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Samastipur

  • झंझारपुर निर्मली रेलखंड सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनाया गया है, ये हम नह…

    झंझारपुर निर्मली रेलखंड सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनाया गया है, ये हम नह…

    झंझारपुर निर्मली रेलखंड सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनाया गया है, ये हम नहीं रंग बिरंगी मालगाड़ी खुद कह रही है।

    झंझारपुर होकर प्रतिदिन दर्जन से अधिक मालगाड़ी गुजरती है। कभी JCB, कभी पोकलेन, कभी सीमेंट, कभी गिट्टी, कभी चिप्स और न जाने क्या सब?

    जब मालगाड़ी चल सकती है तो यात्री ट्रेन क्यों नहीं? क्या इस क्षेत्र में रेल यात्री नहीं है?

    गलगलिया अररिया फारबिसगंज झंझारपुर दरभंगा एक शॉर्ट रूट होने के साथ नया रूट है इस रूट पर यात्री ट्रेन की जरूरत है।

    रक्सौल से न्यू जलपाईगुड़ी वाया फारबिसगंज झंझारपुर
    गुवाहाटी से दिल्ली वाया फारबिसगंज झंझारपुर
    कटिहार से मुंबई वाया फारबिसगंज झंझारपुर
    दरभंगा से हावड़ा वाया फारबिसगंज झंझारपुर
    कटिहार से दिल्ली वाया फारबिसगंज झंझारपुर

    बंगलुरू, रांची, हैदराबाद, भोपाल, कटरा, डिब्रूगढ़, अयोध्या और न जाने कितने ट्रेनों की इस क्षेत्र को जरूरत है। पर Ministry of Railways, Government of India को चलाना सिर्फ मालगाड़ी है।

    इस त्यौहार इस रूट पर एक भी स्पेशल ट्रेन नहीं चली, क्या इस क्षेत्र के लिए त्यौहार नहीं है? Drm Samastipur Sanjay Kumar Jha Nitish Mishra

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    10 रुपए का टिकट नहीं खरीद सकते लेकिन जब पकड़ा जाए तो हल्ला करना शुरू कर देते हैं।

    झंझारपुर जंक्शन पर लगातार टिकट चेकिंग किया जाता है। ताकि रेल यात्रियों के बीच सजगता फैले। रेल यात्री टिकट लेकर यात्रा करे। लेकिन सैकड़ों लोग प्रतिदिन बिना टिकट का यात्रा करते हैं।

    जब TT के द्वारा टिकट की मांग की जाए तो इस प्रकार से हल्ला करते हैं। रेल आपकी संपति है कृपया टिकट न लेकर इसे नुकसान न पहुंचाएं।

    किसी भी परेशानी से बचने के लिए टिकट लेकर यात्रा करें। Drm Samastipur East Central Railway Ministry of Railways, Government of India

  • झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस ट्रेन में जनरल कोच बढ़ाया जाए ।

    यह जोगबनी से निर्मली, घोघरडीहा, तमुरिया, झंझारपुर होकर चलने वाली एकमात्र ट्रेन है जो इस क्षेत्र को दानापुर या राज्य की राजधानी से जोड़ती है।

    इस ट्रेन में अधिक से अधिक जनरल कोच की संख्या होने से अत्यधिक रेल यात्रियों को लाभ मिलेगा। प्रस्ताव के अनुसार इस ट्रेन में 6 कोचों की संख्या बढ़ाना है, इसमें 6 जनरल कोच बढ़ाया जाए।

    Drm Samastipur Ministry of Railways, Government of India

  • झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस ट्रेन में जनरल कोच बढ़ाया जाए ।

    यह जोगबनी से निर्मली, घोघरडीहा, तमुरिया, झंझारपुर होकर चलने वाली एकमात्र ट्रेन है जो इस क्षेत्र को दानापुर या राज्य की राजधानी से जोड़ती है।

    इस ट्रेन में अधिक से अधिक जनरल कोच की संख्या होने से अत्यधिक रेल यात्रियों को लाभ मिलेगा।

