Category: अररिया

  • सीतामढ़ी- झंझारपुर-सरायगढ़ होकर गुजरेगी चार रेल लाईन, दिल्ली से गुवाहाटी तक बढ़ेगी रफ्तार, रेलमंत्री ने की घोषणा

    सीतामढ़ी- झंझारपुर-सरायगढ़ होकर गुजरेगी चार रेल लाईन, दिल्ली से गुवाहाटी तक बढ़ेगी रफ्तार, रेलमंत्री ने की घोषणा

    बड़ी सौगात: दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी रूट की चार-लाइनिंग में शामिल हुआ रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज मार्ग, उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल सफर को मिलेगी ऐतिहासिक रफ्तार!

    झंझारपुर / डेस्क रिपोर्ट:

    भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर यात्री दबाव को कम करने, ट्रेनों की लेटलतिफ़ी खत्म करने तथा आवाजाही को तीव्र गति देने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी (High-Density) रेल रूटों पर चार-लाइनिंग (फोर-लेन) कार्य की बड़ी घोषणा की है। इस विशाल और महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत दिल्ली-गुवाहाटी मुख्य रेल रूट के विस्तार में उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज-सिलीगुड़ी मार्ग को भी आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद से स्थानीय रेल यात्रियों और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह का माहौल है।

    11,000 किलोमीटर के नेटवर्क पर होगा कायाकल्प, संभालता है देश का 41% ट्रैफिक

    रेलवे की इस विशाल और आधुनिक परियोजना के दायरे में कुल 11,000 किलोमीटर का रेल नेटवर्क कवर किया जाएगा। यह वही रूट नेटवर्क है जिस पर पूरे देश का कुल 41% रेल ट्रैफिक संचालित होता है। इन मार्गों पर अत्यधिक दबाव और सिंगल/डबल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग पर रुकना पड़ता था, जिससे सफर लंबा हो जाता था। अब चार-लाइनिंग होने से इन सभी समस्याओं से स्थायी रूप से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।

    रेल मंत्री द्वारा घोषित देश के वे 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी कॉरिडोर इस प्रकार हैं:

    1. दिल्ली – हावड़ा रूट
    2. हावड़ा – चेन्नई रूट
    3. चेन्नई – मुंबई रूट
    4. मुंबई – दिल्ली रूट
    5. दिल्ली – चेन्नई रूट
    6. मुंबई – हावड़ा रूट
    7. दिल्ली – गुवाहाटी रूट

    विस्तृत रूट मैपिंग: दिल्ली से सीधे गुवाहाटी तक बिछेगा आधुनिक चार-लाइन का जाल

    इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली-गुवाहाटी रूट के पूरे रूट एलाइनमेंट को स्पष्ट किया गया है। इस मार्ग के दायरे में दिल्ली-गाजियाबाद, सीतापुर, गोंडा, गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी से होते हुए सीधे गुवाहाटी तक के भू-भाग को जोड़ा गया है। भविष्य की कार्ययोजना के तहत इन सभी 7 प्रमुख रेलखंडों को चरणबद्ध तरीके से 4 लेन में बदलने की मुकम्मल तैयारी कर ली गई है, जिससे देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों का संपर्क मुख्य राजधानी दिल्ली से और अधिक मजबूत हो जाएगा।

    झंझारपुर और मिथिलांचल क्षेत्र को मिलेंगे अभूतपूर्व लाभ

    इस घोषणा का सबसे बड़ा फायदा हमारे स्थानीय क्षेत्र यानी झंझारपुर, सरायगढ़, और आसपास के पूरे मिथिलांचल-सीमांचल बेल्ट को मिलने जा रहा है। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और कनेक्टिविटी सुधारने की मांग उठती रही है। चार-लाइनिंग का कार्य पूरा होने से न सिर्फ इस रूट पर एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, बल्कि नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ होगा।

    इसके अलावा, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को महानगरों तक पहुँचने के लिए एक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल क्षेत्रीय आवाजाही सुगम होगी, बल्कि उत्तर बिहार में आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और व्यापारिक विकास को भी एक नई और सशक्त गति मिलेगी।

