झंझारपुर : रेलवे ट्रैक पर सिटिंग बेंच का टुकड़ा मिलने से टला बड़ा हादसा; लोको पायलट की सूझबूझ और आरपीएफ की मुस्तैदी से दो लोग हिरासत में

झंझारपुर/समस्तीपुर। लौकहा बाजार से आनंद विहार जाने वाली 04013 लौकहा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन के मार्ग में एक गंभीर बाधा आने से बड़ा हादसा टल गया, जिसे लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की त्वरित कार्रवाई ने समय रहते नाकाम कर दिया। 26 अक्टूबर की सुबह लगभग 02:25 बजे जब यह ट्रेन महरैल स्टेशन के लाइन नंबर एक से गुजर रही थी (यद्यपि इस स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव नहीं है), तब ट्रेन के लोको पायलट उपेंद्र भंडारी की नजर रेलवे ट्रैक पर पड़ी। उन्होंने देखा कि फुट ओवर ब्रिज (FOB) के पास ट्रैक पर सिटिंग बेंच का एक टुकड़ा (कॉंक्रीट स्लैब) रखा हुआ है।
अंधेरे में इस गंभीर खतरे को भांपते हुए लोको पायलट उपेंद्र भंडारी ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित रोक लिया। इसके बाद 02:30 बजे ट्रैक से उस टुकड़े को हटाया गया, 02:35 बजे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और 02:40 बजे स्टेशन मास्टर को मेमो सौंपा गया। सभी सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद 02:44 बजे ट्रेन को आगे झंझारपुर के लिए रवाना किया गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
इस घटना की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अनुकरणीय तत्परता का परिचय दिया। सुबह लगभग 03:20 बजे सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की टीम सुबह 04:00 बजे तक महरैल स्टेशन पहुंच गई। इस दौरान सहायक सुरक्षा आयुक्त (RPF) समस्तीपुर, जीआरपी थानाध्यक्ष, रुद्रपुर थाना के पुलिस बल और आरपीएफ इंस्पेक्टर पुखराज मीना ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
आरपीएफ प्रभारी (झंझारपुर) अरविन्द कुमार, आरक्षी हरि नारायण चौधरी, आरक्षी अजय कुमार मीना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 अक्टूबर की रात 22:00 बजे सूचना के आधार पर सादे लिबास में दबिश देकर संबंधित व्यक्ति को निरुद्ध कर लिया। इसके बाद 27 अक्टूबर की रात करीब 02:00 बजे विधिसम्मत कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपियों को रुद्रपुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान असमत अंसारी (पिता मो0 जाहिद अंसारी) और एक नाबालिग मो0 सोहेल (पिता मो0 वहीद अंसारी) के रूप में हुई है, जो दोनों महरैल कर्णपुर चौक, थाना- रुद्रपुर के रहने वाले हैं।
इस मामले में पुलिस ने रेल अधिनियम 1989 (संशोधित 2003) की धारा 150/1 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 250 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। लोको पायलट की सूझबूझ और आरपीएफ इंस्पेक्टर पुखराज मीना सहित पूरी सुरक्षा टीम की इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई के कारण एक भीषण रेल दुर्घटना टल गई।
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