दरभंगा या पटना को नहीं, बल्कि अब वाराणसी को मिल सकती है देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन! 12 अक्टूबर को उद्घाटन संभावित

उत्तर प्रदेश में चुनावी रंगमंच सजने लगा है और इसके साथ ही राज्य को कई नई ट्रेनों की सौगात मिलने की चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। भले ही कुछ क्षेत्र ऐसे हों जहाँ एक भी नई ट्रेन न मिले, पर आज की राजनीति पर इससे कोई खास फ़र्क पड़ता नहीं दिखता।
पिछले वर्ष चुनावी माहौल के दौरान पटना और दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की बात कही जा रही थी। अब जब बिहार चुनाव समाप्त हो चुके हैं, तो देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस बंगाल (हावड़ा-कामाख्या मार्ग) को मिल गई।
अब जब दूसरी ट्रेन चलाने की बारी आई है, तो उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए वाराणसी और दिल्ली के बीच देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर चलाने की चर्चा जोरों पर है।
सूत्रों के अनुसार, इसका उद्घाटन 12 अक्टूबर को संभावित है। हालांकि, अभी तक रेलवे बोर्ड द्वारा इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
न दरभंगा, न भागलपुर, न सहरसा और न खगड़िया—इन सब से दूर, चुनावी कृपा इस बार वाराणसी पर ही होती दिख रही है।




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