दरभंगा। मिथिलांचल के प्रमुख केंद्र दरभंगा में जल्द ही दूध और दही का एक बड़ा आधुनिक प्रसंस्करण केंद्र (मॉडर्न डेयरी प्लांट) स्थापित होने जा रहा है। इस संयंत्र के निर्माण से न केवल दरभंगा, बल्कि आसपास के मधुबनी, समस्तीपुर और बेगुसराय जिलों के पशुपालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीकों से लैस यह डेयरी प्लांट स्थानीय स्तर पर दूध की खपत और प्रसंस्करण क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा, जिससे किसानों और पशुपालकों की कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

आधुनिक सुविधाओं और उच्च तकनीक से लैस होगा प्लांट
प्रस्तावित डेयरी प्लांट में दूध के संग्रहण, चिलिंग, पाश्चुरीकरण (Pasteurization) और पैकेट बंद दही, लस्सी, मक्खन, पनीर व घी तैयार करने की अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। मिथिलांचल की खान-पान परंपरा में ‘दही-चूड़ा’ का विशेष महत्व है, ऐसे में गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की मांग को पूरा करने में यह प्लांट मील का पत्थर साबित होगा।
किसान और पशुपालकों के लिए प्रमुख फायदे
- उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था: गांव-गांव में दूध संग्रहण केंद्र बनने से पशुपालकों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और दूध की सही कीमत सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी।
- स्वरोजगार और रोजगार सृजन: डेयरी प्लांट के संचालन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंँग और वितरण नेटवर्क के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- पशुधन विकास को बढ़ावा: किसानों को उन्नत नस्ल के पशुपालन और वैज्ञानिक तरीके से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
- ताजा एवं शुद्ध उत्पादों की आपूर्ति: दरभंगा और आसपास के शहरी व ग्रामीण इलाकों में शुद्ध दूध और दही की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
मिथिलांचल के ग्रामीण अर्थशास्त्र को मिलेगी मजबूती
माछ और मखाना के क्षेत्र में पहले से ही प्रसिद्ध मिथिलांचल अब दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। दरभंगा में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीण अर्थशास्त्र को संबल मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति प्राप्त होगी।

