भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुगम परिचालन को प्राथमिकता देते हुए लगातार जरूरी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सकरी जंक्शन–हरनगर रेलखंड पर विशेष रखरखाव और ट्रैक आधुनिकीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके चलते इस रूट पर आगामी 09 अगस्त 2026 (रविवार) को कुल 8 घंटे का ट्रैफिक और पावर ब्लॉक रहेगा।
ब्लॉक का समय और उद्देश्य
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह ट्रैफिक ब्लॉक रविवार को प्रातः 07:00 बजे से दोपहर 15:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस 8 घंटे की लंबी अवधि के दौरान इस रेलखंड पर पटरियों की मजबूती और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगभग 1400 नए स्लीपरों की अनलोडिंग का भारी-भरकम कार्य पूरा किया जाएगा।
परिचालन में बदलाव और निरस्त ट्रेनें
इस मेंटेनेंस कार्य को पूरी सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए इस रूट पर ‘वन ट्रेन ओनली सिस्टम’ लागू किया जाएगा। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस अवधि में निम्नलिखित पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से निरस्त रहेगा:
गाड़ी संख्या 75291: दरभंगा–हरनगर पैसेंजर ट्रेन
गाड़ी संख्या 75294: हरनगर–दरभंगा पैसेंजर ट्रेन
रेल प्रशासन की अपील
निर्धारित समयावधि में स्लीपर अनलोडिंग और रखरखाव का कार्य पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर रेल यातायात को पूरी तरह से सुचारु कर दिया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की अद्यतन (लाइव) स्थिति की जांच अवश्य कर लें। रेल प्रशासन ने यात्रियों को हुई इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
दरभंगा/समस्तीपुर: मिथिलांचल की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं में से एक सकरी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बिथान-कुशेश्वर स्थान-हरनगर डिटूर एलाइनमेंट (Detour Alignment) के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और अंतिम निर्णय लिया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय (पूर्व मध्य रेल) द्वारा रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 20E(1) और 20E(2) के तहत आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) संख्या 2749 प्रकाशित कर भूमि अधिग्रहण की अंतिम घोषणा कर दी गई है। इस घोषणा के साथ ही संबंधित गाँवों की चिन्हित भूमि अब सभी प्रकार के बकाये, दावों और विल्लंगमों से पूरी तरह मुक्त होकर सीधे केंद्र सरकार यानी भारतीय रेलवे के स्वामित्व में आ गई है।
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व रेलवे अधिनियम की धारा 20A(1) के तहत दिसंबर 2025 में उक्त भूमि के अधिग्रहण की मंशा स्पष्ट करते हुए अधिसूचना जारी की गई थी, जिसे जनवरी 2026 में प्रमुख समाचार पत्रों (द टाइम्स ऑफ इंडिया और दैनिक जागरण) में भी प्रकाशित किया गया था। निर्धारित समयावधि के भीतर प्रभावित भू-स्वामियों या किसी अन्य हितबद्ध पक्ष की ओर से कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर अब यह अंतिम मुहर लगाई गई है।
कुशेश्वरस्थान अंचल के इन 7 गाँवों की भूमि होगी प्रभावित
यह पूरा भूमि अधिग्रहण दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान अंचल (ब्लॉक) के अंतर्गत आने वाले कुल 7 गाँवों (मौजा) में किया गया है। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में दो-फसली कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण आवासीय भूखंड भी शामिल हैं। राजपत्र के अनुसार प्रभावित गाँवों और उनके रकबे का विवरण इस प्रकार है:
मौजा- बेर (थाना नं० 212): कृषि के साथ-साथ आवासीय भूमि शामिल।
मौजा- धरशम (थाना नं० 209): विशेष रूप से घनी आवासीय भूमि शामिल।
मौजा- मनैठा (थाना नं० 182): कृषि योग्य भूमि।
विशेष रूप से प्रभावित होंगे बेर और धरशम के आवासीय क्षेत्र
इस परियोजना के एलाइनमेंट में विशेष रूप से मौजा-धरशम (थाना नं० 209) और मौजा-बेर (थाना नं० 212) की घनी आवासीय भूमि आ रही है। खेसरा संख्या 862, 863, 866 और 844 जैसी कई आवासीय जमीनों के अधिग्रहण से यहाँ के स्थानीय रैयतों के मकान व रिहायशी भूखंड सीधे प्रभावित हो रहे हैं। राजपत्र में इन सभी भू-स्वामियों और उनके अभिभावकों के नामों (जैसे मजूरम झा उर्फ रामू झा, बालकृष्ण झा, सूर्य नारायण झा, कृत नारायण झा, गंगाधर झा, श्रीनाथ झा, रामजी पाठक, तारपित नाथ पाठक आदि) को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है ताकि पारदर्शी तरीके से संरचनाओं का मूल्यांकन कर उचित मुआवजा तय किया जा सके।
