Star Mithila Newsमिथिला का सबसे विश्वसनीय नॉन टैबलॉयड चैनल !!
खबर

सकरी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना को रफ्तार: कुशेश्वरस्थान अंचल के 7 गाँवों में भूमि अधिग्रहण की अंतिम राजपत्र अधिसूचना जारी

खबर सारांश

दरभंगा/समस्तीपुर: मिथिलांचल की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं में से एक सकरी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बिथान-कुशेश्वर स्थान-हरनगर डिटूर एलाइनमेंट (Detour Alignment) के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और अंतिम निर्णय लिया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय (पूर्व मध्य रेल) द्वारा रेलवे […]

Star Mithila News
WhatsAppJoin Group
सकरी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना को रफ्तार: कुशेश्वरस्थान अंचल के 7 गाँवों में भूमि अधिग्रहण की अंतिम राजपत्र अधिसूचना जारी
लगभग 4 मिनट

दरभंगा/समस्तीपुर: मिथिलांचल की बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं में से एक सकरी-हसनपुर नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बिथान-कुशेश्वर स्थान-हरनगर डिटूर एलाइनमेंट (Detour Alignment) के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और अंतिम निर्णय लिया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय (पूर्व मध्य रेल) द्वारा रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 20E(1) और 20E(2) के तहत आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) संख्या 2749 प्रकाशित कर भूमि अधिग्रहण की अंतिम घोषणा कर दी गई है। इस घोषणा के साथ ही संबंधित गाँवों की चिन्हित भूमि अब सभी प्रकार के बकाये, दावों और विल्लंगमों से पूरी तरह मुक्त होकर सीधे केंद्र सरकार यानी भारतीय रेलवे के स्वामित्व में आ गई है।

विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इससे पूर्व रेलवे अधिनियम की धारा 20A(1) के तहत दिसंबर 2025 में उक्त भूमि के अधिग्रहण की मंशा स्पष्ट करते हुए अधिसूचना जारी की गई थी, जिसे जनवरी 2026 में प्रमुख समाचार पत्रों (द टाइम्स ऑफ इंडिया और दैनिक जागरण) में भी प्रकाशित किया गया था। निर्धारित समयावधि के भीतर प्रभावित भू-स्वामियों या किसी अन्य हितबद्ध पक्ष की ओर से कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर अब यह अंतिम मुहर लगाई गई है।

कुशेश्वरस्थान अंचल के इन 7 गाँवों की भूमि होगी प्रभावित

यह पूरा भूमि अधिग्रहण दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान अंचल (ब्लॉक) के अंतर्गत आने वाले कुल 7 गाँवों (मौजा) में किया गया है। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में दो-फसली कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण आवासीय भूखंड भी शामिल हैं। राजपत्र के अनुसार प्रभावित गाँवों और उनके रकबे का विवरण इस प्रकार है:

  1. मौजा- बलहा (थाना नं० 190): कुल अधिग्रहित रकबा 73.9050 एकड़ (मुख्यतः कृषि/दो-फसली भूमि)
  2. मौजा- नारायणपुर (थाना नं० 223): कुल अधिग्रहित रकबा 32.5425 एकड़ (कृषि भूमि)
  3. मौजा- लरनी (थाना नं० 185): कुल अधिग्रहित रकबा 6.8175 एकड़ (कृषि भूमि)
  4. मौजा- मनौरीपुर (थाना नं० 222): कुल अधिग्रहित रकबा 4.4025 एकड़ (कृषि भूमि)
  5. मौजा- बेर (थाना नं० 212): कृषि के साथ-साथ आवासीय भूमि शामिल।
  6. मौजा- धरशम (थाना नं० 209): विशेष रूप से घनी आवासीय भूमि शामिल।
  7. मौजा- मनैठा (थाना नं० 182): कृषि योग्य भूमि।

विशेष रूप से प्रभावित होंगे बेर और धरशम के आवासीय क्षेत्र

इस परियोजना के एलाइनमेंट में विशेष रूप से मौजा-धरशम (थाना नं० 209) और मौजा-बेर (थाना नं० 212) की घनी आवासीय भूमि आ रही है। खेसरा संख्या 862, 863, 866 और 844 जैसी कई आवासीय जमीनों के अधिग्रहण से यहाँ के स्थानीय रैयतों के मकान व रिहायशी भूखंड सीधे प्रभावित हो रहे हैं। राजपत्र में इन सभी भू-स्वामियों और उनके अभिभावकों के नामों (जैसे मजूरम झा उर्फ रामू झा, बालकृष्ण झा, सूर्य नारायण झा, कृत नारायण झा, गंगाधर झा, श्रीनाथ झा, रामजी पाठक, तारपित नाथ पाठक आदि) को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है ताकि पारदर्शी तरीके से संरचनाओं का मूल्यांकन कर उचित मुआवजा तय किया जा सके।

मुहावजा वितरण और आगे की प्रक्रिया

अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद अब जिला प्रशासन और समस्तीपुर रेल मंडल के सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रभावित रैयतों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित दरों और नियमों के अनुसार कृषि तथा आवासीय भूमि का अलग-अलग मूल्यांकन कर सीधे रैयतों के बैंक खातों में राशि भेजी जाएगी। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी प्रभावित भू-स्वामी अपने भूमि संबंधी दस्तावेज, खतियान, केवाला और पहचान पत्र तैयार रखें ताकि आवश्यक सत्यापन के बाद बिना किसी व्यवधान के उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।

क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर: सकरी-हसनपुर रेल लाइन का यह नया खंड जुड़ने से न केवल कुशेश्वरस्थान जैसे सुदूर और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में बाबा हरिहरनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि समूचे मिथिलांचल की रेल कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी इस लाइन का पूरा होना क्षेत्र के किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा।

👉 नोट: प्रभावित खेसरा नंबरों और रैयतों की पूरी विस्तृत सूची देखने के लिए हमारे फेसबुक पेज और आधिकारिक वेबसाइट (starmithilanews.in) से जुड़े रहें।

Reporter से सवाल पूछें

सवाल भेजने के लिए login करें।

आपकी प्रतिक्रियायह खबर कैसी लगी?
Star Mithila News WhatsApp Channel से जुड़ेंताज़ा खबरों के अपडेट WhatsApp पर पाएँ

अपनी प्रतिक्रिया दें

अपनी प्रतिक्रिया लिखें

इस खबर पर अपनी राय या प्रतिक्रिया नीचे लिखें।

CORRECTION / REPORTइस खबर में गलती बताएं