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रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड दोहरीकरण: 653 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी

खबर सारांश

परियोजना और टेंडर की मुख्य बातें पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक और बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाने के लिए रक्सौल से नरकटियागंज के बीच […]

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परियोजना और टेंडर की मुख्य बातें

पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक और बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाने के लिए रक्सौल से नरकटियागंज के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य को रफ्तार देने हेतु आधिकारिक तौर पर बड़ा टेंडर जारी कर दिया है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर 653 करोड़ रुपये से अधिक (₹6,53,44,16,475.52) की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।

लागत, समय-सीमा और तकनीकी विवरण

पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण संगठन द्वारा जारी किए गए ई-टेंडर दस्तावेज (टेंडर संख्या: ECR-CAO-C-N-EPC-11-26-27) के अनुसार, यह कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) अनुबंध के तहत सिंगल स्टेज – टू पैकेट सिस्टम के माध्यम से कराया जाएगा। इस परियोजना के तहत रक्सौल (छोड़कर) से नरकटियागंज (छोड़कर) तक कुल 37.80 किलोमीटर लंबे खंड (चेनेंज 189.400 से 227.200) का दोहरीकरण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल विज्ञापित लागत ₹6,53,44,16,475.52 है, जिसमें भाग लेने वाली एजेंसियों के लिए बयाना राशि ₹13,06,88,300.00 निर्धारित की गई है। इस बड़े पैमाने के दोहरीकरण कार्य को पूरा करने के लिए 1380 दिन का समय तय किया गया है, और इसके लिए ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2026 को दोपहर 02:30 बजे तक है।

निर्माण कार्य और संरचना का दायरा

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत इस 37.80 किमी के पूरे हिस्से पर आधुनिक और मजबूत रेलवे अवसंरचना का निर्माण किया जाना है। इसमें मुख्य रूप से 25T इंडियन रेलवे स्टैंडर्ड लोडिंग के अनुकूल मजबूत ट्रैक का निर्माण, व्यापक स्तर पर अर्थ वर्क (मिट्टी भराई) और ट्रैक ब्लैंकेटिंग का कार्य शामिल है। साथ ही, इस खंड के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे और बड़े पुलों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण, यूटिलिटी शिफ्टिंग, स्टेशन भवन और अन्य जरूरी इमारतों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा प्लेटफॉर्म के कार्य, सर्कुलेटिंग एरिया का विकास, लेवल क्रॉसिंग (LC) से जुड़े कार्य और अन्य सभी आवश्यक विविध निर्माण कार्य भी इस परियोजना का हिस्सा हैं। रेलवे द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, इस कार्य में बड़ी निर्माण एजेंसियों के साथ-साथ जॉइंट वेंचर (अधिकतम 14 सदस्य) और कंसोर्टियम (अधिकतम 4 सदस्य) की कंपनियां भी हिस्सा ले सकती हैं।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति

भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल और नरकटियागंज के बीच रेल दोहरीकरण हो जाने से इस रूट पर ट्रेनों के क्रॉसिंग और विलंब की समस्या से स्थाई रूप से निजात मिलेगी। उत्तर बिहार के इस अहम मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही क्षमता में भारी वृद्धि होगी, जिससे न केवल माल ढुलाई और यात्री परिवहन सुगम होगा, बल्कि इस पूरे सीमावर्ती क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक विकास को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।

संवाददाता, स्टार मिथिला News

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