    Drm Samastipur

  • झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस…

    झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस 13211/ 12 में जनरल कोच बढ़ाने की आवश्यकता है। कृपया इस ट्रेन में जनरल कोच बढ़ाया जाए Drm Samastipur Ministry of Railways, Government of India

  • 70वें रेल सप्ताह में समस्तीपुर मंडल का दबदबा, 12 शील्ड जीतकर रचा इतिहास

    70वें रेल सप्ताह में समस्तीपुर मंडल का दबदबा, 12 शील्ड जीतकर रचा इतिहास

    समस्तीपुर। पूर्व मध्य रेलवे के 70वें रेल सप्ताह समारोह में समस्तीपुर मंडल ने अपनी कार्यकुशलता और समर्पण का लोहा मनवाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रेलवे द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में मंडल को विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कुल 12 विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (VRSP) शील्ड से नवाजा गया। यह उपलब्धि मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, तकनीकी दक्षता और यात्रियों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम मानी जा रही है। रेल प्रशासन ने इसे मंडल के गौरवशाली इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में देखा है।

    समारोह के दौरान वाणिज्यिक और व्यवसायिक विकास के क्षेत्र में मंडल का प्रदर्शन सराहनीय रहा। वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती अनन्या स्मृति के नेतृत्व में वाणिज्य विभाग ने न केवल ‘वाणिज्यिक दक्षता शील्ड’ जीती, बल्कि ‘बेस्ट परफॉर्मेंस इन बिजनेस डेवलपमेंट’ का खिताब भी अपने नाम किया। इसके अतिरिक्त, मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा और अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री सन्नी सिन्हा के मार्गदर्शन में राजभाषा विभाग को ‘राजभाषा अन्तर डिविजिनल दक्षता शील्ड’ प्रदान की गई। इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वरीय मंडल इंजीनियर (समन्वय) श्री संजय कुमार को ‘इंजीनियरिंग दक्षता शील्ड’ से सम्मानित किया गया।

    संसाधनों के प्रबंधन और तकनीकी सेवाओं में भी समस्तीपुर मंडल अग्रणी रहा। भंडार विभाग ने श्री गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में ‘स्क्रैप निस्तारण शील्ड’ जीती, जबकि चिकित्सा सेवाओं में बेहतरीन कार्य के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक श्री सुनील कुमार को ‘चिकित्सा दक्षता शील्ड’ सौंपी गई। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग को पंकज कुमार के नेतृत्व में दूरसंचार दक्षता के लिए पुरस्कृत किया गया। यांत्रिक विभाग ने भी अपनी धाक जमाई, जिसमें श्री दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में ‘बेस्ट कोचिंग डिपो’ और ‘स्टेशन साफ-सफाई (सलौना)’ के लिए शील्ड प्राप्त की गई। वहीं, श्री अरविंद कुमार के नेतृत्व में ‘बेस्ट डीजल शेड’ का पुरस्कार समस्तीपुर के खाते में आया।

    मंडल की इस चौमुखी सफलता में परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष योगदान रहा। परिचालन विभाग को वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक श्री विजय प्रकाश के नेतृत्व में ‘समग्र दक्षता शील्ड’ प्रदान की गई। विद्युत (ओपी) विभाग ने नरकटियागंज के लिए ‘बेस्ट रनिंग रूम’ का पुरस्कार जीता। इन पुरस्कारों को ग्रहण करते समय टीम वर्क की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहाँ मंडल रेल प्रबंधक ने संबंधित शाखाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से पुरस्कार स्वीकार किए। इस अवसर पर श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान हर उस रेलकर्मी का है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी सेवा को सर्वोपरि रखा।

    शील्ड के साथ-साथ व्यक्तिगत उत्कृष्टता को भी महाप्रबंधक द्वारा सराहा गया। मंडल के 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके व्यक्तिगत विशिष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। इनमें वरीय मंडल सामग्री प्रबंधक श्री गौरव कुमार सिंह, वरीय मंडल इंजीनियर श्री उत्कर्ष कुमार और सहायक कार्मिक अधिकारी श्री त्रिलोकनाथ वर्मा सहित लेखा, कार्मिक, सुरक्षा और तकनीकी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। यह समारोह समस्तीपुर मंडल की उस निरंतर यात्रा का प्रमाण है, जो भविष्य में सुरक्षित और आधुनिक रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है।

  • वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन को मिली हरी झंडी, समस्तीपुर मंडल के मानसी स्टेशन होकर गुजरेगी

    वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन को मिली हरी झंडी, समस्तीपुर मंडल के मानसी स्टेशन होकर गुजरेगी

    विशेष संवाददाता, समस्तीपुर/पटना : बिहार के रेल यातायात के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए ताजा बजट में समस्तीपुर रेल मंडल समेत पूरे बिहार के लिए सौगातों की बौछार कर दी गई है। इस बजट की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा बिहार की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर है। यह हाई-स्पीड ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक चलेगी, जिसका एक प्रमुख स्टॉपेज समस्तीपुर रेल मंडल के मानसी स्टेशन पर होने की प्रबल संभावना है।

    रेलवे मंत्री की इस बड़ी घोषणा के बाद रेलवे प्रशासन ने धरातल पर तैयारी तेज कर दी है। डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इस परियोजना की पुष्टि करते हुए बताया कि बिहार के रेल विकास के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है।

    बिहार को मिला ₹10,379 करोड़ का विशेष फंड

    डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस वित्तीय वर्ष में बिहार में रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 10,379 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।

    उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में समस्तीपुर समेत बिहार के विभिन्न रेल मंडलों में करीब 19,158 करोड़ रुपए की लागत से दर्जनों प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। राज्य में पहले से ही 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनों का सफल परिचालन किया जा रहा है, जो यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही हैं।

    हाई-स्पीड कॉरिडोर: 3 घंटे से भी कम में पटना से सिलीगुड़ी

    बुलेट ट्रेन परियोजना बिहार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी रूट के लिए एक विशेष हाई-स्पीड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

    • समय की बचत: वर्तमान में पटना से सिलीगुड़ी जाने में यात्रियों को 8 से 10 घंटे का समय लगता है, लेकिन बुलेट ट्रेन इस दूरी को मात्र 2 घंटे 55 मिनट में समेट देगी।
    • मानसी स्टेशन का महत्व: यह ट्रेन समस्तीपुर रेल मंडल के मानसी स्टेशन होकर गुजरेगी, जिससे खगड़िया, सहरसा और आसपास के जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    पिंक बुक का इंतजार: इन योजनाओं को मिलेगी गति

    डीआरएम ने बताया कि अगले एक-दो दिनों के भीतर रेलवे की आधिकारिक ‘पिंक बुक’ जारी कर दी जाएगी, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। समस्तीपुर रेल मंडल के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं में फंड मिलने की उम्मीद है:

    1. हसनपुर-सकरी नई रेल लाइन: इस पुरानी परियोजना को बजट मिलने से काम में तेजी आएगी।
    2. दोहरीकरण परियोजना: समस्तीपुर-दरभंगा और मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण कार्य को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
    3. जाम से मुक्ति: समस्तीपुर के अटेरन चौक पर आरओबी (ROB) निर्माण के लिए राइट्स (RITES) की टीम सर्वे कर रही है। मंजूरी मिलते ही निर्माण शुरू होगा, जिससे शहरवासियों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
  • बिथान रेलवे स्टेशन पर पहली बार ध्वजारोहण, भावुक हुए स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार चौधरी

    बिथान रेलवे स्टेशन पर पहली बार ध्वजारोहण, भावुक हुए स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार चौधरी

    1. बिथान  :- स्वतंत्रता दिवस का पर्व इस बार बिथानवासियों के लिए अविस्मरणीय बन गया। आज़ादी के बाद पहली बार बिथान रेलवे स्टेशन पर ध्वजारोहण का ऐतिहासिक आयोजन हुआ। जैसे ही स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार चौधरी ने तिरंगा फहराया, उनकी आंखों से खुशी के आँसू छलक पड़े और ग्रामीणों एवं रेल पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए उनका गला भर आया। उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके जीवन का सबसे गर्वित पल है।

