भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा देश के धार्मिक पर्यटकों के लिए एक बेहद आकर्षक और भव्य टूर पैकेज की शुरुआत की जा रही है। इस पैकेज का नाम ‘दक्षिण भारत यात्रा विद ज्योतिर्लिंग, एक्स- सहरसा’ (Dakshin Bharat Yatra with Jyotirlinga Ex-Saharsa) है, जिसका पैकेज कोड EZBG33 है। यह विशेष यात्रा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसमें यात्रियों को स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3AC) और सेकंड एसी (2AC) श्रेणियों में यात्रा करने का शानदार विकल्प मिलेगा।
यह संपूर्ण यात्रा 11 रात और 12 दिन की होगी, जिसकी शुरुआत आगामी 12 सितंबर 2026 से होगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस पैकेज में ट्रेन यात्रा के अलावा सड़क मार्ग (रोड ट्रांसपोर्ट) के लिए कैब और बस, होटलों में ठहरने की व्यवस्था, स्वादिष्ट भोजन तथा ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
झंझारपुर होकर चलेगी यह भारत गौरव ट्रेन, जानिए प्रमुख बोर्डिंग स्टेशन
यात्रियों की सुविधा के लिए इस भारत गौरव ट्रेन के रूट में कई प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है, जहाँ से यात्री इस ट्रेन में सवार (बोर्डिंग) या उतर (डी-बोर्डिंग) सकते हैं। मिथिला क्षेत्र के यात्रियों के लिए झंझारपुर होकर चलेगी यह ट्रेन, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। इस ट्रेन का संपूर्ण रूट सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किउल, जसीडीह, आसनसोल और पुरुलिया तय किया गया है।
सम्मिलित धार्मिक स्थल एवं दर्शनीय स्थल
इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को दक्षिण भारत के कई प्रतिष्ठित और पावन स्थलों पर ले जाया जाएगा। यात्रा के मुख्य गंतव्यों और धार्मिक स्थलों में निम्नलिखित शामिल हैं:
तिरुपति: प्रसिद्ध बालाजी दर्शन और पद्मावती मंदिर।
रामेश्वरम: रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग।
मदुरै: ऐतिहासिक मीनाक्षी मंदिर।
कन्याकुमारी: कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानन्द रॉक मेमोरियल।
मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश): मल्लिकार्जुन स्वामी ज्योतिर्लिंग।
इन सभी धार्मिक स्थलों का भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में अत्यधिक महत्व है, जो तीर्थयात्रियों के मन पर एक गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।
टूर पैकेज का किराया (प्रति व्यक्ति)
भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत भारतीय रेलवे द्वारा इस यात्रा पर रियायत प्रदान की जा रही है, जिसके बाद विभिन्न श्रेणियों का किराया इस प्रकार है:
इकोनॉमी (स्लीपर श्रेणी): ₹24,590/- प्रति व्यक्ति
स्टैंडर्ड (थर्ड एसी श्रेणी): ₹44,730/- प्रति व्यक्ति
कम्फर्ट (सेकंड एसी श्रेणी): ₹54,300/- प्रति व्यक्ति
पूर्व मध्य रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन ने अपनी लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से यात्रियों को न केवल कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि सफर भी अधिक सुविधाजनक होगा।
ट्रेनों में बढ़ेगी कोचों की संख्या
रेलवे की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे के स्वामित्व वाली कुल 80 ट्रेनों को 24 LHB (लिंक हॉफमैन बुश) कोचों तक स्थायी रूप से विस्तारित करने की योजना है। वर्तमान में ये ट्रेनें 18 से 22 कोचों के साथ चल रही हैं। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
किन रूटों और ट्रेनों पर होगा असर?
