स्टार मिथिला न्यूज, ब्यूरो रिपोर्ट: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) को सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के सुदृढ़ीकरण और विकास कार्य के लिए ₹358 करोड़ का विशाल वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस महत्वपूर्ण रेलखंड के आधुनिकीकरण से मिथिलांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड: उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए क्यों है अहम?
सीतामढ़ी और रक्सौल दोनों ही शहर व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं। सीतामढ़ी जहाँ माता सीता की प्राकट्य स्थली होने के कारण धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, वहीं रक्सौल भारत-नेपाल व्यापार का सबसे प्रमुख गेटवे है। इस रेलखंड के अपग्रेड होने से स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ मालधुलाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी काफी सुगमता मिलेगी।
₹358 करोड़ के प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
- कुल परियोजना लागत: सीतामढ़ी–रक्सौल रेलखंड के विकास के लिए ₹358 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
- कार्यदायी संस्था: इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी नवरत्न सरकारी कंपनी Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) को सौंपी गई है।
- विकास कार्य: इस योजना के तहत पटरी सुदृढ़ीकरण, सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार, ट्रैक डबलिंग/इलेक्ट्रिफिकेशन और बुनियादी ढांचागत विकास के कार्य किए जाएंगे।
- सुगम कनेक्टिविटी: इस परियोजना के पूरा होने से दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी और रक्सौल के बीच रेलगाड़ियों की गति में सुधार होगा और यात्रा समय कम होगा।
मार्केट में RVNL का जलवा: शेयरों में आई तेजी और डिविडेंड का ऐलान
₹358 करोड़ का ऑर्डर मिलने की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में RVNL के शेयरों में जबरदस्त लिवाली देखी गई। निवेशकों के उत्साह के कारण कंपनी के शेयर हरे निशान पर कारोबार करने लगे। इसके साथ ही RVNL के निदेशक मंडल ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड (Dividend) की भी घोषणा की है, जिससे शेयरधारकों में दोहरी खुशी की लहर है।
क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
स्टार मिथिला न्यूज से बातचीत में रेल विशेषज्ञों ने बताया कि सीतामढ़ी-रक्सौल रेलखंड में ₹358 करोड़ के निवेश से न केवल ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा, बल्कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मिथिलांचल को पूर्वांचल और मध्य भारत से जोड़ने वाले इस प्रमुख रेल मार्ग के सशक्त होने से पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

