या (15656): 13 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर होकर ।
    • अमृतसर-जयनगर (04652): 13 मई को मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-शीशो हाल्ट होकर ।
    • रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस (12545): 14 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर होकर ।
    • रक्सौल-हावड़ा (13044): 14 मई को सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर होकर ।

    आंशिक समापन/प्रारंभ (Short Termination/Origination)

    • सिकंदराबाद-दरभंगा (17007): 09 मई को बरौनी में और 12 मई को समस्तीपुर में यात्रा समाप्त करेगी ।
    • दरभंगा-सिकंदराबाद (17008): 12 मई को बरौनी से अपनी यात्रा प्रारंभ करेगी ।
    • पटना-जयनगर (15528): 11, 12 और 13 मई को समस्तीपुर तक ही चलेगी ।
    • जयनगर-पटना (15527): 12, 13, 14 और 15 मई को समस्तीपुर से खुलेगी ।
    • सियालदह-जयनगर (13185): 11, 12 और 13 मई को बरौनी में समाप्त होगी ।
    • जयनगर-सियालदह (13186): 12, 13 और 14 मई को बरौनी से खुलेगी ।
    • हावड़ा-जयनगर (13031): 11, 12 और 13 मई को बरौनी में समाप्त होगी ।
    • जयनगर-हावड़ा (13032): 12, 13 और 14 मई को बरौनी से खुलेगी ।
    • जोगबनी-दानापुर (13211): 12, 13 और 14 मई को दरभंगा में समाप्त होगी ।
    • दानापुर-जोगबनी (13212): 12, 13 और 14 मई को दरभंगा से ही खुलेगी ।
    • भागलपुर-जयनगर (15553): 12, 13 और 14 मई को बरौनी तक ही चलेगी ।
    • जयनगर-भागलपुर (15554): 12 और 13 मई को बरौनी से तथा 14 मई को समस्तीपुर से खुलेगी ।
    • रक्सौल-समस्तीपुर (55578): 12, 13 और 14 मई को दरभंगा में समाप्त होगी ।
    • समस्तीपुर-रक्सौल (55577): 13, 14 और 15 मई को दरभंगा से प्रारंभ होगी ।
    • अहमदाबाद-दरभंगा (19165): 10 मई को मुजफ्फरपुर में यात्रा समाप्त करेगी ।
    • दरभंगा-अहमदाबाद (19166): 13 मई को मुजफ्फरपुर से यात्रा प्रारंभ करेगी ।
    • राउरकेला-जयनगर (18105): 12 मई को समस्तीपुर में समाप्त होगी ।
    • जयनगर-राउरकेला (18106): 13 मई को समस्तीपुर से खुलेगी ।
    • सोनपुर-समस्तीपुर (75212): 14 मई को मुजफ्फरपुर में ही समाप्त कर दी जाएगी ।
    • दरभंगा-रक्सौल (75229): 14 मई को सीतामढ़ी से अपनी यात्रा शुरू करेगी ।

    देरी से चलने वाली (Rescheduling) और नियंत्रित ट्रेनें

    • जयनगर-लोकमान्य तिलक (11062): 14 मई को 180 मिनट देरी से खुलेगी । वहीं 10 मई को इसे सकरी-थलवारा के बीच 45 मिनट रोका जाएगा ।
    • जयनगर-कोलकाता (13136): 10 मई को 75 मिनट पुनर्निर्धारित की गई है ।
    • समस्तीपुर-जयनगर (75209): 10 मई को 90 मिनट देरी से खुलेगी ।
    • जयनगर-समस्तीपुर (55514): 11 मई को 50 मिनट की देरी से चलेगी ।
    • आरा-जयनगर (13226): 11 मई को 120 मिनट देरी से खुलेगी ।
    • भागलपुर-जयनगर (15553): 10 मई को 150 मिनट और 11 मई को 60 मिनट देरी से चलेगी ।
    • जयनगर-नई दिल्ली (12561): 14 मई को 60 मिनट की देरी से खुलेगी ।
    • जयनगर-उधना (22563): 14 मई को 150 मिनट देरी से चलेगी ।
    • मैसूर-दरभंगा (12578): 08 मई को बरौनी-समस्तीपुर के बीच 75 मिनट नियंत्रित की जाएगी ।
    • जयनगर-आरा (13225): 11 मई को जयनगर-दरभंगा के बीच 60 मिनट रोकी जाएगी ।
    • उधना-मधुबनी (09151): 13 मई को पटना-समस्तीपुर के बीच 180 मिनट नियंत्रित रहेगी ।