इस सूची में पटना, राजेंद्र नगर टर्मिनल (RJPB), दरभंगा (DBG), मुजफ्फरपुर (MFP), जयनगर (JYG), सहरसा (SHC) और धनबाद (DHN) से खुलने वाली कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, और हावड़ा जैसे महानगरों को जोड़ने वाली गाड़ियां प्रमुखता से शामिल हैं।
रेलवे ने संबंधित डिवीजनों (दानापुर, दीन दयाल उपाध्याय, धनबाद, समस्तीपुर और सोनपुर) से परिचालन व्यवहार्यता (operational feasibility) रिपोर्ट मांगी है। इसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि किन स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई या पिट लाइन की बाधाएं आ सकती हैं। यह पूरी प्रक्रिया 16 अगस्त, 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।
झंझारपुर होकर चलने वाली दोनों ट्रेनों में बढ़ेगा कोच
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक झंझारपुर होकर चलने वाली जोगबनी – दानापुर 13211/13212 और जोगबनी – रक्सौल 15501/02 ट्रेन को भी 24 कोच से चलाने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में जोगबनी दानापुर एक्सप्रेस 18 कोच से और जोगबनी रक्सौल 16 कोच के साथ चल रही है। 24 कोच के साथ चलने के बाद इससे ट्रेनों में सीटों की संख्या बढ़ जाएगी।
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) द्वारा प्रस्तावित उन 80 ट्रेनों की सूची, जिन्हें 24 LHB कोचों तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, नीचे दी गई है:
12309/12310 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से नई दिल्ली (NDLS)
12393/12394 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से नई दिल्ली (NDLS)
12352/12351 – हावड़ा (HWH) से राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB)
13288/13287 – आरा (ARA) से दुर्ग (DURG)
13246/13245 – न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) से राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB)
13248/13247 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से कामाख्या (KYQ)
12395/12396 – अजमेर (AII) से राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB)
13282/13281 – डिब्रूगढ़ (DBRG) से राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB)
13228/13227 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से सहरसा (SHC)
13242/13241 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से बांका (BAKA)
13230/13229 – राजेन्द्र नगर टर्मिनल (RJPB) से गोड्डा (GODA)
22355/22356 – पाटलिपुत्र (PPTA) से चंडीगढ़ (CDG)
22353/22354 – पटना (PNBE) से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVB)
12024/12023 – पटना (PNBE) से हावड़ा (HWH)
12365/12366 – पटना (PNBE) से रांची (RNC)
12355/12356 – पटना (PNBE) से जम्मूतवी (JAT)
13201/13202 – राजेंद्र नगर (RGD) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
22359/22360 – पटना (PNBE) से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)
13251/13252 – पटना (PNBE) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
13237/13238 – पटना (PNBE) से कोटा (KOTA)
13239/13240 – पटना (PNBE) से कोटा (KOTA)
13257/13258 – दानापुर (DNR) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
13226/13225 – आरा (ARA) से जयनगर (JYG)
13212/13211 – दानापुर (DNR) से जोगबनी (JBN)
13214/13213 – सहरसा (SHC) से जोगबनी (JBN)
53203/53204 – झाझा (JAJ) से दानापुर (DNR)
13234/13233 – दानापुर (DNR) से राजेंद्र नगर (RGD)
13236/13235 – दानापुर (DNR) से संबलपुर (SBP)
12391/12392 – राजेंद्र नगर (RGD) से नई दिल्ली (NDLS)
12389/12390 – गया (GAYA) से चेन्नई (MAS)
12397/12398 – गया (GAYA) से नई दिल्ली (NDLS)
22357/22358 – गया (GAYA) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
13243/13244 – भभुआ रोड (BBU) से पटना (PNBE)
53214/53213 – गया (GAYA) से पटना (PNBE)
13307/13308 – धनबाद (DHN) से फिरोजपुर (FZR)
13351/13352 – धनबाद (DHN) से अलाप्पुझा (ALLP)
13329/13330 – धनबाद (DHN) से पटना (PNBE)
13333/13334 – पटना (PNBE) से दुमका (DUMK)
22388/22387 – धनबाद (DHN) से हावड़ा (HWH)
13301/13302 – धनबाद (DHN) से टाटानगर (TATA)
13349/13350 – धनबाद (DHN) से पटना (PNBE)
13331/13332 – धनबाद (DHN) से पटना (PNBE)
13347/13348 – बरकाकाना (BRKA) से पटना (PNBE)
13303/13304 – सिंगरौली (SGRL) से पटना (PNBE)
13320/13319 – धनबाद (DHN) से रांची (RNC)
13305/13306 – रांची (RNC) से दुमका (DUMK)
13379/13380 – धनबाद (DHN) से सासाराम (SSM)
15565/15566 – धनबाद (DHN) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
22351/22352 – ललपनिया (LLP) से नई दिल्ली (NDLS)
15279/15280 – सहरसा (SHC) से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVB)
