सहरसा-फारबिसगंज और ललितग्राम डेमू ट्रेन का समय बदला, रेल यात्रियों में आक्रोश

रेलवे के इस फैसले से सुपौल और फारबिसगंज के यात्रियों में भारी आक्रोश है। यात्रियों का कहना है कि नई समय सारणी से सफर लंबा और असुविधाजनक हो जाएगा। कई यात्री अब बस से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि बस से फारबिसगंज का सफर कुछ ही घंटों में पूरा हो जाता है।

Star Mithila News
3 Min Read
Highlights
  • नए समय सारणी के अनुसार फारबिसगंज से सहरसा का सफर 6 घंटे
  • नए समय सारणी के अनुसार ललितग्राम से सहरसा का सफर 5 घंटे

सहरसा: सहरसा से फारबिसगंज और ललितग्राम के बीच चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन समय में जल्द ही बदलाव होने वाला है। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। नए समय सारणी के अनुसार, सहरसा से फारबिसगंज और ललितग्राम की यात्रा अब और लंबी और जटिल हो जाएगी, जिससे यात्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

नई समय सारणी का प्रभाव: सहरसा-फारबिसगंज और ललितग्राम ट्रेनों का परिचालन अब सुपौल और पिपरा के रास्ते होगा। इससे फारबिसगंज से सहरसा का सफर 6 घंटे और ललितग्राम से सहरसा का सफर 5 घंटे का हो जाएगा।

फारबिसगंज-सहरसा ट्रेन का नया समय

गाड़ी संख्या 75201, जो फारबिसगंज से सहरसा जाती है, अपने निर्धारित समय 11:30 बजे फारबिसगंज से रवाना होगी। यह ट्रेन सुपौल 14:10 बजे पहुंचेगी। यहां से गाड़ी संख्या 75224 के रूप में 14:20 बजे पिपरा के लिए रवाना होगी, जहां यह 15:05 बजे पहुंचेगी। पिपरा से गाड़ी संख्या 75223 बनकर 15:20 बजे सुपौल के लिए रवाना होगी और 16:10 बजे पहुंचेगी। इसके बाद, गाड़ी संख्या 75201 बनकर सुपौल से 16:12 बजे रवाना होगी और सहरसा 17:10 बजे पहुंचेगी। इस तरह, फारबिसगंज से सहरसा की यात्रा में लगभग 6 घंटे लगेंगे।

ललितग्राम-सहरसा ट्रेन का नया समय

गाड़ी संख्या 75205, जो ललितग्राम से सहरसा जाती है, अब 19:25 बजे के बजाय 18:00 बजे ही ललितग्राम से रवाना होगी। यह ट्रेन सुपौल 19:35 बजे पहुंचेगी। यहां से नई गाड़ी संख्या 75226 के साथ 19:45 बजे पिपरा के लिए रवाना होगी और 20:35 बजे पिपरा पहुंचेगी। पिपरा से गाड़ी संख्या 75225 बनकर 20:50 बजे पुनः सुपौल के लिए रवाना होगी और 21:38 बजे सुपौल पहुंचेगी। इसके बाद, गाड़ी संख्या 75205 बनकर सुपौल से 21:40 बजे रवाना होगी जो सहरसा 22:55 बजे पहुंचेगी। इस तरह, ललितग्राम से सहरसा की यात्रा में लगभग 5 घंटे लगेंगे।

रेलवे का तर्क और यात्रियों की चिंता

रेलवे बोर्ड ने इस समय परिवर्तन को स्वीकृति दे दी है, हालांकि मुख्यालय और रेल मंडल से अंतिम मुहर लगना बाकी है। यात्रियों का मानना है कि यह बदलाव रेलवे की आय को भी नुकसान पहुंचाएगा, क्योंकि ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। एक यात्री ने कहा, “रेलवे को ट्रेनों की गति बढ़ानी चाहिए, न कि यात्रा को और जटिल करना चाहिए।

Author

Discover more from Star Mithila News

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
1 Comment

Discover more from Star Mithila News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading