बिहार सरकार ने राज्य की निबंधन व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए ‘बिहार निबंधन नियमावली, 2026’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय अधिसूचना और हालिया आदेशों के आलोक में निबंधन प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने के दूसरे चरण का शुभारंभ कर दिया गया है, जिससे आम जनता को कागजी औपचारिकताओं की जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी।

विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, द्वितीय चरण के तहत राज्यभर के कुल 40 जिला और अवर निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस दस्तावेजों के निबंधन का कार्य दिनांक 03 अगस्त 2026 से अनिवार्य रूप से शुरू हो चुका है। इस व्यवस्था के लागू होने से भूमि, संपत्ति और अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद तेज और सुगम हो गई है।
पेपरलेस निबंधन के दायरे में आने वाले प्रमुख जिला निबंधन कार्यालयों में अरवल, किशनगंज, मधेपुरा, मुंगेर, औरंगाबाद, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया), सारण (छपरा), रोहतास, मधुबनी, सहरसा, बक्सर, भागलपुर, कैमूर, शेखपुरा, शिवहर, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), नालंदा और लखीसराय शामिल हैं। इसके साथ ही अवर निबंधन कार्यालयों जैसे जोकीहाट, नीमचकबथानी, उदाकिशुनगंज, हवेली खड़गपुर, अमरपुर, चनपटिया, बखरी, परसा, खजौली, डुमरांव, बिहपुर, मोहनियाँ, हिलसा, धमदाहा, किशनपुर, मनिहारी, दरौली, महनार, भुतही, शेरघाटी, रजौली और त्रिवेणीगंज में भी यह डिजिटल सेवा सुचारू रूप से प्रभावी कर दी गई है।
सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय से न केवल नागरिकों के समय की बचत होगी, बल्कि कार्यालयों में लगने वाली लंबी कतारों और कागजी झंझटों से भी राहत मिलेगी। डिजिटल माध्यम से दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित रहने के कारण लोगों को भविष्य में रिकॉर्ड प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
Discover more from Star Mithila News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


