सकरी और रैयाम की बंद पड़ी चीनी मिलें होंगी पुनर्जीवित, मिथिला के किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात
Join WhatsApp Channel
सकरी और रैयाम चीनी मिल चालू करने को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, IPL करेगी संचालन
पटना / मधुबनी / दरभंगा। बिहार सरकार ने मिथिलांचल के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए मधुबनी जिले की सकरी और दरभंगा जिले की रैयाम में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 29 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सकरी और रैयाम की बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिल तथा गन्ने के उपोत्पादों (by-products) पर आधारित अन्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इस पूरी परियोजना की स्थापना और संचालन का जिम्मा इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), नई दिल्ली को सौंपा गया है।
प्रोजेक्ट लागत की 40% राशि देगी सरकार बैठक के बाद जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सहकारिता विभाग के इस प्रस्ताव के तहत बैंक मूल्यांकन रिपोर्ट (Bank Evaluation Report) के आधार पर स्वीकृत परियोजना लागत की 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी।
किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा सकरी और रैयाम चीनी मिलों के पुनरुद्धार से उत्तर बिहार, खासकर मधुबनी, दरभंगा और आसपास के जिलों के गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मिलों के चालू होने और बाय-प्रोडक्ट इकाइयों के स्थापित होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
Reporter से सवाल पूछें
सवाल भेजने के लिए login करें।
लॉगिन करें




कमेंट
Read more →अभी कोई स्वीकृत कमेंट नहीं है।