सोनबरसा कचहरी स्टेशन पर सुरक्षा से खिलवाड़: लो-लेवल प्लेटफॉर्म बना मुसीबत
सहरसा/सोनबरसा: पूर्व मध्य रेल (ECR) के समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत मानसी-सहरसा रेलखंड पर स्थित सोनबरसा कचहरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बेहद कम (लो-लेवल) होने के कारण प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के पायदान (फुटबोर्ड) और प्लेटफॉर्म के बीच अत्यधिक दूरी तथा ऊंचाई का अंतर होने के कारण चढ़ने-उतरने के दौरान दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहती है।

भीड़ बढ़ने पर बढ़ता है हादसों का खतरा
सोनबरसा कचहरी स्टेशन आसपास के दर्जनों ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के यात्रियों के लिए आवागमन का मुख्य केंद्र है। जब भी स्टेशन पर किसी सवारी या एक्सप्रेस ट्रेन का आगमन होता है, तो प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। प्लेटफॉर्म नीचा होने के कारण यात्रियों को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है:
- बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी: वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन के पायदान तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है और अक्सर उन्हें चढ़ने के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ती है।
- फिसलने और गिरने का जोखिम: ट्रेन आने पर आपाधापी की स्थिति में यात्रियों का पैर फिसलने तथा ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने खतरनाक गैप में गिरने का खतरा बना रहता है।
- सामान के साथ चढ़ना कठिन: भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लो-लेवल प्लेटफॉर्म से ट्रेन के कोच में प्रवेश करना काफी जोखिम भरा साबित होता है।
मानकों के विपरीत और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
भारतीय रेलवे के सुरक्षा और बुनियादी ढांचा मानकों के अनुसार, नियमित यात्री ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म को ‘हाई-लेवल’ (उच्च स्तरीय) होना अनिवार्य है, ताकि आधुनिक एलएचबी (LHB) और आईसीएफ (ICF) कोचों के धरातल और प्लेटफॉर्म के बीच का अंतर न्यूनतम रहे। स्थानीय निवासियों और दैनिक रेल यात्रियों का कहना है कि सोनबरसा कचहरी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, परंतु रेल प्रशासन द्वारा अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
रेलवे प्रशासन से जीर्णोद्धार और प्लेटफॉर्म ऊंचा करने की मांग
स्थानीय दैनिक यात्रियों, छात्र संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समस्तीपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और पूर्व मध्य रेल प्रशासन से मांग की है कि सोनबरसा कचहरी स्टेशन को भी बुनियादी ढांचा विकास और सौंदर्यीकरण योजनाओं (जैसे अमृत भारत स्टेशन योजना) में शामिल कर प्लेटफॉर्म को तत्काल ‘हाई-लेवल’ में तब्दील किया जाए। यात्रियों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय रेलवे प्रशासन को समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए।
यात्रियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी (Passenger Advisory)
जब तक रेलवे प्रशासन द्वारा प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य पूरा नहीं किया जाता, तब तक सोनबरसा कचहरी स्टेशन से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है:
- ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय ट्रेन के पूरी तरह से रुकने का इंतजार करें और जल्दबाजी न दिखाएं।
- चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कतई न करें।
- बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ट्रेन में बिठाते समय प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सहायता लें।
- किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए रेलवे के एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें तथा अपनी ट्रेन की सटीक स्थिति जानने के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप का उपयोग करें।
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