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महरैल में स्पेशल ट्रेन के ठहराव की मांग तेज: जानिए क्या कहते हैं रेलवे के नियम और क्यों जरूरी है पर्याप्त टिकट बिक्री

खबर सारांश

झंझारपुर-लौकहा रेलखंड स्थित महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद बिहार-लौकहा बाजार स्पेशल (04013/04014) ट्रेन के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव महरैल स्टेशन पर भी सुनिश्चित किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को […]

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महरैल में स्पेशल ट्रेन के ठहराव की मांग तेज: जानिए क्या कहते हैं रेलवे के नियम और क्यों जरूरी है पर्याप्त टिकट बिक्री
लगभग 2 मिनट

झंझारपुर-लौकहा रेलखंड स्थित महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद बिहार-लौकहा बाजार स्पेशल (04013/04014) ट्रेन के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव महरैल स्टेशन पर भी सुनिश्चित किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिल सके। इस स्थिति को लेकर रेलवे प्रशासन का पक्ष है कि किसी भी एक्सप्रेस या स्पेशल ट्रेन का स्टॉपेज केवल जनमांग के आधार पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए परिचालन सुरक्षा, ट्रेन की समय-सारणी (punctuality) और वित्तीय मापदंडों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

​रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबी दूरी की ट्रेनों के बार-बार रुकने से न केवल ट्रेन की औसत गति धीमी होती है, बल्कि पूरी रेल लाइन का सिग्नलिंग और लाइन क्लीयरेंस चक्र प्रभावित होता है। बिना पर्याप्त यात्री संख्या और राजस्व के नया स्टॉपेज देने से रेलवे को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ता है और ट्रेन की परिचालन लागत बढ़ जाती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे के नियमों के तहत किसी भी गैर-उपनगरीय स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के लिए रोजाना कम से कम 40 या उससे अधिक लंबी दूरी के टिकटों की बिक्री और निर्धारित न्यूनतम दैनिक राजस्व मिलना अनिवार्य है।

​यदि किसी स्टेशन पर टिकट बिक्री की संख्या इस तय मानक से लगातार कम रहती है, तो रेलवे नीतिगत फैसलों के तहत पूर्व में दिए गए ठहराव को भी वापस ले लेता है। इसके अलावा, दो स्टेशनों के बीच की दूरी और ट्रेन के समय-पालन को बनाए रखना भी प्राथमिक शर्त होती है। किसी भी नए स्टॉपेज को पहले 6 महीने के प्रायोगिक (experimental) आधार पर लागू किया जाता है, और यदि इस दौरान निर्धारित टिकट बिक्री का लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो उस ठहराव को निरस्त कर दिया जाता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपनी बात रखें और स्टेशन परिसर में शांति बनाए रखें।

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