13205/13206 – सहरसा (SHC) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
15503/15504 – सहरसा (SHC) से पाटलिपुत्र (PPTA)
15509/15510 – सहरसा (SHC) से पटना (PNBE)
15529/15530 – ललपनिया (LLP) से पटना (PNBE)
15531/15532 – सहरसा (SHC) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
12561/12562 – सहरसा (SHC) से अमृतसर (ASR)
22563/22564 – जयनगर (JYG) से नई दिल्ली (NDLS)
15549/15550 – जयनगर (JYG) से उधना (UDN)
15553/15554 – जयनगर (JYG) से पटना (PNBE)
12565/12566 – जयनगर (JYG) से भागलपुर (BGP)
12577/12578 – दरभंगा (DBG) से नई दिल्ली (NDLS)
22551/22552 – दरभंगा (DBG) से मैसूर (MYS)
15551/15552 – दरभंगा (DBG) से जालंधर सिटी (JUC)
15559/15560 – दरभंगा (DBG) से वाराणसी (BCY)
15234/15233 – दरभंगा (DBG) से अहमदाबाद (ADI)
15236/15235 – कोलकाता (KOAA) से दरभंगा (DBG)
15211/15212 – दरभंगा (DBG) से हावड़ा (HWH)
15273/15274 – रक्सौल (RXL) से अमृतसर (ASR)
12545/12546 – रक्सौल (RXL) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
15267/15268 – रक्सौल (RXL) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
22553/22554 – रक्सौल (RXL) से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)
15501/15502 – रक्सौल (RXL) से जोगबनी (JBN)
15228/15227 – मुजफ्फरपुर (MFP) से यशवंतपुर (YPR)
15269/15270 – मुजफ्फरपुर (MFP) से साबरमती (SBIB)
15272/15271 – मुजफ्फरपुर (MFP) से हावड़ा (HWH)
12557/12558 – मुजफ्फरपुर (MFP) से आनंद विहार टर्मिनल (ANVT)
15589/15590 – मुजफ्फरपुर (MFP) से हरदा (HDP)
12521/12522 – बरौनी (BJU) से एर्नाकुलम (ERS)
15231/15232 – बरौनी (BJU) से गोंदिया (G)
15203/15204 – बरौनी (BJU) से लखनऊ (LJN)
रेलवे का यह निर्णय विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो त्यौहारों या छुट्टियों के मौसम में लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण परेशान रहते थे। यदि यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले राज्यों के यात्रियों के लिए यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।
पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) के समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा बुनियादी ढांचे और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंडल के अंतर्गत सरायगढ़, सहरसा और सुपौल क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पचास हजार गैलन क्षमता वाले आरसीसी (RCC) ओवरहेड वाटर टैंक, ट्यूबवेल बोरिंग और पंप हाउस के निर्माण हेतु ई-टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य रेलवे परिसरों और स्थानीय स्तर पर जल आपूर्ति को निर्बाध और सुदृढ़ करना है।
परियोजनाओं के वित्तीय आंकड़ों और कार्य की अवधि का विवरण इस प्रकार है। सरायगढ़ परियोजना की विज्ञापित राशि लगभग दो करोड़ पचासी लाख छह हजार नौ सौ सत्ताईस रुपये है, जिसके लिए बयाना राशि पांच लाख सत्तर हजार एक सौ रुपये निर्धारित की गई है। सहरसा परियोजना (टेंडर संख्या TC-115-2026-SPJ) के तहत अनुमानित लागत लगभग दो करोड़ तरेसठ लाख रुपये रखी गई है। वहीं, सुपौल परियोजना (टेंडर संख्या TC-119-2026-SPJ) के अंतर्गत अनुमानित लागत लगभग दो करोड़ पचासी लाख रुपये तय की गई है। सफल बोलीदाताओं को निर्धारित मानदंडों के तहत इन सभी विकास कार्यों को दस महीने की समयावधि के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करना होगा।
भारतीय रेलवे ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम को अनिवार्य किया है। किसी भी रूप में मैनुअल ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे और उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया जाएगा। इच्छुक और पात्र ठेकेदार रेलवे के आधिकारिक ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल www.ireps.gov.in के माध्यम से अपनी बोलियां जमा कर सकते हैं। सरायगढ़ और सहरसा परियोजनाओं के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि इकतीस अगस्त सन दो हजार छब्बीस, दोपहर बारह बजे तक निर्धारित की गई है, जबकि सुपौल परियोजना के लिए ऑनलाइन आवेदन चार सितंबर सन दो हजार छब्बीस, दोपहर बारह बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।
निविदा में भाग लेने वाले बोलीदाताओं को रेलवे द्वारा तय किए गए वित्तीय और तकनीकी पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा। ठेकेदारों के पास पिछले वर्षों में इसी तरह के सिविल इंजीनियरिंग कार्यों, विशेषकर आरसीसी ओवरहेड टैंक निर्माण का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। साथ ही, मेक इन इंडिया नीति के तहत स्थानीय सामग्री का विवरण देना भी आवश्यक है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर संबंधित फर्म का टेंडर रद्द कर दिया जाएगा और बयाना राशि जब्त कर ली जाएगी।
बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर मानवीय संवेदना और सतर्कता का एक बेहतरीन मामला सामने आया है। दिनांक 04 अगस्त 2026 को झंझारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2-3 पर गश्त के दौरान आरक्षी विद्यानंद ठाकुर की नजर एक डरी-सहमी और अकेली बैठी बच्ची पर पड़ी। काफी देर से बच्ची को अकेले देखकर उन्होंने स्थानीय एक महिला की मदद से उससे पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपना नाम सोनाली कुमारी बताया और अपने घर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। इसके बाद उस नंबर पर संपर्क करके उसके परिजनों को इस बात की सूचना दी गई। स्थानीय महिला के सहयोग से बच्ची को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ओपी झंझारपुर लाया गया, जहां उसे सुरक्षित रूप से रखा गया।
सूचना मिलने के बाद बच्ची के पिता पिंटू राय स्थानीय थाना बिहरा (सहरसा) के पुलिस बल के साथ झंझारपुर ओपी पहुंचे। थाने में हुई विधिवत पूछताछ में बच्ची की पहचान सोनाली कुमारी (उम्र लगभग 12 वर्ष), पिता पिंटू राय, साकिन बिहरा, वार्ड संख्या 6, थाना बिहरा, जिला सहरसा के रूप में हुई।
जांच में पता चला कि इस संबंध में स्थानीय थाना बिहरा में पहले ही कांड संख्या 267/26 के तहत दिनांक 03.08.2026 को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मौके पर उचित सत्यापन के बाद, स्थानीय थाना बिहरा के पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर सुरक्षित मिली बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। समस्त कानूनी और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल, महिला अधिकारी और परिजनों के साथ अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित वापस लौट गए।
सहरसा: समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड पर स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर से सहरसा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 63344 जैसे ही सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर पहुँची, उसके इंजन और उससे सटी एक बोगी में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते ट्रेन से घना धुआँ और आग की ऊँची लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और यात्रियों के बीच अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
घटना के समय सुबह के करीब 3 बज रहे थे और अधिकांश यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक मची भगदड़ और जान बचाने की पुकार के बीच यात्रियों ने सूझबूझ का परिचय दिया। लोग अपनी जान बचाने और सुरक्षित बाहर निकलने के लिए आनन-फानन में अपना सामान छोड़कर ट्रेन से नीचे उतरने लगे। गनीमत यह रही कि इस भयानक हादसे में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, क्योंकि समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
स्टेशन पर मौजूद रेलकर्मियों और स्थानीय सुरक्षा बलों ने तुरंत अपनी सक्रियता दिखाते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसके साथ ही दमकल विभाग को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग बुझाने के बाद रेलवे प्रशासन और तकनीकी टीम ने राहत की साँस ली।
फिलहाल ट्रेन के इंजन और बोगी में अचानक आग लगने के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर रेलवे के जानकारों द्वारा शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए हैं। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असल कारणों और नुकसान का सही आकलन सामने आ सकेगा।
यात्रियों की भारी भीड़ और आवागमन की सुगमता को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण रूटों पर संचालित होने वाली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि का विस्तार कर दिया गया है। इन सभी स्पेशल ट्रेनों का संचालन उनके पूर्व निर्धारित ठहराव (Stoppages), समय-सारणी (Timings), निर्धारित मार्ग (Path) और मेंटेनेंस शेड्यूल के आधार पर ही किया जाएगा। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, अगस्त और सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई इन स्पेशल ट्रेनों की विस्तृत जानकारी इस प्रकार है:
बरौनी – नई दिल्ली – बरौनी स्पेशल ट्रेन (02563 / 02564): यात्रियों की अत्यधिक मांग को देखते हुए ट्रेन संख्या 02563 (बरौनी से नई दिल्ली) का परिचालन दिनांक 01.08.2026 से 31.08.2026 तक प्रतिदिन कुल 31 फेरों के लिए विस्तारित किया गया है। वहीं वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 02564 (नई दिल्ली से बरौनी) का परिचालन 02.08.2026 से 01.09.2026 तक कुल 31 फेरों के लिए होगा। इस ट्रेन में कुल 18 आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं, जिसमें पॉवर कार, सिटिंग सह लगेजरेक, स्लीपर और एसी श्रेणी के कोच शामिल हैं।