    (स्टॉर मिथिला न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)

  • झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर/मधुबनी: इंतज़ार की घड़ियाँ अब समाप्त होने वाली हैं और पटरियों पर एक नई क्रांति दस्तक देने को तैयार है। भारतीय रेलवे ने उत्तर भारत के गौरव अमृतसर और उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार न्यू जलपाईगुड़ी के बीच नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ (14664/14663) चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि उन हजारों प्रवासी कामगारों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं के सपनों को पंख देने वाली एक जीवनरेखा है, जो बरसों से एक सीधी और सम्मानजनक ट्रेन सेवा की बाट जोह रहे थे.

    मिथिला की माटी को मिला सम्मान इस ट्रेन का सबसे भावुक और सुखद पहलू इसका रूट है, जो सीधे मिथिलांचल के हृदय को छूकर गुजरेगा। जब यह ट्रेन झंझारपुर, सकरी, निर्मली और सरायगढ़ जैसे स्टेशनों पर रुकेगी, तो यह केवल यात्रियों को नहीं बिठाएगी, बल्कि मिथिला की संस्कृति और पंजाब की जीवंतता को आपस में जोड़ेगी. बरसों से अपने घर-परिवार से दूर पंजाब और हरियाणा के खेतों या कारखानों में पसीना बहाने वाले हमारे भाइयों के लिए अब घर पहुँचना न केवल आसान होगा, बल्कि ‘अमृत भारत’ के आधुनिक रेक में उनका सफर अब स्वाभिमान से भरा होगा.

    सफर में दिखेगी आधुनिकता और अपनापन अमृतसर से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 12:45 बजे रवाना होने वाली यह ट्रेन जब शुक्रवार की रात फारबिसगंज, नरपतगंज और राघोपुर के रास्तों से गुजरेगी, तो सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखेगी. वापसी में शनिवार सुबह न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर यह ट्रेन जब सोमवार तड़के अमृतसर पहुँचेगी, तो यह अपने साथ पूरब की खुशबू और यादें लेकर पश्चिम तक जाएगी. आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में सफर करना अब थकावट नहीं, बल्कि एक उत्सव जैसा अनुभव होगा.

    आर्थिक और सामाजिक उन्नति का नया सवेरा यह ट्रेन रक्सौल, सीतामढ़ी और जनकपुर रोड जैसे धार्मिक और व्यापारिक केंद्रों को जोड़कर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय छोटे व्यापारियों के लिए भी संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी. सीतापुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों से होते हुए यह ट्रेन जब पंजाब की सरजमीं पर कदम रखेगी, तो यह उत्तर भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बनेगी. रेलवे का यह कदम उन बुजुर्गों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें अब तीर्थयात्रा या अपनों से मिलने के लिए बार-बार गाड़ियाँ बदलने के कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी.

  • झंझारपुर को मिली उत्तराखंड की स्पेशल ट्रेन, होली के अवसर पर किशनगंज और लालकुआँ के बीच सफर होगा आसान

    झंझारपुर को मिली उत्तराखंड की स्पेशल ट्रेन, होली के अवसर पर किशनगंज और लालकुआँ के बीच सफर होगा आसान

    आगामी होली के त्योहार के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बिहार के किशनगंज और उत्तराखंड के लालकुआँ के बीच एक विशेष होली स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू करने का बड़ा निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 05741 और 05742 के रूप में संचालित होने वाली यह स्पेशल रेल सेवा साप्ताहिक आधार पर कुल चार फेरे लगाएगी।

    इस ट्रेन के परिचालन से उत्तर बिहार और विशेषकर झंझारपुर क्षेत्र के यात्रियों को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक जाने के लिए सीधा और सुगम विकल्प मिल जाएगा। त्योहार के समय नियमित ट्रेनों में टिकटों की भारी किल्लत को देखते हुए यह कदम यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगा।