    उल्लेखनीय है कि महज चार माह पूर्व ही बिथान स्टेशन से रेल परिचालन की शुरुआत हुई है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस का यह पहला समारोह यहाँ के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। स्टेशन परिसर देशभक्ति गीतों और नारों से गूंज उठा। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी तिरंगे की शान में सराबोर दिखे। ध्वजारोहण कार्यक्रम की देखरेख पॉइंटमैन राम उदगार चौपाल कर रहे थे।

    समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य लोग भी शामिल हुए। इस अवसर पर भाजपा उपाध्यक्ष सनातन कुमार, अधिवक्ता आकाश कुमार, अधिवक्ता सूरज जायसवाल, शुभम कुमार, अभिषेक कुमार, मनीष कुमार, अमन कुमार, आलोक कुमार, मनीष पंजियार, राम ज्ञानी कुमार सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे।

    ग्रामीणों ने बताया कि यह पल पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। लंबे समय के इंतजार के बाद रेल परिचालन शुरू होना और अब तिरंगे का पहली बार स्टेशन पर लहराना – दोनों घटनाएँ बिथान के इतिहास में सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गईं।

  • रेल बजट 2025: समस्तीपुर रेल मंडल को मिले करोड़ों रुपये, दरभंगा-रक्सौल दोहरीकरण और नई रेल लाइनों को मंजूरी – Rail Budget 2025

    रेल बजट 2025: समस्तीपुर रेल मंडल को मिले करोड़ों रुपये, दरभंगा-रक्सौल दोहरीकरण और नई रेल लाइनों को मंजूरी – Rail Budget 2025

    समस्तीपुर, 16 मई 2025:
    पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर रेल मंडल के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 का रेल बजट क्षेत्रीय रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है। पूर्व मध्य रेलवे के “कंसोलिडेटेड बजट स्टेटमेंट” के अनुसार, इस बजट में समस्तीपुर मंडल को नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, और आमान परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए करोड़ों रुपये का आवंटन किया गया है। यह बजट न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि यात्री सुविधाओं और सुरक्षा उपायों में भी सुधार लाएगा।

    नई रेल लाइनों के लिए आवंटन:

    • सकरी-हसनपुर (79 किमी): 38.24 करोड़ रुपये
    • मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी (63 किमी): 0.20 करोड़ रुपये
    • खगड़िया-कुशेश्वरस्थान (44 किमी): 34.23 करोड़ रुपये
    • कोसी पुल: 63.79 करोड़ रुपये
    • दरभंगा-कुशेश्वर स्थान (70.14 किमी): 1.10 करोड़ रुपये
    • सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली वाया सुरसंड (188 किमी): 1.10 करोड़ रुपये
    • अररिया-सुपौल (92 किमी): 2 करोड़ रुपये
    • कुर्सेला-बिहारीगंज (35 किमी): 1.10 करोड़ रुपये
    • मुजफ्फरपुर-दरभंगा (66.9 किमी): 1.10 करोड़ रुपये

    दोहरीकरण और सर्वेक्षण के लिए आवंटन:

    • नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर (255.5 किमी) दोहरीकरण: 3.19 करोड़ रुपये (अंतिम स्थान सर्वेक्षण)
    • रक्सौल-काठमांडू विद्युतीकृत रेल संपर्क (136 किमी): 41 करोड़ रुपये (विदेश मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित)
    • लहेरियासराय-सहरसा (100 किमी): 2.50 करोड़ रुपये (अंतिम स्थान सर्वेक्षण)
    • दरभंगा-सकरी (21 किमी) दोहरीकरण: 0.42 लाख रुपये (एफएलएस)
    • मानसी-सहरसा (45 किमी) दोहरीकरण: 0.90 लाख रुपये (एफएलएस)
    • सकरी-जयनगर (48 किमी) दोहरीकरण: 0.96 लाख रुपये (एफएलएस)

    आमान परिवर्तन के लिए आवंटन:

    • मानसी-सहरसा, सहरसा-दौरम मधेपुरा-पूर्णिया (143 किमी): 40 करोड़ रुपये
    • जयनगर-दरभंगा-नरकटियागंज (268 किमी): 60 करोड़ रुपये
    • सकरी-लौकहा बाजार-निर्मली और सहरसा-फारबिसगंज (206.06 किमी): 50 करोड़ रुपये

