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Laukaha

  • अब लौकही तक चलेगी ट्रेन, सीतामढ़ी-जयनगर-लौकही-निर्मली रेलखंड का निर्माण जल्द होगा शुरू

    अब लौकही तक चलेगी ट्रेन, सीतामढ़ी-जयनगर-लौकही-निर्मली रेलखंड का निर्माण जल्द होगा शुरू

    पटना: बिहार की रेल परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने राज्य को इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। हाल ही में बिहार के योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की, जिसमें रेल मंत्री ने बिहार की रेल योजनाओं के लिए हरसंभव मदद का भरोसा जताया। विशेष रूप से सीतामढ़ी-जयनगर-निर्मली वाया सुरसंड रेल परियोजना और ललितग्राम-वीरपुर रेल परियोजना पर काम शुरू करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

    इस परियोजना को अक्टूबर 2025 में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिली, जिसकी लागत लगभग 2400 करोड़ रुपये है। 189 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन में कुल 25 स्टेशन होंगे, जिनमें 21 नए स्टेशन शामिल हैं, जैसे भूताही, सोनबरसा, सुरसंड, उमगांव, लालमणि और लौकही। मौजूदा स्टेशन सीतामढ़ी, जयनगर, लौकाहा बाजार और निर्मली से यह लाइन गुजरेगी।

    यह परियोजना 2007 में ही स्वीकृत हो चुकी थी, लेकिन 16-18 वर्षों की देरी के बाद अब इसे गति मिलने की उम्मीद है। इससे सीतामढ़ी, मधुबनी और सुपौल जिलों को जोड़ते हुए मिथिला क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत-नेपाल व्यापार में भी सुधार होगा।

    वर्तमान में बिहार में 86 हजार करोड़ रुपये की 52 रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जो कुल 4663 किलोमीटर की हैं। इनमें से कई निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं, और अब तक 30 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 93 रेल स्टेशनों का 3164 करोड़ रुपये से पुनर्विकास हो रहा है। हालांकि, कुछ घोषणाएं अभी भी जमीन पर उतरने का इंतजार कर रही हैं। नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाए हैं, जैसे भूमि अधिग्रहण और सर्वे की स्थिति, तथा इसे पीएम गति शक्ति योजना में शामिल करने की मांग की है।

    मंत्री यादव ने बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना में भी तेजी लाने का आग्रह किया, जिस पर रेल मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का वादा किया। कुल मिलाकर, ये परियोजनाएं बिहार के सीमावर्ती इलाकों में विकास की नई दिशा प्रदान करेंगी।

  • रेलवे और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी: लौकहा रेलखंड पर सुविधाएँ नदारद, यात्री मायूस

    रेलवे और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी: लौकहा रेलखंड पर सुविधाएँ नदारद, यात्री मायूस

    झंझारपुर – लौकहा रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन शुरू हुए एक वर्ष हो चुका है, लेकिन इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर आज भी रेल सुविधा नदारद है। न तो ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है और न ही यात्री सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लगातार की जा रही इस अनदेखी से रेल यात्री अब निराश होते दिख रहे हैं।

    उद्घाटन के बाद भी अधूरे वादे

    इस रेलखंड पर 13 नवंबर 2025 को झंझारपुर से लौकहा तक दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत की गई थी। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, माननीय सांसद (झंझारपुर) रामप्रीत मंडल ने लौकहा में यह घोषणा की थी कि आने वाले एक से दो महीनों में लौकहा से पटना और दरभंगा के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी, लौकहा न तो दरभंगा से जुड़ सका है और न ही पटना से।

    यात्रियों के लिए दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें साबित हुईं ‘लाभहीन’

    रेल यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में चल रही दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों (55501, 02, 03 और 04) से उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है।

    यात्री बोले: “लौकहा से पहली ट्रेन दोपहर 11:00 बजे के बाद झंझारपुर पहुँचती है। इसके बाद, दरभंगा की ओर जाने वाली ट्रेन 14:30 बजे के बाद है। ऐसे में हमें झंझारपुर में लगभग साढ़े तीन घंटे इंतज़ार करना पड़ता है, या फिर बस से आगे की यात्रा करनी पड़ती है। अगर इस ट्रेन का विस्तार दरभंगा या उससे आगे समस्तीपुर तक हो जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।”

    वाशिंग पिट का चुनावी जुमला

    विधानसभा चुनाव वर्ष 2025 के दौरान, माननीय रेल मंत्री ने लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण की घोषणा की थी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद थे। लेकिन, स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घोषणा ज़मीन पर नहीं उतर सकी और इसे केवल एक ‘चुनावी जुमला’ माना जा रहा है।

    सिर्फ आश्वासन, सुविधा नहीं

    लौकहा, खुटौना समेत पूरे रेलखंड के आम जनता का मानना है कि रेल विभाग इस क्षेत्र को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। चुनावी वर्ष में कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित किया गया, पर लौकहा को कुछ नहीं मिला। रेलकर्मी बार-बार सुविधा विस्तार का आश्वासन देते रहे, लेकिन एक वर्ष बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

  • लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, मा. रेलमंत्री ने की घोषणा, पढ़े पूरी खबर

    लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, मा. रेलमंत्री ने की घोषणा, पढ़े पूरी खबर

    झंझारपुरः लौकहा में वाशिंग पिट के निर्माण रास्ता साफ हो गया है। 20 अगस्त 2025 को माननीय रेलमंत्री ने एक बैठक में इसकी घोषणा की है। लौकहा जो की नेपाल बॉर्डर से सटा हुआ एक महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है जहां वाशिंग पिट निर्माण के स्वीकृति मिलने से सम्पूर्ण क्षेत्र को भविष्य में लाभ मिल सकेगा।
    माननीय रेलमंत्री ने अपने बैठक में लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण के घोषणा के साथ से कई अन्य महत्त्वपूर्ण घोषणाएं कि जिसमें आगामी दिपावली और छठ महापर्व पर सम्पूर्ण बिहार से 12000 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। गया जी से दिल्ली, सहरसा से अमृतसर, छपरा से दिल्ली, मुजफ्फरपुर से हैदराबाद एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी। वैशाली से कोडरमा के बीच एक नई बुद्ध सर्किट ट्रेन चलाई जाएगी।

    वाशिंग पिट के फायदे और प्रभाव

    यात्रियों की सुविधाः वाशिंग पिट के निर्माण से लौकहा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की सफाई और रखरखाव में तेजी आएगी, जिससे समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा।
    रोजगार के अवसरः इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर नौकरियों का सृजन होगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
    रेल नेटवर्क का आधुनिकीकरणः यह कदम बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगा।

  • मिथिला की रेल सुविधाओं के लिए सांसदों का जुझा प्रयास, सीतामढ़ी – नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, लौकहा-पटना नई ट्रेन की हुई मांग

    मिथिला की रेल सुविधाओं के लिए सांसदों का जुझा प्रयास, सीतामढ़ी – नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, लौकहा-पटना नई ट्रेन की हुई मांग

    झंझारपुर, 05 अगस्त 2025: मिथिला क्षेत्र के विकास और रेल सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए झंझारपुर के लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल और राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने एकजुट होकर रेल भवन, नई दिल्ली में रेल मंत्री से भावपूर्ण और प्रभावशाली मुलाकात की। इस मुलाकात में मिथिला के हृदय स्थल झंझारपुर, लौकहा, दरभंगा, सीतामढ़ी और सहरसा जैसे क्षेत्रों की रेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांगों को जोर-शोर से उठाया गया। सांसदों की इस पहल ने मिथिला की जनता में एक नई उम्मीद जगाई है, जो वर्षों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रही है। मिथिला की जनता की पुकार, सांसदों की आवाजयह मुलाकात मिथिला क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हो सकती है। सांसदों ने रेल मंत्री के समक्ष न केवल क्षेत्र की रेल समस्याओं को रखा, बल्कि इसे विकास की नई राह देने के लिए ठोस और व्यावहारिक मांगें प्रस्तुत कीं। माननीय रेल मंत्री ने इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे मिथिला की जनता में उत्साह और विश्वास का संचार हुआ है। खासकर ऐसे समय में जब देश में चुनावी माहौल है, यह प्रयास क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात बन सकता है। लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल ने भावुक होकर कहा, “मिथिला की धरती मेहनतकश और संघर्षशील लोगों की धरती है। यहां के लोग बेहतर रेल सुविधाओं के हकदार हैं। हमारी मांगें केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार हैं।” वहीं, राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने जोर देकर कहा, “मिथिला को रेल नेटवर्क के जरिए देश के प्रमुख शहरों से जोड़ना हमारा संकल्प है। लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं इस क्षेत्र को रेलवे के नक्शे पर एक नई पहचान देंगी।”मांगें जो बदलेंगी मिथिला की तस्वीरसांसदों ने रेल मंत्री के समक्ष मिथिला क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं, जो न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देंगी

    लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल की प्रमुख मांगें:

    1. लौकहा में वाशिंग पिट का निर्माण: यह सुविधा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ट्रेनों की बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करेगी।
    2. लौकहा-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस (वाया दरभंगा): यह ट्रेन मिथिला और बिहार की राजधानी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
    3. दरभंगा-गुवाहाटी नई एक्सप्रेस ट्रेन: पूर्वोत्तर भारत से मिथिला का रेल संपर्क मजबूत होगा।
    4. 05735/36 कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस का पुनः परिचालन: यह ट्रेन यात्रियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करेगी।
    5. 05580/79 का नियमित परिचालन: नियमित ट्रेन सेवा से स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
    6. दरभंगा-अमृतसर जननायक एक्सप्रेस का लौकहा तक विस्तार: इससे क्षेत्र के लोग पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से सीधे जुड़ सकेंगे।
    7. सहरसा-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर): यह ट्रेन क्षेत्र को आधुनिक रेल सुविधाओं से जोड़ेगी।
    8. लौकहा-हावड़ा एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर, फारबिसगंज): कोलकाता और पूर्वी भारत से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
    9. लौकहा-नई दिल्ली एक्सप्रेस (वाया दरभंगा, सीतामढ़ी): राष्ट्रीय राजधानी से सीधा संपर्क मिथिला के विकास को नई दिशा देगा।
    10. दरभंगा-पाटलिपुत्र मेमू का लौकहा तक विस्तार: स्थानीय यात्रियों के लिए दैनिक आवागमन आसान होगा।
    11. जोगबनी-रक्सौल का टर्मिनल सिलीगुड़ी तक विस्तार: इससे उत्तर बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क मजबूत होगा।
    12. 13202/01 का लौकहा तक विस्तार: यह मांग क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और सशक्त करेगी।

