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  • सीतामढ़ी से शिवहर नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए 201 करोड़ रुपये का टेंडर जारी

    सीतामढ़ी से शिवहर नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए 201 करोड़ रुपये का टेंडर जारी

    उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आई है। पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) प्रशासन द्वारा बहुप्रतीक्षित सीतामढ़ी-शिवहर नई ब्रॉड गेज (BG) रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए आधिकारिक तौर पर बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे ने इस परियोजना के पहले चरण के तहत निर्माण कार्यों के वास्ते 201 करोड़ रुपये से अधिक (₹2,01,38,34,192.11) का भारी-भरकम टेंडर जारी कर दिया है। इस पहल से क्षेत्र में रेल संपर्क के विस्तार और आर्थिक विकास की नई उम्मीदें जाग गई हैं।

    परियोजना का विस्तृत विवरण और टेंडर की मुख्य बातें

    पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन (CAO/CON/NORTH/ECR) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक टेंडर दस्तावेज के अनुसार, यह अनुबंध इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर आधारित है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सीतामढ़ी (स्टेशन को छोड़कर) से रेवासी (शिवहर जिला, स्टेशन सहित) तक लगभग 11.70 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉड गेज लाइन का निर्माण किया जाना है। टेंडर दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि इस खंड पर 25T इंडियन रेलवे स्टैंडर्ड लोडिंग क्षमता के अनुकूल मजबूत ट्रैक अवसंरचना तैयार की जाएगी।

    टेंडर से जुड़ी मुख्य तकनीकी जानकारियां:

    • टेंडर संख्या: ECR-CAO-C-N-EPC-15-26-27
    • स्वीकृत लागत: ₹201.38 करोड़ (₹2,01,38,34,192.11)
    • कार्य पूर्ण करने की अवधि: 730 दिन (दो वर्ष)
    • बिड जमा करने की अंतिम तिथि: 24 दिसंबर 2026 (अपराह्न 02:30 बजे तक)
    • बयाना राशि (Earnest Money): ₹4,02,76,700.00

    क्या-क्या कार्य होंगे शामिल?

    इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत केवल पटरियाँ ही नहीं बिछाई जाएंगी, बल्कि एक समग्र और आधुनिक रेलवे अवसंरचना का विकास किया जाएगा। इसमें व्यापक स्तर पर अर्थ वर्क (मिट्टी भराई), ट्रैक ब्लैंकेटिंग, छोटे और बड़े पुलों (Major & Minor Bridges) का निर्माण, स्टेशन बिल्डिंग का खड़ा किया जाना तथा अन्य सभी आवश्यक तकनीकी व विविध कार्य शामिल हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि पूरी निर्माण प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अनुभवी निर्माण एजेंसियों या अधिकतम 4 सदस्यों वाले जॉइंट वेंचर (JV) / कंसोर्टियम को आमंत्रित किया गया है।

    दो चरणों में बंटी है पूरी मास्टर प्लान परियोजना

    रेलवे की इस वृहद योजना को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है ताकि निर्माण कार्य व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ सके:

    • पहला चरण (सीतामढ़ी से शिवहर/रेवासी): वर्तमान में इसी चरण के अंतर्गत 11.70 किमी लंबे हिस्से के लिए ₹201 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है, जिस पर काम पूरा होने के बाद सीतामढ़ी से रेवासी का संपर्क सीधे तौर पर रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
    • दूसरा चरण (शिवहर से मोतिहारी): इस मास्टर प्लान का अगला और अहम हिस्सा शिवहर को आगे बापूधाम मोतिहारी से जोड़ना है। पहले चरण का काम धरातल पर उतरने के बाद इस रूट को आगे मोतिहारी तक विस्तारित करने की प्रक्रिया को गति मिलेगी, जिससे यह पूरा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण रेल गलियारे (Rail Corridor) के रूप में विकसित हो जाएगा।

    क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार

    स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और रेल प्रेमियों लंबे समय से सीतामढ़ी-शिवहर-मोतिहारी नई रेल लाइन परियोजना के मूर्त रूप लेने का इंतजार कर रहे थे। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने और निर्धारित तिथियां तय होने से यह साफ हो गया है कि अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस रेल लाइन के बन जाने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि उत्तर बिहार के इस पिछड़े हिस्से में व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    संवाददाता, स्टार मिथिला News

  • सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड के कायाकल्प के लिए RVNL को मिला ₹358 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों में उछाल के साथ डिविडेंड का भी ऐलान

    सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड के कायाकल्प के लिए RVNL को मिला ₹358 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों में उछाल के साथ डिविडेंड का भी ऐलान

    स्टार मिथिला न्यूज, ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के सुदृढ़ीकरण और विकास कार्य के लिए ₹358 करोड़ का विशाल वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस महत्वपूर्ण रेलखंड के आधुनिकीकरण से मिथिलांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

    सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए क्यों है अहम?