    दोहरीकरण के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स:

    • नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर (256 किमी): 4,079.95 करोड़ रुपये
    • बैजनाथपुर-अंदोली और झाझा के बीच सरायगढ़ में बाईपास लाइन (5.42 किमी): 79.15 करोड़ रुपये

    बजट का कुल आबंटन:

    वित्तीय वर्ष 2025-26 में समस्तीपुर रेल मंडल के लिए कुल 3,02,100 करोड़ रुपये की प्राप्तियां अनुमानित हैं, जिसमें 2,26,256 करोड़ रुपये सामान्य कार्य व्यय और 2,000 करोड़ रुपये रेलवे रिजर्व सेफ्टी फंड (RRSK) के लिए आवंटित किए गए हैं।

    यह बजट समस्तीपुर मंडल को भारतीय रेलवे के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नई रेल लाइनों और दोहरीकरण परियोजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

  • अब ललितग्राम से चलेगी वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ललितग्राम को मिला नई दिल्ली की ट्रेन – Lalitgram New Delhi Special

    अब ललितग्राम से चलेगी वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ललितग्राम को मिला नई दिल्ली की ट्रेन – Lalitgram New Delhi Special


    सुपौल: सहरसा और नई दिल्ली के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 12533 और 12534 वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार ललितग्राम तक किया गया है। अब यह ट्रेन सहरसा और नई दिल्ली के बीच एक स्पेशल ट्रेन नम्बर से चलेगी। इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सहरसा यार्ड रिमाडलिंग का कार्य होना है इसलिए कुछ ट्रेनों का विस्तार सरायगढ़ या ललितग्राम तक किया जा रहा है। इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    ललितग्राम से नई दिल्ली की ओर

    गाड़ी संख्या 05515 ललितग्राम-सहरसा स्पेशल 19 मई से प्रतिदिन ललितग्राम से सुबह 03ः45 बजे खुलेगी जो प्रतापगंज 04ः00 बजे, राघोपुर 04ः13 बजे, सरायगढ़ 04ः28 बजे, सुपौल 04ः58 बजे, गढ़बरूआरी 05ः10 बजे होते हुए सुबह 05ः55 बजे सहरसा पहुंचेगी। यहां से यही ट्रेन गाड़ी संख्या 12553 सहरसा – नई दिल्ली वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस बनकर सीधे नई दिल्ली तक जायेगी।

    नई दिल्ली से सहरसा की ओर

    वहीं गाड़ी संख्या 12554 नई दिल्ली – सहरसा वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस अपने पूर्व निर्धारित समय से नई दिल्ली 20ः40 से खुलकर सहरसा 20ः20 बजे पहुंचेगी। सहरसा पहुंचने के बाद यही ट्रेन गाड़ी संख्या 05514 सहरसा – सरायगढ़ स्पेशल बनकर रात्री 20ः45 बजे खुलेगी जो गढ़बरूआरी 21ः03 बजे, सुपौल 22ः15 बजे होते हुए सरायगढ़ 22ः15 बजे पहुंचेगी।

    यहां से यह गाड़ी एक नया ट्रेन नम्बर 05513 सरायगढ़ – सहरसा स्पेशल बनकर सुबह 05ः50 बजे खुलेगी जो सुपौल 06ः18 बजे गढ़बरूआरी 06ः30 बजे होते हुए सहरसा 07ः05 बजे पहुंचेगी।

    सहरसा पहुंचने के बाद इस रैक का सहरसा में सफाई और मेंटेनेंस होगा जो पुनः सहरसा से सहरसा ललितग्राम स्पेशल 05516 बनकर शाम 16ः00 बजे खुलेगी जो गढ़बरूआरी 16ः18 बजे, सुपौल 17ः05 बजे, सरायगढ़ 17ः05 बजे, राघोपुर 17ः23 बजे, प्रतापगंज 17ः38 बजे होते हुए ललितग्राम 18ः10 बजे पहुंचेगी। जो अगले दिन फिर ललितग्राम से सुबह 03ः45 बजे गाड़ी संख्या 05515 बजे खुलेगी जो नई दिल्ली तक सीधे जाएगी।