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दरभंगा और एकमी के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण शुरू, शहर को मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति

खबर सारांश

दरभंगा, 25 नवंबर 2025: बिहार के दरभंगा शहर में यातायात की समस्या को दूर करने के लिए शुरू की गई एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना अब तेजी पकड़ रही है। यह परियोजना न केवल शहर के घने इलाकों में ट्रैफिक को सुगम बनाएगी, बल्कि दरभंगा को एक आधुनिक शहर का […]

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दरभंगा और एकमी के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण शुरू, शहर को मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति
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दरभंगा, 25 नवंबर 2025: बिहार के दरभंगा शहर में यातायात की समस्या को दूर करने के लिए शुरू की गई एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना अब तेजी पकड़ रही है। यह परियोजना न केवल शहर के घने इलाकों में ट्रैफिक को सुगम बनाएगी, बल्कि दरभंगा को एक आधुनिक शहर का रूप देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हालिया अपडेट्स के अनुसार, गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका मिल चुका है और निर्माण कार्य जल्द ही गति पकड़ेगा।

यह एलिवेटेड रोड, जो NH-119D का हिस्सा है, लगभग 13 किलोमीटर लंबा होगा। यह शहर के प्रमुख व्यापारिक और आवासीय क्षेत्रों के ऊपर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़कों पर स्थानीय यातायात बिना रुकावट चल सकेगा। परियोजना का रूट दरभंगा जंक्शन से शुरू होकर एकमी चौक पर समाप्त होगा, जिसमें प्रमुख पॉइंट्स जैसे दोनार चौक, बेंता चौक, लहेरियासराय टावर, लोहिया चौक शामिल हैं। यह रूट शहर के दिल से होकर गुजरेगा, जो टावर चौक और अन्य व्यस्त चौराहों पर लगने वाले जाम को खत्म करेगा।

परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1862 करोड़ रुपये है, हालांकि शुरुआती आकलनों में यह 971.92 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के बाद राशि बढ़ाई गई।

यह परियोजना बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) के तहत चल रही है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा फंड किया जा रहा है। निर्माण का ठेका गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को दिया गया है, जो अगस्त 2025 में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी थी। अन्य कंपनियां जैसे अशोका बिल्डकॉन, एफकॉन्स और नवयुगा भी बोली में शामिल थीं।

निर्माण कार्य की शुरुआत 2023 के अंत या 2024 की शुरुआत में मिट्टी जांच और पिलर की नींव से हुई थी, लेकिन अब यह 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो यह कॉरिडोर 2028 तक यातायात के लिए खुल सकता है। नवंबर 2025 तक, वित्तीय बोलियां खुल चुकी हैं और परियोजना पुरजोर तरीके से आगे बढ़ रही है।

इस परियोजना का महत्व शहरवासियों के लिए कई मायनों में है। सबसे पहले, यह ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी, जहां घंटों लगने वाला सफर मिनटों में पूरा होगा। दूसरा, यह निर्माणाधीन दरभंगा AIIMS को सीधे जोड़ेगी, जिससे मरीजों को बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे अस्पताल पहुंचना आसान होगा।

तीसरा, आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव से मिथिलांचल के अन्य जिलों जैसे मधुबनी और समस्तीपुर से आने वाले लोग आसानी से शहर पहुंच सकेंगे, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।

अंत में, यह परियोजना दरभंगा के शहरी विकास को बढ़ावा देगी, व्यापार और निवेश को आकर्षित करेगी।अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना उत्तर बिहार की बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी। नवीनतम अपडेट्स में, तकनीकी पहलुओं जैसे पिलर की ऊंचाई और अन्य विवरणों पर काम जारी है, लेकिन आधिकारिक घोषणाएं जल्द आने की उम्मीद है। यह परियोजना दरभंगा को एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

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