    किशनगंज से लालकुआँ के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05741 किशनगंज-लालकुआँ होली स्पेशल का परिचालन 5 मार्च से 26 मार्च के बीच प्रत्येक गुरुवार को किया जाएगा। यह ट्रेन किशनगंज से सुबह 08.30 बजे प्रस्थान करेगी और दोपहर 15.40 बजे झंझारपुर स्टेशन पहुँचेगी। यहाँ दो मिनट के ठहराव के बाद यह 15.42 बजे आगे के लिए रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 15.40 बजे लालकुआँ जंक्शन पहुँचेगी।

    अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन आलुआबारी रोड, ठाकुरगंज, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम, शिशो, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, कप्तानगंज, गोरखपुर, गोंडा, सीतापुर, मैलानी और भोजीपुरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी।

    वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 05742 लालकुआँ-किशनगंज होली स्पेशल का संचालन 6 मार्च से 27 मार्च के बीच प्रत्येक शुक्रवार को किया जाएगा। यह ट्रेन लालकुआँ से रात 20.40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन यानी शनिवार की शाम 17.53 बजे झंझारपुर स्टेशन पर पहुँचेगी। यहाँ से 17.55 बजे प्रस्थान कर यह ट्रेन रात 02.00 बजे किशनगंज पहुँचेगी।

    रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 18 आधुनिक कोच शामिल किए हैं, जिनमें साधारण श्रेणी के साथ-साथ शयनयान और वातानुकूलित कोचों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। झंझारपुर और आस-पास के क्षेत्रों के लोगों ने इस विशेष ट्रेन सेवा के शुरू होने पर हर्ष व्यक्त किया है।

  • जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक को दिया आवश्यक दिशा निर्देश

    जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक को दिया आवश्यक दिशा निर्देश

    जिलाधिकारी द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु दिए गए निर्देश

    बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त में अध्यक्षता डीआरसीसी भवन अररिया में सभी केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, गश्तीदल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं परीक्षा से सम्बद्ध सभी पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

    बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी मार्गदर्षिका अनुरूप परीक्षा कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सुनिष्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। परीक्षा संचालन से जुड़े प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही और सतर्कता के साथ करें। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी, प्रवेश द्वार पर कड़ी जांच तथा केंद्र के अंदर सतत पर्यवेक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    स्टेटिक दंडाधिकारी को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केन्द्र पर केवल परीक्षार्थियों को ही परीक्षा केन्द्र के मुख्य द्वार पर उनके प्रवेश पत्र एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र को दखेकर अन्दर जाने अनुमति देंगे। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश कराने से पूर्व सभी परीक्षार्थियों का संघन फ्रिस्किंग सुनिश्चित की जायेगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग हेतु महिला वीक्षक की प्रतिनियिुक्त करने का निर्देश दिया गया है।

    बैठक में बताया गया इंटरमीडिएट परीक्षा अररिया जिला के कुल 44 परीक्षा केंद्रों पर दिनांक 02 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। जिसमें अररिया अनुमंडल में 23 एवं फारबिसगंज अनुमंडल में 21 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। प्रथम पाली की परीक्षा 9ः30 पूर्वाह्न से 12ः45 अपराह्न तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा 2ः00 अपराह्न से 5ः15 अपराह्न तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित किया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास बी0एन0एस0एस0 की धारा 163 लागू रहेगी।

    इंटरमीडिएट परीक्षा अवधि के दौरान उद्योग भवन अररिया में दूरभाष संख्या 06453-222309 पर जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। इसके प्रभार में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अररिया रहेंगे। वहीं परीक्षा के वरीय प्रभार में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, अररिया श्री नवनील कुमार रहेंगे। बैठक में संबंधित पदाधिकारी गण उपपस्थित थे

  • कटिहार-जोगबनी के बीच चलेगी सात फेरों वाली विशेष ट्रेन

    कटिहार-जोगबनी के बीच चलेगी सात फेरों वाली विशेष ट्रेन

    त्योहारी सीजन में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए, कटिहार (KIR) और जोगबनी (JBN) के बीच एक विशेष पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय 21 अक्टूबर 2025 को लिया गया है और इसका क्रियान्वयन 21 अक्टूबर से ही किया जा रहा है।

