बड़ी सौगात: दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी रूट की चार-लाइनिंग में शामिल हुआ रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज मार्ग, उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल सफर को मिलेगी ऐतिहासिक रफ्तार!
झंझारपुर / डेस्क रिपोर्ट:
भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर यात्री दबाव को कम करने, ट्रेनों की लेटलतिफ़ी खत्म करने तथा आवाजाही को तीव्र गति देने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी (High-Density) रेल रूटों पर चार-लाइनिंग (फोर-लेन) कार्य की बड़ी घोषणा की है। इस विशाल और महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत दिल्ली-गुवाहाटी मुख्य रेल रूट के विस्तार में उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज-सिलीगुड़ी मार्ग को भी आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद से स्थानीय रेल यात्रियों और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह का माहौल है।
11,000 किलोमीटर के नेटवर्क पर होगा कायाकल्प, संभालता है देश का 41% ट्रैफिक
रेलवे की इस विशाल और आधुनिक परियोजना के दायरे में कुल 11,000 किलोमीटर का रेल नेटवर्क कवर किया जाएगा। यह वही रूट नेटवर्क है जिस पर पूरे देश का कुल 41% रेल ट्रैफिक संचालित होता है। इन मार्गों पर अत्यधिक दबाव और सिंगल/डबल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग पर रुकना पड़ता था, जिससे सफर लंबा हो जाता था। अब चार-लाइनिंग होने से इन सभी समस्याओं से स्थायी रूप से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।
रेल मंत्री द्वारा घोषित देश के वे 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी कॉरिडोर इस प्रकार हैं:
- दिल्ली – हावड़ा रूट
- हावड़ा – चेन्नई रूट
- चेन्नई – मुंबई रूट
- मुंबई – दिल्ली रूट
- दिल्ली – चेन्नई रूट
- मुंबई – हावड़ा रूट
- दिल्ली – गुवाहाटी रूट
विस्तृत रूट मैपिंग: दिल्ली से सीधे गुवाहाटी तक बिछेगा आधुनिक चार-लाइन का जाल
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली-गुवाहाटी रूट के पूरे रूट एलाइनमेंट को स्पष्ट किया गया है। इस मार्ग के दायरे में दिल्ली-गाजियाबाद, सीतापुर, गोंडा, गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी से होते हुए सीधे गुवाहाटी तक के भू-भाग को जोड़ा गया है। भविष्य की कार्ययोजना के तहत इन सभी 7 प्रमुख रेलखंडों को चरणबद्ध तरीके से 4 लेन में बदलने की मुकम्मल तैयारी कर ली गई है, जिससे देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों का संपर्क मुख्य राजधानी दिल्ली से और अधिक मजबूत हो जाएगा।

झंझारपुर और मिथिलांचल क्षेत्र को मिलेंगे अभूतपूर्व लाभ
इस घोषणा का सबसे बड़ा फायदा हमारे स्थानीय क्षेत्र यानी झंझारपुर, सरायगढ़, और आसपास के पूरे मिथिलांचल-सीमांचल बेल्ट को मिलने जा रहा है। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और कनेक्टिविटी सुधारने की मांग उठती रही है। चार-लाइनिंग का कार्य पूरा होने से न सिर्फ इस रूट पर एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, बल्कि नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ होगा।
इसके अलावा, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को महानगरों तक पहुँचने के लिए एक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल क्षेत्रीय आवाजाही सुगम होगी, बल्कि उत्तर बिहार में आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और व्यापारिक विकास को भी एक नई और सशक्त गति मिलेगी।
(स्टॉर मिथिला न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)



