झंझारपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आरपीएफ अधिकारी पर जानलेवा हमला: पांच गिरफ्तार, दो फरार

झंझारपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित टैक्सी स्टैंड और पार्किंग क्षेत्र में सोमवार देर रात (लगभग 11:30 बजे) 10 से 12 असामाजिक तत्वों व स्थानीय लोगों के बीच आपसी विवाद को लेकर उग्र हंगामा हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के प्रभारी अरविंद कुमार के निर्देश पर सहायक उप-निरीक्षक (ASI) विकास कुमार आरपीएफ के जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। जब एएसआई विकास कुमार दोनों पक्षों को शांत कराने और समझाकर मामला निपटाने का प्रयास कर रहे थे, उसी दौरान मोटरसाइकिल से आए कुछ उपद्रवियों ने पीछे से उन पर लाठी-डंडों से अचानक जानलेवा हमला कर दिया।
हमले का प्रभाव और पुलिस कार्रवाई सिर पर लाठी का सीधा और ज़ोरदार वार लगते ही एएसआई विकास कुमार लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़े। इस अचानक हुए हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुस्तैदी दिखाई और मौके से एक हमलावर को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से की गई पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने रेलवे परिसर और आसपास के इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार एवं फरार आरोपियों की जानकारी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपियों की पहचान अमरेश पासवान, लोकेश कुमार, अवधेश पासवान, रामनारायण पासवान और बसंत पासवान के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के राजनपुर (वार्ड संख्या 12) के निवासी हैं। पुलिस की इस तत्परता के बीच दो अन्य आरोपी रात के अंधेरे का फ़ायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फरार आरोपियों में से एक की पहचान झंझारपुर थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में कर ली गई है, जबकि दूसरे अज्ञात आरोपी की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस फरार बदमाशों की गिरफ़्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य स्थिति हमले में घायल एएसआई विकास कुमार को तुरंत इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके सिर के ज़ख्म पर एक टांका लगाया और हाथ की चोट की गंभीरता को देखते हुए एक्स-रे कराया। चिकित्सकों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर और ख़तरे से बाहर बताई गई है।
कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान इस घटना के संदर्भ में घायल एएसआई विकास कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) थाना, दरभंगा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पकड़े गए पाँचों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी सत्यापन के लिए दरभंगा लाया गया है। मामले की आगे की जाँच और अनुसंधान की ज़िम्मेदारी उप-निरीक्षक दिलीप कुमार को सौंपी गई है।
Reporter से सवाल पूछें
सवाल भेजने के लिए login करें।




अपनी प्रतिक्रिया दें