दरभंगा – नई दिल्ली – दरभंगा स्पेशल ट्रेन (02569 / 02570): मिथिला क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन संख्या 02569 (दरभंगा से नई दिल्ली) अब 01.08.2026 से 31.08.26 तक प्रतिदिन चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 02570 (नई दिल्ली से दरभंगा) का संचालन 02.08.2026 से 01.09.2026 तक कुल 31 फेरे पूरे करेगा। इस गाड़ी में भी 18 एलएचबी कोचों की संयोजन व्यवस्था रखी गई है।
धनबाद – शकूर बस्ती – धनबाद स्पेशल ट्रेन (03639 / 03640): द्वि-साप्ताहिक (Bi-Weekly) रूप से चलने वाली ट्रेन संख्या 03639 (धनबाद से शकूर बस्ती – प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को प्रस्थान) का परिचालन 03.08.2026 से 31.08.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए होगा। इसके विपरीत, ट्रेन संख्या 03640 (शकूर बस्ती से धनबाद – प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को प्रस्थान) का संचालन 04.08.2026 से 01.09.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए किया जाएगा। इस ट्रेन में कुल 22 कोच (LWLRRM, LSLRD, LWS, LWSCN, LWACCNE, LWACCN) जोड़े गए हैं।
पूर्णिया कोर्ट – आनंद विहार टर्मिनल – पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन (05579 / 05580): सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा हेतु द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 05579 (पूर्णिया कोर्ट से आनंद विहार – प्रत्येक शुक्रवार एवं रविवार) का परिचालन 02.08.2026 से 30.08.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए होगा। वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 05580 (आनंद विहार से पूर्णिया कोर्ट – प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार) 04.08.2026 से 01.09.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए चलाई जाएगी।
सहरसा – आनंद विहार टर्मिनल – सहरसा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (05575 / 05576): साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 05575 (सहरसा से आनंद विहार – प्रत्येक मंगलवार) दिनांक 04.08.2026 से 25.08.2026 तक कुल 04 फेरे लगाएगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 05576 (आनंद विहार से सहरसा – प्रत्येक गुरुवार) दिनांक 06.08.2026 से 27.08.2026 तक कुल 04 फेरों के लिए संचालित होगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोचों का कंपोजिशन उपलब्ध कराया गया है।
सहरसा – पूर्णिया कोर्ट – सहरसा द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (05506 / 05505): क्षेत्रीय संपर्क को और सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ट्रेन संख्या 05506 (सहरसा से पूर्णिया कोर्ट – प्रत्येक शुक्रवार और रविवार) का परिचालन 02.08.2026 से 30.08.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए होगा। वापसी में ट्रेन संख्या 05505 (पूर्णिया कोर्ट से सहरसा – प्रत्येक सोमवार और बुधवार) 03.08.2026 से 02.09.2026 तक कुल 09 फेरों के लिए पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से विशेष अपील की है कि यात्रा करने से पहले रेलवे के आधिकारिक एनटीईएस (NTES) ऐप या स्टेशनों के माध्यम से ट्रेनों के समय, ठहराव और स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
सोनबरसा कचहरी स्टेशन पर सुरक्षा से खिलवाड़: लो-लेवल प्लेटफॉर्म बना मुसीबत
सहरसा/सोनबरसा: पूर्व मध्य रेल (ECR) के समस्तीपुर रेल मंडल अंतर्गत मानसी-सहरसा रेलखंड पर स्थित सोनबरसा कचहरी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बेहद कम (लो-लेवल) होने के कारण प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन के पायदान (फुटबोर्ड) और प्लेटफॉर्म के बीच अत्यधिक दूरी तथा ऊंचाई का अंतर होने के कारण चढ़ने-उतरने के दौरान दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहती है।
Saharsa – Mansi Rail Line
भीड़ बढ़ने पर बढ़ता है हादसों का खतरा
सोनबरसा कचहरी स्टेशन आसपास के दर्जनों ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के यात्रियों के लिए आवागमन का मुख्य केंद्र है। जब भी स्टेशन पर किसी सवारी या एक्सप्रेस ट्रेन का आगमन होता है, तो प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। प्लेटफॉर्म नीचा होने के कारण यात्रियों को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है:
बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी: वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों को ट्रेन के पायदान तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है और अक्सर उन्हें चढ़ने के लिए दूसरों की मदद लेनी पड़ती है।
फिसलने और गिरने का जोखिम: ट्रेन आने पर आपाधापी की स्थिति में यात्रियों का पैर फिसलने तथा ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने खतरनाक गैप में गिरने का खतरा बना रहता है।