    यह विशेष ट्रेन 21.10.2025 से 27.10.2025 की अवधि के लिए चलाई जाएगी और इस दौरान दोनों दिशाओं में कुल सात फेरे लगाएगी। इस ट्रेन के लिए 75756/75755 रेक (Rake) का उपयोग किया जाएगा। यह ट्रेन अस्थायी दैनिक (TOD – Temporary Daily) आधार पर चलाई जा रही है।

    कटिहार से जोगबनी (KIR-JBN) की ओर ट्रेन कटिहार से रात 09:30 बजे (21:30) प्रस्थान करेगी और देर रात 12:45 बजे (00:45) जोगबनी पहुंचेगी।

    जोगबनी से कटिहार (JBN-KIR) की ओर वापसी में, ट्रेन जोगबनी से रात 02:00 बजे (02:00) प्रस्थान करेगी और सुबह 05:30 बजे (05:30) कटिहार पहुंचेगी।

    ट्रेन के स्टॉपेज में डी.एल.एफ. (DLF), राना (RWA), रानीगंज (RNX), पीरनगर (PRNA), कुमारगंज (KUB), झालबाड़ी (JAG), कसमाकुल (KSY), अररिया कोर्ट (ARQ), अररिया (ARR), सीमापुर हॉल्ट (SMH), फारबिसगंज जंक्शन (FBG) और बाथनाहा (BTF) शामिल हैं। हालांकि, इन सभी स्टेशनों पर ठहराव और ट्रेन के कोच की संख्या संबंधी विस्तृत आधिकारिक अधिसूचना अभी जारी होनी बाकी है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है।

    खबर के मुख्य बिंदु (Highlights/Key Points)

    • रूट: कटिहार (KIR) और जोगबनी (JBN) के बीच।
    • संचालन की अवधि: 21.10.2025 से 27.10.2025 तक।
    • फेरों की संख्या: कुल 07 ट्रिप (सात फेरे)।
    • कटिहार से प्रस्थान (KIR-JBN): रात 09:30 बजे (21:30)।
    • जोगबनी आगमन (KIR-JBN): देर रात 12:45 बजे (00:45)।
    • जोगबनी से प्रस्थान (JBN-KIR): रात 02:00 बजे (02:00)।
    • कटिहार आगमन (JBN-KIR): सुबह 05:30 बजे (05:30)।
    • उपयोग किया गया रेक: 75756/75755।
    • मुख्य संभावित ठहराव: डी.एल.एफ., राना, रानीगंज, पीरनगर, कुमारगंज, झालबाड़ी, कसमाकुल, अररिया कोर्ट, अररिया, सीमापुर हॉल्ट, फारबिसगंज जंक्शन, बाथनाहा
  • सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सवारी गाड़ी की संख्या बढ़ाने की मांग हुई तेज

    सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सवारी गाड़ी की संख्या बढ़ाने की मांग हुई तेज

    नरपतगंज (अररिया)।

    सहरसा–फारबिसगंज रेलखंड पर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग इन दिनों जोर पकड़ रही है। बिहार के लोकआस्था के महापर्व छठ के नजदीक आते ही इस रेलखंड पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। लेकिन सीमित ट्रेनों के कारण आम लोगों, खासकर छठ की खरीदारी के लिए बाजार जाने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नरपतगंज स्टेशन पर हर दिन सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ उमड़ रही है, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है।

     

     

    छठ पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ी संख्या

     

    छठ महापर्व बिहार का सबसे बड़ा और लोकआस्था से जुड़ा त्यौहार है। इस पर्व के लिए लोग सहरसा, सुपौल, अररिया और फारबिसगंज जैसे बड़े बाजारों से पूजा सामग्री की खरीदारी करते हैं। लेकिन सहरसा–फारबिसगंज रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या सीमित होने के कारण लोग समय पर अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

     

    नरपतगंज स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। ट्रेनें जब आती हैं तो डिब्बों में तिल रखने की भी जगह नहीं रहती। कई बार लोग छत पर चढ़कर या दरवाजे पर लटककर सफर करते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर भी खतरा बढ़ गया है।

     

    नरपतगंज बाजार में खरीदारी करने पहुंचे अररिया निवासी रमेश तिवारी बताते हैं —

     

    > “छठ पूजा की तैयारी के लिए सहरसा जाना था, लेकिन ट्रेन इतनी भीड़भाड़ वाली थी कि तीन बार कोशिश करने के बाद भी जगह नहीं मिली। मजबूरन बस से जाना पड़ा, जो महंगी भी है और समय भी ज्यादा लगाती है।”

     

     

     

    स्कूल-कॉलेज के छात्रों को हो रही भारी दिक्कत

     

    इस रेलखंड से रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं सफर करते हैं। सुपौल, सहरसा, अररिया और फारबिसगंज के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए ट्रेन सबसे सस्ता और सुविधाजनक साधन है। लेकिन ट्रेनों की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

     

    नरपतगंज निवासी छात्रा रिया झा कहती हैं —

     

    > “सुबह की ट्रेन अगर छूट जाए तो फिर दोपहर तक कोई ट्रेन नहीं मिलती। कॉलेज में लेट पहुंचने के कारण कई बार उपस्थिति कम हो जाती है। अगर रेलवे एक-दो अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनें चलाए तो हमें बहुत राहत मिलेगी।”

     

     

     

    इसी तरह सुपौल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अमन कुमार का कहना है —

     

    > “हम रोज सुबह ट्रेन से कॉलेज जाते हैं, लेकिन भीड़ इतनी होती है कि कई बार स्टेशन से ही वापस लौटना पड़ता है। त्योहार के समय तो हाल और भी खराब हो जाता है।”

     

     

     

    नरपतगंज स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ चरम पर

     

    नरपतगंज रेलवे स्टेशन पर इस समय जनसाधारण एक्सप्रेस के समय दृश्य किसी मेला स्थल जैसा है। टिकट काउंटर पर लंबी लाइनें, प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्री और ट्रेन के आने का बेसब्री से इंतजार करते लोग — यह आम नजारा बन गया है।

     

     

    व्यापारियों और बाजारों पर भी असर

     

    सहरसा, सुपौल और फारबिसगंज के बाजारों में छठ पर्व के दौरान खरीदारों की भारी भीड़ रहती है। लेकिन ट्रेनों की कमी से ग्राहक कम पहुंच रहे हैं। इससे बाजारों में कारोबार प्रभावित हो रहा है।

     

    फारबिसगंज के व्यापारी मोहम्मद शमीम बताते हैं —

     

    > “पहले अररिया, नरपतगंज और सुपौल से लोग बड़ी संख्या में खरीदारी के लिए आते थे। लेकिन अब ट्रेनें कम होने और भीड़ ज्यादा होने के कारण लोग आने से कतराते हैं। इससे व्यापार पर सीधा असर पड़ा है।”

     

     

    स्थानीय लोगों में बढ़ता असंतोष

     

    नरपतगंज और आसपास के गांवों के लोगों ने रेलवे प्रशासन से कई बार मांग की है कि इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं। त्योहारों के अलावा आम दिनों में भी लोगों को कामकाज, इलाज, पढ़ाई और खरीदारी के लिए बार-बार सफर करना पड़ता है। ऐसे में सिर्फ कुछ ट्रेनों पर निर्भर रहना मुश्किल हो गया है।

     

    नरपतगंज नगरपंचायत के वार्ड पार्षद सुरेश पासवान ने बताया,

     

    > “यह रेलखंड हमारे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है, लेकिन जब ट्रेनें ही कम चलेंगी तो इसका लाभ अधूरा रह जाएगा। हमारी मांग है कि कम से कम सुबह और शाम में दो नई पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएं ताकि लोग आसानी से यात्रा कर सकें।”

     

     

     

    महिलाओं और बुजुर्गों को भी मुश्किलें

     

    ट्रेनों की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और वृद्धजनों पर पड़ रहा है। भीड़भाड़ वाले कोच में उन्हें बैठने की जगह तक नहीं मिलती। कई बार उन्हें अपने बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर सफर करना पड़ता है।

     

    नरपतगंज की गृहिणी काजल कुमारी कहती हैं —

     

    > “छठ की खरीदारी के लिए फारबिसगंज जाना था, लेकिन ट्रेन इतनी भरी थी कि हम चढ़ ही नहीं पाए। छोटी बच्ची को लेकर इतना लंबा सफर बस से करना बहुत मुश्किल होता है।”

     

     

    रेल प्रशासन का पक्ष

     

    पूर्व मध्य रेलवे के कटिहार मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे प्रशासन स्थिति पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

     

    > “छठ पर्व के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की योजना बन रही है। इसके अलावा नियमित पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। हमारा लक्ष्य है कि त्योहारों के समय किसी यात्री को परेशानी न हो।”

     

     

     

     

    जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज़

     

     

    > “सहरसा–फारबिसगंज रेलखंड के शुरू होने से क्षेत्र के विकास की नई राह खुली है। लेकिन ट्रेनों की कमी के कारण लोग अभी भी पूर्ण सुविधा नहीं पा रहे हैं। हम छठ पर्व से पहले रेलवे से अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की अपील करेंगे।”

     

     

    साथ ही, अररिया सांसद ने कहा कि वह इस मामले को संसद में उठाएंगे और इस रेलखंड को डबल लाइन व इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ सुदृढ़ करने की मांग करेंगे।

     

     

    स्थानीय संगठनों का आंदोलन

     

    युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी ट्रेनों की कमी को लेकर आंदोलन शुरू किया है। नरपतगंज स्टेशन पर कुछ दिन पहले “रेल सेवा बढ़ाओ अभियान” के तहत सैकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण धरना दिया।

     

    युवा नेता प्रदीप कुमार सिंह ने कहा,

     

    > “जब से यह रेलखंड शुरू हुआ है, लोगों को उम्मीद थी कि यह जीवन आसान करेगा। लेकिन ट्रेनें इतनी सीमित हैं कि आम लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। हम चाहते हैं कि सुबह, दोपहर और शाम — तीनों समय ट्रेनों की सुविधा दी जाए।”

     

     

     

    नरपतगंज रेलवे स्टेशन से सहरसा–फारबिसगंज रेलखंड की स्थिति साफ बताती है कि यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन रेल सेवाएं अभी भी अपर्याप्त हैं। छठ महापर्व जैसे अवसरों पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

     

    यात्रियों, छात्रों, व्यापारियों और किसानों — सभी वर्गों की आवाज एक है: “हमें और ट्रेनें चाहिए।”

    रेल प्रशासन और सरकार को चाहिए कि इस मांग पर शीघ्र कार्रवाई करे, ताकि यह रेलखंड अपने उद्देश्य — जनसुविधा और क्षेत्रीय विकास — को पूरी तरह पूरा कर सके।

     

    सहरसा–फारबिसगंज रेलखंड ने विकास की दिशा में नई शुरुआत की है, लेकिन अगर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो यह सुविधा अधूरी रह

    जाएगी। आने वाले छठ पर्व में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यह कदम समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।

     

  • नरपतगंज प्रखंड में पैर पसारता स्मेक

    नरपतगंज प्रखंड में पैर पसारता स्मेक

     

     

    अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों स्मैक का नशा तेजी से अपने पैर पसार रहा है। यह जहरीला जाल गांव से लेकर कस्बों तक युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कभी शांत और मेहनती जीवन के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब स्मैक की तस्करी और सेवन एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है।

     

    स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जहां शराबबंदी के बाद नशे की प्रवृत्ति में थोड़ी गिरावट आई थी, वहीं अब स्मैक ने उसकी जगह ले ली है। खासकर 15 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के युवा इस नशे के शिकार बनते जा रहे हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूर से लेकर कॉलेज जाने वाले छात्र तक इसकी चपेट में हैं। स्मैक के सेवन से युवाओं का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, परिवार बर्बाद हो रहे हैं और समाज में अपराध की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

     

    स्मैक का गुप्त कारोबार

     

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नरपतगंज बाजार, सोनापुर, रामघाट कोशिकापुर और फुलकाहा जैसे इलाकों में स्मैक की छोटी-छोटी सप्लाई चेन सक्रिय हैं। ये कारोबारी गुप्त रूप से युवाओं को नशे का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा रहे हैं। रात के अंधेरे में सौदेबाजी होती है और पुलिस की नजर से बचने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। बताया जाता है कि नेपाल से आने वाले रास्तों के जरिए भी कुछ मात्रा में स्मैक की आपूर्ति की जाती है।

     

    पुलिस की चुनौती और कार्रवाई

     

    पुलिस प्रशासन ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कई बार छापेमारी अभियान चलाया है। हालांकि कुछ तस्कर गिरफ्तार भी हुए हैं, लेकिन फिर भी नशे का नेटवर्क पूरी तरह नहीं टूट पाया है। थाना प्रभारी का कहना है कि “हम लगातार गश्त और निगरानी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मदद से जल्द ही इस नशे के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।”

    लेकिन सच्चाई यह है कि तस्कर नए-नए तरीकों से पुलिस की पकड़ से बच निकलते हैं।

     

    समाज और परिवार पर असर

     

    स्मैक की लत से प्रभावित युवक धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। परिवार की जमा पूंजी नशे में खत्म हो जाती है, जिसके कारण घरों में झगड़े और टूटन बढ़ रही है। माता-पिता अपने बेटों को सुधारने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई युवाओं ने नशे के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि कुछ चोरी या लूट जैसे अपराधों की ओर बढ़ रहे हैं ताकि नशे के लिए पैसे जुटा सकें।

     

    स्कूल और समाज में जागरूकता की कमी

     

    नरपतगंज क्षेत्र के विद्यालयों और पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति अभियान की बहुत जरूरत महसूस की जा रही है। शिक्षकों और समाजसेवियों का कहना है कि अगर प्रशासन और समाज दोनों मिलकर युवाओं को जागरूक करें तो इस बढ़ते संकट पर अंकुश लगाया जा सकता है। पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति शिविर, जागरूकता रैली और स्कूलों में नशे के दुष्प्रभाव पर विशेष सत्र आयोजित करने की आवश्यकता है।

     

  • नरपतगंज से जनसुराज के उम्मीदवार जनार्दन यादव

    नरपतगंज से जनसुराज के उम्मीदवार जनार्दन यादव

    जनसूराज पार्टी ने नरपतगंज विधानसभा से पूर्व विधायक श्री जनार्दन यादव को बनाया अपना उम्मीदवार।

  • नरपतगंज प्रखंड के रामघाट पंचायत में एक माह से बिजली का आंख मिचोली से ग्रामीण परेशान

    नरपतगंज प्रखंड के रामघाट पंचायत में एक माह से बिजली का आंख मिचोली से ग्रामीण परेशान

    नरपतगंज प्रखंड के अंतर्गत आने वाले रामघाट कोसकापुर पंचायत के लोगों की परेशानी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। यहां के ग्रामीण पिछले कई सप्ताह से बिजली की आंख-मिचौली से जूझ रहे हैं। कभी बिजली आती है तो कभी चली जाती है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही बिजली का खेल शुरू हो जाता है — कभी आती है तो कभी चली जाती है। कई बार तो पूरी रात अंधेरे में बीत जाती है। इस समस्या से छात्र, किसान, दुकानदार और गृहिणियां सभी परेशान हैं। छात्र वर्ग का कहना है कि परीक्षा नजदीक होने के बावजूद वे ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। मोबाइल और लैपटॉप चार्ज न होने से ऑनलाइन पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

    गृहिणियों का कहना है कि बिजली की लगातार कटौती के कारण पानी मोटर से नहीं उठता, जिससे सुबह-शाम की दिनचर्या बाधित हो रही है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि बिजली के अभाव में रेफ्रिजरेटर और इनवर्टर काम नहीं करते, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।

    गांव के किसानों ने बताया कि खेतों की सिंचाई के लिए डीजल इंजन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

    ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर की क्षमता भी कमजोर है और कई बार ओवरलोड होने के कारण बिजली कट जाती है। जबतक विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचते हैं, तबतक घंटों बिजली गुल रहती है।

    इस समस्या को लेकर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विभाग को बार-बार अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे।

  • जोगबनी से इरोड के बीच शुरू होगी अमृत भारत एक्सप्रेस, 15 को पीएम दिखाऐंगे हरि झंडी