    राज्यसभा सांसद श्री संजय झा की प्रमुख मांगें:

    1. सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस: यह ट्रेन मिथिला को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने का एक बड़ा कदम होगी।
    2. लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स: यह क्षेत्र को रेलवे का हब बनाएगा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा।
    3. मनीगाछी में मेमू शेड: यह सुविधा स्थानीय रेल परिचालन को और कुशल बनाएगी।
    4. सहरसा-जम्मूतवी वंदे भारत एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर): यह आधुनिक ट्रेन क्षेत्र को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प देगी।
    5. लौकहा-मुम्बई अमृत भारत एक्सप्रेस: मिथिला से देश की आर्थिक राजधानी तक सीधा संपर्क बनेगा।
    6. लौकहा/झंझारपुर से पूणे: यह मांग मिथिला के लोगों को पश्चिमी भारत से जोड़ेगी।
    7. फारबिसगंज से मैसूर: दक्षिण भारत के साथ रेल संपर्क को बढ़ावा देगी।
    8. लौकहा-भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (वाया सहरसा): यह ट्रेन स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए बड़ी सौगात होगी।

    मिथिला की जनता में जगी नई उम्मीदसांसदों की इस पहल ने मिथिला की जनता में एक नई आशा का संचार किया है। लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र के लिए रेल सुविधाओं का विस्तार न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। खासकर लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। मिथिला की जनता ने सांसदों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने भावुक होकर कहा, “हमारी धरती को अब वह सम्मान और सुविधाएं मिलेंगी, जिसकी वह हकदार है। सांसदों का यह प्रयास हमें गर्व से भर देता है।”आगे की राहरेल मंत्री के आश्वासन और सांसदों के दृढ़ संकल्प ने मिथिला के लोगों में विश्वास जगाया है कि जल्द ही उनकी मांगें हकीकत में बदलेंगी। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि मिथिला के विकास की नींव रखने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। अगर ये मांगें पूरी होती हैं, तो मिथिला न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के रेल नक्शे पर एक चमकता सितारा बनकर उभरेगा। इस मुलाकात ने मिथिला की जनता को यह भरोसा दिलाया है कि उनके सांसद उनके हितों के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें रेल मंत्रालय की कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र के लिए एक नई सुबह ला सकती है।

  • लौकहा-पाटलिपुत्र मेमू स्पेशल ट्रेन 15 जून से बंद, यात्रियों ने की पटना के लिए नियमित ट्रेन की मांग

    लौकहा-पाटलिपुत्र मेमू स्पेशल ट्रेन 15 जून से बंद, यात्रियों ने की पटना के लिए नियमित ट्रेन की मांग

    झंझारपुर: झंझारपुर होकर लौकहा और पाटलिपुत्र के बीच चलने वाली लौकहा-पाटलिपुत्र मेमू स्पेशल ट्रेन 15 जून से बंद हो जाएगी। रेलवे के अनुसार, पूरी में तीन मेमू रैक की मांग के कारण यह निर्णय लिया गया है। गाड़ी संख्या 05574 (पाटलिपुत्र-लौकहा मेमू स्पेशल) 15 जून से और गाड़ी संख्या 05573 (लौकहा-पाटलिपुत्र मेमू स्पेशल) 16 जून से अगले आदेश तक बंद रहेगी। इस ट्रेन के पुनः परिचालन को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

    लौकहा से पटना के लिए नियमित ट्रेन की मांग

    आमान परिवर्तन पूरा होने के बावजूद लौकहा से पटना के लिए नियमित ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस क्षेत्र के यात्रियों के साथ-साथ नेपाल के यात्रियों को भी पटना पहुंचने में नियमित ट्रेन की सुविधा से काफी लाभ हो सकता है। वर्तमान में लौकहा से पाटलिपुत्र के बीच चल रही एकमात्र मेमू ट्रेन को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है।

    लौकहा के कुछ रेल यात्रियों ने बताया कि लौकहा से पटना के बीच नियमित ट्रेन की सुविधा होने से इस क्षेत्र के सभी वर्गों को लाभ होगा। यात्रियों ने रेल अधिकारियों से कई बार इस मांग को उठाया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। नियमित ट्रेन की सुविधा शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।