सामान के साथ चढ़ना कठिन: भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लो-लेवल प्लेटफॉर्म से ट्रेन के कोच में प्रवेश करना काफी जोखिम भरा साबित होता है।
मानकों के विपरीत और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी
भारतीय रेलवे के सुरक्षा और बुनियादी ढांचा मानकों के अनुसार, नियमित यात्री ट्रेनों के ठहराव वाले स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म को ‘हाई-लेवल’ (उच्च स्तरीय) होना अनिवार्य है, ताकि आधुनिक एलएचबी (LHB) और आईसीएफ (ICF) कोचों के धरातल और प्लेटफॉर्म के बीच का अंतर न्यूनतम रहे। स्थानीय निवासियों और दैनिक रेल यात्रियों का कहना है कि सोनबरसा कचहरी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, परंतु रेल प्रशासन द्वारा अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
रेलवे प्रशासन से जीर्णोद्धार और प्लेटफॉर्म ऊंचा करने की मांग
स्थानीय दैनिक यात्रियों, छात्र संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समस्तीपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और पूर्व मध्य रेल प्रशासन से मांग की है कि सोनबरसा कचहरी स्टेशन को भी बुनियादी ढांचा विकास और सौंदर्यीकरण योजनाओं (जैसे अमृत भारत स्टेशन योजना) में शामिल कर प्लेटफॉर्म को तत्काल ‘हाई-लेवल’ में तब्दील किया जाए। यात्रियों का कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय रेलवे प्रशासन को समय रहते सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए।
यात्रियों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी (Passenger Advisory)
जब तक रेलवे प्रशासन द्वारा प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य पूरा नहीं किया जाता, तब तक सोनबरसा कचहरी स्टेशन से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है:
ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय ट्रेन के पूरी तरह से रुकने का इंतजार करें और जल्दबाजी न दिखाएं।
चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कतई न करें।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ट्रेन में बिठाते समय प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सहायता लें।
किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए रेलवे के एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें तथा अपनी ट्रेन की सटीक स्थिति जानने के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप का उपयोग करें।
श्रावणी मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे चलाएगा 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; देखें पूरा शेड्यूल और रूट
न्यूज डेस्क: श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम और सुल्तानगंज जाने वाले लाखों कांवरियों व श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी घोषणा की है। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल और संबद्ध मंडलों द्वारा 12 जोड़ी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया गया है।
इन स्पेशल ट्रेनों के चलने से उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से देवघर व सुल्तानगंज जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी सहूलियत होगी।
1. जयनगर – आसनसोल – जयनगर श्रावणी मेला स्पेशल (05597/05598)
दिन: सप्ताह में 3 दिन (जयनगर से मंगल, शुक्र व रवि | आसनसोल से बुध, शनि व सोम)
समय: जयनगर से रात 21:00 बजे खुलकर अगले दिन 07:42 बजे जसीडीह और 11:30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। वापसी में आसनसोल से दोपहर 13:00 बजे खुलकर 14:30 बजे जसीडीह होते हुए अगले दिन सुबह 06:00 बजे जयनगर पहुंचेगी।
अवधि: 31 जुलाई से 31 अगस्त 2026
2. रक्सौल – देवघर – रक्सौल श्रावणी मेला स्पेशल (05545/05546)
समय: रक्सौल से रात 00:30 बजे खुलकर उसी दिन शाम 17:05 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से शाम 18:05 बजे खुलकर अगले दिन सुबह 11:40 बजे रक्सौल पहुंचेगी।
अवधि: 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026
3. राघोपुर – देवघर – राघोपुर श्रावणी मेला स्पेशल (05573/05574)
समय: राघोपुर से तड़के 02:50 बजे (सरायगढ़ 03:03, सुपौल 03:38, सहरसा 04:30, सुल्तानगंज 07:48, भागलपुर 08:30) खुलकर 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से 11:35 बजे (भागलपुर 14:20, सुल्तानगंज 14:55, सहरसा 20:40) खुलकर रात 22:50 बजे राघोपुर पहुंचेगी।
दिन: सप्ताह में 3 दिन (पटना से मंगल, गुरु व रवि | इसलामपुर से बुध, शुक्र व सोम)
समय: पटना जंक्शन से शाम 16:10 बजे खुलकर शाम 19:00 बजे इसलामपुर पहुंचेगी। वापसी में इसलामपुर से सुबह 07:45 बजे खुलकर सुबह 11:00 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी।
अवधि: 26 जुलाई से 30 सितंबर 2026
6. हावड़ा – नटेसर – हावड़ा श्रावणी मेला स्पेशल (03001/03002)