मुहावजा वितरण और आगे की प्रक्रिया
अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद अब जिला प्रशासन और समस्तीपुर रेल मंडल के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रभावित रैयतों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित दरों और नियमों के अनुसार कृषि तथा आवासीय भूमि का अलग-अलग मूल्यांकन कर सीधे रैयतों के बैंक खातों में राशि भेजी जाएगी। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी प्रभावित भू-स्वामी अपने भूमि संबंधी दस्तावेज, खतियान, केवाला और पहचान पत्र तैयार रखें ताकि आवश्यक सत्यापन के बाद बिना किसी व्यवधान के उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।
क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर: सकरी-हसनपुर रेल लाइन का यह नया खंड जुड़ने से न केवल कुशेश्वरस्थान जैसे सुदूर और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में बाबा हरिहरनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि समूचे मिथिलांचल की रेल कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी इस लाइन का पूरा होना क्षेत्र के किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा।
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आज दिनांक 18/08/2024 को विश्व हिन्दू परिषद के 61 वा स्थापना दिवस विहिप के प्रखंड अध्यक्ष बादल कुमार झा के नेतृत्व में हिरणी में किया गया मौके पर उपस्थित विश्व हिन्दू परिषद के जिला सह मंत्री सुभाष शर्मा भगवाधारी ने कहा विश्व हिंदू परिषद (VHP) की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ पर्व पर भारत की संत शक्ति के आशीर्वाद के साथ हुई थी।
विहिप का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, हिंदू धर्म की रक्षा करना, और समाज की सेवा करना है। भारत के लाखों गांवों और कस्बों में विहिप को एक मजबूत, प्रभावी, स्थायी, और लगातार बढ़ते हुवे संगठन के रूप में देखा जा रहा है।
दुनिया भर में हिंदू गतिविधियों में वृद्धि के साथ, एक मजबूत और आत्मविश्वासी हिंदू संगठन धीरे-धीरे आकार ले रहा है। मौके पर आरएसएस के जिला प्रचारक संजीव सिंह, और इम्प्लस कोटा के संस्थापक एवं विभाग प्रचारक श्री राजेश जी दरभंगा ने अपने संबोधन में संगठन के बारे में विस्तार से बताया, आरएसएस के धर्म प्रचारक सुबोध झा, जिला सह संयोजक प्रिंस नायक, आरएसएस के जिला कार्यवाहक सतेंद्र जी,जिला सुरक्षा प्रमुख मुकेश पटेल, धर्म प्रसार प्रचार अंकित कुमार, विकाश राय, हवालाल यादव, कमलनाथ यादव, आदर्श कुमार, सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
Heroes of Hirni के तत्वावधान में आयोजित 9वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2025 अंतर्गत आज दिनांक 16 अगस्त को भव्य रथयात्रा, भजन-कीर्तन एवं दही-हांडी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
सुबह से ही वातावरण भक्तिमय रहा। रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु श्रीकृष्ण-राधा के झांकी दर्शन कर मंत्रमुग्ध हुए। भजन-कीर्तन की संध्या में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ युवाओं ने भी अपनी प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
दही-हांडी कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। टोली बनाकर युवाओं ने न केवल अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया बल्कि एकता और भाईचारे का भी अद्भुत संदेश दिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के युवा उपस्थित रहे, अनेक समाजसेवी एवं ग्रामीण शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में Heroes of Hirni टीम के सभी सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
ग्रामवासियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। महोत्सव का अगला चरण 17 अगस्त को आयोजित प्रतियोगिता है, जिसमें विजेताओं को ₹11,000 का आकर्षक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।