    यात्रियों की सुविधा के लिए 12 और 13 मई को दरभंगा से समस्तीपुर के बीच दोपहर 16:15 बजे एक पैसेंजर स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी । इसके अतिरिक्त, शीशो हाल्ट के रास्ते परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनों का वहां 2 मिनट का अस्थायी ठहराव भी सुनिश्चित किया गया है ।

  • झंझारपुर और फिरोजपुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    झंझारपुर और फिरोजपुर के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    झंझारपुर/मधुबनी: उत्तर बिहार के यात्रियों, विशेषकर मिथिलांचल क्षेत्र के लोगों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी सौगात पेश की है। रेल प्रशासन ने झंझारपुर और पंजाब के फिरोजपुर कैंट के बीच गाड़ी संख्या 04620/04619 फिरोजपुर-झंझारपुर-फिरोजपुर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

    यह कदम गर्मियों की छुट्टियों और यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उठाया गया है, जिससे पंजाब में कार्यरत बिहार के श्रमिकों और आम यात्रियों को आवागमन में अत्यधिक सुविधा होगी।

    परिचालन का समय और शेड्यूल:

    समय सारणी के अनुसार, गाड़ी संख्या 04620 फिरोजपुर कैंट से प्रत्येक शनिवार को दोपहर 14:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 23:30 बजे झंझारपुर जंक्शन पहुँचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 04619 झंझारपुर जंक्शन से प्रत्येक सोमवार को रात 01:00 बजे (सोमवार की अलसुबह) खुलेगी और अगले दिन सुबह 10:40 बजे फिरोजपुर कैंट पहुँचेगी। यह सेवा फिरोजपुर से 18 अप्रैल से 23 मई 2026 तक और झंझारपुर से 20 अप्रैल से 25 मई 2026 के बीच प्रभावी रहेगी।

    इन प्रमुख शहरों को मिलेगा लाभ:

    यह ट्रेन अपने लंबे सफर के दौरान जालंधर सिटी, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी और सकरी जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों पर रुकेगी। इस विस्तृत रूट के कारण न केवल झंझारपुर बल्कि पूरे तराई क्षेत्र और सीमावर्ती इलाकों के लोगों को पंजाब और हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक शहरों तक पहुँचने के लिए अब अन्य ट्रेनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

    कोच संरचना और सुविधा:

    रेलवे के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना गाड़ी संख्या 14611/14612 के अनुरूप होगी। इसमें सामान्य श्रेणी के साथ-साथ शयनयान (Sleeper) और वातानुकूलित (AC) कोच भी शामिल होंगे, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार टिकट बुक करने का विकल्प मिलेगा। स्थानीय लोगों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे झंझारपुर से पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को एक सुलभ विकल्प मिल गया है।

  • जोगबनी-दानापुर इंटरसिटी पर पथराव करने वाला आरोपी गिरफ्तार

    जोगबनी-दानापुर इंटरसिटी पर पथराव करने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मधुबनी: झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं के विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 3 अप्रैल 2026 को गाड़ी संख्या 13211 जोगबनी-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हुए पथराव के मामले में आरपीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी मधुबनी जिले के अररिया संग्राम थाना क्षेत्र के खरोआ ग्राम का निवासी भीम कुमार सदाय बताया जा रहा है।

    घटना का विवरण और गिरफ्तारी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल को जब जोगबनी-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस तमुरिया स्टेशन के समीप थी, तभी अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा ट्रेन पर पथराव किया गया। इस पथराव में ट्रेन के कोच संख्या B-1 का विंडो ग्लास (खिड़की का शीशा) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। इस गंभीर घटना को लेकर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट, दरभंगा में रेल अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में 4 अप्रैल 2026 को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर तमुरिया स्टेशन के पास से भीम कुमार सदाय को हिरासत में लिया गया।

    विवाद के कारण पत्थरबाजी और आरोपी का कबूलनामा

    पूछताछ के दौरान आरोपी भीम कुमार सदाय ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदि है। घटना वाले दिन ट्रेन में उसका किसी सहयात्री के साथ झगड़ा हो गया था। उसी विवाद के कारण उसने सहयात्री को मारने की नीयत से पत्थर चलाया था, लेकिन निशाना चूक गया और पत्थर सीधे कोच के खिड़की वाले शीशे पर जा लगा, जिससे वह टूट गया। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अग्रिम कार्रवाई हेतु रेलवे न्यायालय, समस्तीपुर भेज दिया है।