दिन: सप्ताह में 3 दिन (हावड़ा से रवि, मंगल व शुक्र | नटेसर से सोम, बुध व शनि)
समय: हावड़ा से रात 23:50 बजे घटकर अगले दिन 05:10 बजे जसीडीह, 11:05 बजे राजगीर और 12:00 बजे नटेसर पहुंचेगी। वापसी में नटेसर से दोपहर 13:00 बजे खुलकर 20:25 बजे जसीडीह होते हुए अगले दिन तड़के 04:30 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
दिन: सप्ताह में 2 दिन (रांची से रवि व बुध | भागलपुर से सोम व गुरु)
समय: रांची से शाम 17:40 बजे खुलकर अगले दिन तड़के 05:25 बजे सुल्तानगंज व 06:30 बजे भागलपुर पहुंचेगी। वापसी में भागलपुर से सुबह 09:10 बजे घटकर 09:35 बजे सुल्तानगंज होते हुए रात 22:20 बजे रांची पहुंचेगी।
दिन: सप्ताह में 2 दिन (रांची से सोम व शुक्र | भागलपुर से मंगल व शनि)
समय: रांची से शाम 17:30 बजे खुलकर अगले दिन 05:25 बजे सुल्तानगंज व 06:30 बजे भागलपुर पहुंचेगी। वापसी में भागलपुर से सुबह 09:10 बजे खुलकर 09:35 बजे सुल्तानगंज होते हुए रात 21:40 बजे रांची पहुंचेगी।
अवधि: 27 जुलाई से 12 सितंबर 2026
9. बढ़नी – देवघर – बढ़नी श्रावणी मेला स्पेशल (05028/05027)
समय: बढ़नी से दोपहर 15:20 बजे खुलकर अगले दिन 01:25 बजे हाजीपुर, 08:20 बजे सुल्तानगंज होते हुए दोपहर 13:00 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी में देवघर से शाम 18:45 बजे खुलकर रात 21:25 बजे सुल्तानगंज होते हुए अगले दिन दोपहर 15:15 बजे बढ़नी पहुंचेगी।
अवधि: 28 जुलाई से 30 अगस्त 2026
10. इतवारी – मधुपुर – इतवारी साप्ताहिक स्पेशल (08895/08896)
दिन: साप्ताहिक (इतवारी से शनिवार | मधुपुर से रविवार)
समय: एनएसयूबी इतवारी जंक्शन से शनिवार तड़के 04:30 बजे खुलकर अगले दिन रविवार सुबह 06:00 बजे मधुपुर पहुंचेगी। वापसी में मधुपुर से रविवार सुबह 09:00 बजे खुलकर अगले दिन सोमवार को 11:50 बजे इतवारी पहुंचेगी।
समय: आसनसोल से रात 21:00 बजे घटकर अगले दिन सुबह 11:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में गोरखपुर से शाम 16:15 बजे घटकर अगले दिन सुबह 08:20 बजे आसनसोल पहुंचेगी।
अवधि: 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026
12. आसनसोल – पटना – आसनसोल स्पेशल (03511/03512)
रूट: जसीडीह-झाझा-किउल-मोकामा
दिन: प्रतिदिन
समय: आसनसोल से शाम 17:00 बजे खुलकर 19:15 बजे जसीडीह होते हुए देर रात 02:30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में पटना जंक्शन से तड़के 03:30 बजे खुलकर 10:10 बजे जसीडीह होते हुए दोपहर 13:00 बजे आसनसोल पहुंचेगी।
अवधि: 29 जुलाई से 30 अगस्त 2026
रेल प्रशासन की अपील: श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि ट्रेन की वास्तविक स्थिति व समय सारणी की सटीक जानकारी के लिए यात्रा शुरू करने से पहले NTES App या 139 रेल मदद हेल्पलाइन का उपयोग अवश्य करें।
नई दिल्ली / सहरसा: बिहार में रेल बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के अंतर्गत आने वाले बेहद व्यस्त मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling Project) को केंद्र सरकार ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है। 44.40 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण परियोजना पर कुल ₹499 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इस संबंध में पत्र सूचना कार्यालय (PIB) दिल्ली द्वारा मंगलवार को आधिकारिक जानकारी साझा की गई।
क्षमता से 108% ज्यादा चल रही हैं ट्रेनें, दोहरीकरण से मिलेगी राहत
रेल मंत्रालय के मुताबिक, मानसी-सहरसा खंड वर्तमान में मानसी-सारागढ़ मार्ग पर एक सिंगल-लाइन कॉरिडोर है, जिस पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव है। वर्तमान में इस रेल लाइन की क्षमता का उपयोग अपनी सीमा से कहीं अधिक यानी 108.11% तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि साल 2028-29 तक यह दबाव बढ़कर 119.34% हो जाएगा। ऐसे में इस रूट पर ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बिछाना बेहद जरूरी हो गया था।
रोजाना चलती हैं 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें
इस रूट की व्यस्तता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस खंड पर दोनों दिशाओं से प्रतिदिन 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। सिंगल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय-पालन (Punctuality) प्रभावित होती है। दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद परिचालन संबंधी ये सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी और यात्रियों का सफर तेज व सुरक्षित होगा।
व्यापार और रसद (Logistics) को मिलेगी नई रफ्तार
यह परियोजना न केवल यात्रियों बल्कि क्षेत्र के व्यापारियों और किसानों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। इस रूट से हर साल 1.764 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई होने की उम्मीद है।
इस खंड के जरिए मुख्य रूप से:
