बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर मानवीय संवेदना और सतर्कता का एक बेहतरीन मामला सामने आया है। दिनांक 04 अगस्त 2026 को झंझारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2-3 पर गश्त के दौरान आरक्षी विद्यानंद ठाकुर की नजर एक डरी-सहमी और अकेली बैठी बच्ची पर पड़ी। काफी देर से बच्ची को अकेले देखकर उन्होंने स्थानीय एक महिला की मदद से उससे पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपना नाम सोनाली कुमारी बताया और अपने घर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। इसके बाद उस नंबर पर संपर्क करके उसके परिजनों को इस बात की सूचना दी गई। स्थानीय महिला के सहयोग से बच्ची को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ओपी झंझारपुर लाया गया, जहां उसे सुरक्षित रूप से रखा गया।
सूचना मिलने के बाद बच्ची के पिता पिंटू राय स्थानीय थाना बिहरा (सहरसा) के पुलिस बल के साथ झंझारपुर ओपी पहुंचे। थाने में हुई विधिवत पूछताछ में बच्ची की पहचान सोनाली कुमारी (उम्र लगभग 12 वर्ष), पिता पिंटू राय, साकिन बिहरा, वार्ड संख्या 6, थाना बिहरा, जिला सहरसा के रूप में हुई।
जांच में पता चला कि इस संबंध में स्थानीय थाना बिहरा में पहले ही कांड संख्या 267/26 के तहत दिनांक 03.08.2026 को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मौके पर उचित सत्यापन के बाद, स्थानीय थाना बिहरा के पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर सुरक्षित मिली बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। समस्त कानूनी और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल, महिला अधिकारी और परिजनों के साथ अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित वापस लौट गए।