    सीतामढ़ी और रक्सौल दोनों ही शहर व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं। सीतामढ़ी जहाँ माता सीता की प्राकट्य स्थली होने के कारण धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, वहीं रक्सौल भारत-नेपाल व्यापार का सबसे प्रमुख गेटवे है। इस रेलखंड के अपग्रेड होने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ मालधुलाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी काफी सुगमता मिलेगी।

    ₹358 करोड़ के प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं

    • कुल परियोजना लागत: सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के विकास के लिए ₹358 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
    • कार्यदायी संस्था: इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नवरत्न सरकारी कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को सौंपी गई है।
    • विकास कार्य: इस योजना के तहत पटरी सुदृढ़ीकरण, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार, ट्रैक डबलिंग/इलेक्ट्रिफिकेशन और बुनियादी ढांचागत विकास के कार्य किए जाएंगे।
    • सुगम कनेक्टिविटी: इस परियोजना के पूरा होने से दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी और रक्सौल के बीच रेलगाड़ियों की गति में सुधार होगा और यात्रा समय कम होगा।

    मार्केट में RVNL का जलवा: शेयरों में आई तेजी और डिविडेंड का ऐलान

    ₹358 करोड़ का ऑर्डर मिलने की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में RVNL के शेयरों में जबरदस्त लिवाली देखी गई। निवेशकों के उत्साह के कारण कंपनी के शेयर हरे निशान पर कारोबार करने लगे। इसके साथ ही RVNL के निदेशक मंडल ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड (Dividend) की भी घोषणा की है, जिससे शेयरधारकों में दोहरी खुशी की लहर है।

    क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    स्टार मिथिला न्यूज से बातचीत में रेल विशेषज्ञों ने बताया कि सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड में ₹358 करोड़ के निवेश से न केवल ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मिथिलांचल को पूर्वांचल और मध्य भारत से जोड़ने वाले इस प्रमुख रेल मार्ग के सशक्त होने से पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

  • दरभंगा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस का बाजपट्टी और डुमरा स्टेशनों पर होगा ठहराव, रेल मंत्रालय ने जारी किया आदेश

    दरभंगा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस का बाजपट्टी और डुमरा स्टेशनों पर होगा ठहराव, रेल मंत्रालय ने जारी किया आदेश

    सीतामढ़ी : बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) ने स्थानीय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दरभंगा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव (स्टॉपेज) को मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, अब इस ट्रेन का परिचालन दो नए स्टेशनों पर भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना आने-जाने में काफी सहूलियत होगी।

    इन दो स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन जारी आदेश के मुताबिक, गाड़ी संख्या 15507/15508 दरभंगा-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस को अब बाजपट्टी और डुमरा स्टेशनों पर रोकने का निर्णय लिया गया है। रेलवे बोर्ड ने पूर्व मध्य रेलवे (ECR), हाजीपुर के महाप्रबंधक (परिचालन) और मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक (CPTM) को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। यह ठहराव पूरी तरह से प्रायोगिक आधार (Experimental Basis) पर शुरू किया जा रहा है।

    जल्द तय होगी तारीख रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (कोचिंग)-II, राजेश कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में बताया गया है कि यह नया ठहराव ‘जल्द से जल्द सुविधाजनक तारीख’ (Early Convenient Date) से प्रभावी होगा। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने अभी किसी निश्चित तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इन दोनों स्टेशनों पर ट्रेन रुकने लगेगी।

    टिकटों की बिक्री पर रहेगी रेलवे की नजर रेलवे बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इन दोनों नए स्टेशनों पर टिकटों की बिक्री पर कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रायोगिक अवधि के दौरान होने वाली आय और यात्रियों की संख्या की समीक्षा (Review) करने के बाद ही इस ठहराव को भविष्य में स्थायी करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही, रेलवे ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस ठहराव की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।

  • उत्तर बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात – डुमरा-परसौनी के बीच बनेगा 7 किमी बाइपास ट्रैक

    उत्तर बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात – डुमरा-परसौनी के बीच बनेगा 7 किमी बाइपास ट्रैक

    सीतामढ़ी, 10 अक्टूबर 2025: उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर डुमरा और परसौनी स्टेशनों के बीच 7 किलोमीटर लंबा बाइपास रेल ट्रैक बनाया जाएगा। इस नई लाइन से ट्रेनों का आवागमन सुगम हो जाएगा और सीतामढ़ी जंक्शन पर ट्रेनों की बंचिंग की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना का सर्वे कार्य शुरू हो चुका है, जिससे क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में तेजी आएगी।

    पूर्व मध्य रेलवे के चीफ ट्रांसपोर्ट प्लानिंग मैनेजर (सीटीपीएम) के निर्देश पर समस्तीपुर रेल मंडल के सुपरवाइजर स्तर के अधिकारी संयुक्त रूप से सर्वे कर रहे हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बाइपास बनने के बाद दरभंगा और न्यू जलपाईगुड़ी की ओर जाने वाली मालगाड़ियां सीतामढ़ी स्टेशन को बायपास कर सीधे डुमरा से परसौनी होते हुए दरभंगा पहुंचेंगी। इससे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की कमी और ट्रेनों के लंबे ठहराव की समस्या दूर हो जाएगी।

    “सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन उत्तर बिहार का प्रमुख जंक्शन है, जहां मालगाड़ियों की आवाजाही के कारण मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन अक्सर प्रभावित होता है। बाइपास लाइन के निर्माण से यहां यात्रियों को निर्बाध सेवाएं मिलेंगी और समय पालन में सुधार होगा। स्टेशन अधीक्षक ने बताया, “इससे रेलवे को परिचालन में बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रियों की परेशानी कम होगी।

    “इसके अलावा, पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिया है। कुल 58.740 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के दोहरीकरण पर लगभग 635.39 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। परियोजना में मिट्टी कार्य, छोटे पुलों का निर्माण, स्टेशन भवनों का विकास, प्लेटफॉर्म विस्तार, लेवल क्रॉसिंग और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शामिल है।

    ये दोनों परियोजनाएं न केवल रेल परिचालन को मजबूत करेंगी, बल्कि रामायण सर्किट, बुद्ध सर्किट और शिव सर्किट जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा देंगी। मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी के बीच यात्रा तेज और सुरक्षित हो जाएगी। कुल मिलाकर, डुमरा-परसौनी बाइपास लाइन उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी, जो लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी।