Star Mithila Newsमिथिला का सबसे विश्वसनीय नॉन टैबलॉयड चैनल !!
खबर

बिहार को बड़ी रेल सौगात: मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी, ₹499 करोड़ होंगे खर्च

खबर सारांश

नई दिल्ली / सहरसा: बिहार में रेल बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के अंतर्गत आने वाले बेहद व्यस्त मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling Project) को केंद्र सरकार ने आधिकारिक मंजूरी […]

Star Mithila News
WhatsAppJoin Group
बिहार को बड़ी रेल सौगात: मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी, ₹499 करोड़ होंगे खर्च
लगभग 2 मिनट

नई दिल्ली / सहरसा: बिहार में रेल बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के अंतर्गत आने वाले बेहद व्यस्त मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling Project) को केंद्र सरकार ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है। 44.40 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कुल ₹499 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इस संबंध में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) दिल्ली द्वारा मंगलवार को आधिकारिक जानकारी साझा की गई।

क्षमता से 108% ज्यादा चल रही हैं ट्रेनें, दोहरीकरण से मिलेगी राहत

रेल मंत्रालय के मुताबिक, मानसी-सहरसा खंड वर्तमान में मानसी-सारागढ़ मार्ग पर एक सिंगल-लाइन कॉरिडोर है, जिस पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव है। वर्तमान में इस रेल लाइन की क्षमता का उपयोग अपनी सीमा से कहीं अधिक यानी 108.11% तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि साल 2028-29 तक यह दबाव बढ़कर 119.34% हो जाएगा। ऐसे में इस रूट पर ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बिछाना बेहद जरूरी हो गया था।

रोजाना चलती हैं 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें

इस रूट की व्यस्तता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस खंड पर दोनों दिशाओं से प्रतिदिन 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। सिंगल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय-पालन (Punctuality) प्रभावित होती है। दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद परिचालन संबंधी ये सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी और यात्रियों का सफर तेज व सुरक्षित होगा।

व्यापार और रसद (Logistics) को मिलेगी नई रफ्तार

यह परियोजना न केवल यात्रियों बल्कि क्षेत्र के व्यापारियों और किसानों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। इस रूट से हर साल 1.764 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई होने की उम्मीद है।

इस खंड के जरिए मुख्य रूप से:

  • कृषि उत्पाद: गेहूं, मक्का, चावल और उबले चावल।
  • निर्माण सामग्री: सीमेंट, गिट्टी, रेत और पत्थर।
  • अन्य आवश्यक वस्तुएं: उर्वरक (खाद), चीनी और नमक।

इन सभी आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही अब बिना किसी रुकावट के तेजी से हो सकेगी, जिससे कोशी और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंचेगा। रेलवे का कहना है कि यह परियोजना देश के उच्च मांग वाले मार्गों पर क्षमता विस्तार और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार करने के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है।

Reporter से सवाल पूछें

सवाल भेजने के लिए login करें।

आपकी प्रतिक्रियायह खबर कैसी लगी?
Star Mithila News WhatsApp Channel से जुड़ेंताज़ा खबरों के अपडेट WhatsApp पर पाएँ

अपनी प्रतिक्रिया दें

अपनी प्रतिक्रिया लिखें

इस खबर पर अपनी राय या प्रतिक्रिया नीचे लिखें।

CORRECTION / REPORTइस खबर में गलती बताएं