    जोगबनी से इरोड के बीच शुरू होगी अमृत भारत एक्सप्रेस, 15 को पीएम दिखाऐंगे हरि झंडी

    फारबिसगंज। पूर्वाेत्तर बिहार के सीमांचल क्षेत्र को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्णिया दौरे के दौरान जोगबनी-ईरोड साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनों का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। जोगबनी से ईरोड जाने वाली ट्रेन का उ‌द्घाटन जोगबनी स्टेशन से किया जाएगा। कटिहार रेल मंडल के मंडल परिचालन प्रबंधक शशांक शेखर एवं मंडल वाणिज्य प्रबंधक संगीता मीणा ने उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को फारबिसगंज स्टेशन का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर आरपीएफ कमांडेंट संदीप कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर शोएब आलम खान, स्थानीय प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह, मंडल सिगनल व दूरसंचार इंजीनियर, सीएमआई राजा कुमार, आईओडब्लू विकास कुमार, स्टेशन प्रबंधक मनोज झा के अलावा डीआर यूसीसी सदस्य बछराज राखेचा, विनोद सरावगी, राकेश रौशन, चंदन भगत सहित बड़ी संख्या में रेलवे के पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। इस दौरान रेलवे स्टेशन स्थित प्लेटफार्म संख्या एक के दक्षिणी छोर पर उद्घाटन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसकी तैयारी मौके पर ही शुरू कर दी गई।

    जोगबनी और इरोड के बीच नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस की समय सारणी जारी कर दी गई है जिससे क्षेत्र के लोगों का सपना अब साकार होते दिख रहा है। जारी अधिसूचना के मुताबिक इरोड – जोगबनी के बीच यह नई ट्रेन अमृत भारत एक्सप्रेस के रैक से सप्ताहिक रूप में चलेगी। भविष्य में दैनिक या परिचालन के दिनों में संशोधन होने की उम्मीद है।

    इरोड से जोगबनी की ओर

    गाड़ी संख्या 16601 इरोज – जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस इरोड से प्रत्येक गुरूवार को सुबह 07ः00 बजे खुलेगी जो बल्हारसाह 06ः25 बजे, कटिहार 16ः05 बजे होते हुए फारबिसगंज के रास्ते जोगबनी शनिवार को शाम में 19ः00 बजे पहुंचेगी। इस दिशा में ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कुल 60 घंटे का समय लेगा।

    जोगबनी से इरोड के बीच

    वहीं गाड़ी संख्या 16602 जोगबनी – इरोड अमृत भारत एक्सप्रेस जोगबनी से रविवार को 15ः15 बजे खुलेगा जो कटिहार 17ः40 बजे, बल्हारसाह 07ः15 बजे होते हुए गुडूर के रास्ते इरोड 07ः30 बजे पहुंचेगी और इस दिशा में अपने यात्रा के दौरान यह ट्रेन कुल 64 घंटे में अपनी यात्रा तय करेगी।

    विभिन्न स्टेशनों पर रूकेगी ट्रेन

    अपने यात्रा के दौरान यह ट्रेन सलेम, जोलारपेट्टई, काटपाडी, अराकोणम, पेरम्बूर, नायडूपेटा, गुडूर ओंगोल, वलजयवाड़ा, खम्मम, वारंगल, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, सेवाग्राम, नागपुर, बैतूल घोड़ाडोंगरी, इटारसी, पिपरिया गाडरवारा, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, डभौरा, प्रयागराज छिवकी, चुनार, दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, रघुनाथपुर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर शाहपुर पटोरी, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया, मानसी, नौगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया कोर्ट और फारबिसगंज जैसे महत्त्वपूर्ण स्टेशनों पर रूेकगी।

    वंदे भारत की मिलेगी सौगात

    जोगबनी और दानापुर के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस का भी उद्घाटन 15 सितंबर को होना है जो जोगबनी से पुर्णिया, सहरसा, खगड़िया, हाजीपुर के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन की समय सारणी आज शाम तक जारी होने की उम्मीद है। वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल आठ डिब्बे होंगे और यह ट्रेन जोगबनी से सुबह 3ः30 बजे रवाना होगी।