कृषि उत्पाद: गेहूं, मक्का, चावल और उबले चावल।
निर्माण सामग्री: सीमेंट, गिट्टी, रेत और पत्थर।
अन्य आवश्यक वस्तुएं: उर्वरक (खाद), चीनी और नमक।
इन सभी आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही अब बिना किसी रुकावट के तेजी से हो सकेगी, जिससे कोशी और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंचेगा। रेलवे का कहना है कि यह परियोजना देश के उच्च मांग वाले मार्गों पर क्षमता विस्तार और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार करने के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है।
समस्तीपुर | स्टार मिथिला न्यूज़ विशेष: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए पूर्व मध्य रेल का समस्तीपुर मंडल ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आया है। परीक्षा के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और परीक्षार्थियों की हताशा को देखते हुए रेल प्रशासन ने आज एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। 14 जून 2026 को समस्तीपुर मंडल ने बेतिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया कोर्ट जैसे प्रमुख स्टेशनों से पाटलिपुत्र के लिए ‘परीक्षा स्पेशल ट्रेनों’ का परिचालन शुरू करने का शंखनाद कर दिया है।
छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे ने बदली रणनीति
बीपीएससी परीक्षा के दिन आमतौर पर नियमित ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं होती, जिससे हजारों छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुँच पाते थे। इस गंभीर समस्या को जड़ से मिटाने के लिए समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों ने विशेष रूट तैयार किए हैं। रेलवे का यह ‘मास्टरस्ट्रोक’ न केवल छात्रों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा, बल्कि परीक्षा केंद्रों तक उनकी समय पर उपस्थिति को भी सुनिश्चित करेगा। इस पहल से नियमित यात्री ट्रेनों पर भी भीड़ का बोझ कम होगा, जो रेल प्रबंधन की दूरदर्शिता को दर्शाता है।
परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत समय-सारणी (Mission Schedule)
रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित किया है:
बेतिया–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): बेतिया से प्रस्थान कर यह ट्रेन बापूधाम मोतिहारी और मुजफ्फरपुर के मुख्य स्टेशनों को कवर करते हुए सीधे पाटलिपुत्र पहुँचेगी।
बेतिया–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): शाम के समय यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह एक और बड़ी सुविधा है।
मधुबनी–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): मिथिलांचल के छात्रों के लिए विशेष तोहफा! यह ट्रेन दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर जैसे व्यस्त रूटों से होते हुए परीक्षार्थियों को समय पर पाटलिपुत्र पहुँचाएगी।
मुजफ्फरपुर–पाटलिपुत्र (दोपहर 13:00 बजे): मुजफ्फरपुर के परीक्षार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): देर शाम यात्रा करने वाले छात्रों के लिए रेलवे ने मुजफ्फरपुर से एक और अतिरिक्त ट्रेन की व्यवस्था की है।
पूर्णिया कोर्ट–पाटलिपुत्र (शाम 18:00 बजे): सीमांचल क्षेत्र के छात्रों के लिए बड़ी राहत! यह ट्रेन दौराम मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया के रास्ते पाटलिपुत्र तक जाएगी, जिससे इस पूरे बेल्ट के छात्रों को जबरदस्त फायदा मिलेगा।
रेलवे प्रशासन की दो-टूक अपील: “टिकट के साथ, शान से करें यात्रा”
समस्तीपुर रेल मंडल ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे रेलवे की इस जनहितैषी पहल का सम्मान करें। जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है:
वैध टिकट ही है पहचान: बिना वैध टिकट के यात्रा न करें।
अनुशासन का पालन: स्टेशन पर भीड़ न बढ़ाएं और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।
समय का ध्यान: अपनी ट्रेन के प्रस्थान समय से कम से कम एक घंटा पहले स्टेशन पर पहुँचें ताकि किसी भी प्रकार की अफरातफरी से बचा जा सके।
सकारात्मक बदलाव की बयार
रेलवे की इस सक्रियता ने साबित कर दिया है कि समस्तीपुर मंडल अब छात्रों और युवाओं की जरूरतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। यह केवल ट्रेनों का परिचालन नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने का एक अभियान है जो बीपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं के माध्यम से समाज में बदलाव का सपना देखते हैं।
‘स्टार मिथिला न्यूज़’ रेल प्रशासन के इस साहसी और छात्र-हितैषी निर्णय का स्वागत करता है। हमें उम्मीद है कि यह व्यवस्था परीक्षार्थियों के लिए सुखद और मंगलमय साबित होगी।
स्टार मिथिला न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट(समस्तीपुर रेल मंडल, पूर्व मध्य रेल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के आधार पर)