ट्रेनों के बिना सूना सूना सा झंझारपुर जंक्शन 😔
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Jhanjharpur
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दिव्यांग बोगी में अनाधिकृत कब्जा जमाना पड़ा महंगा, झंझारपुर RPF ने वसूला ₹8,000 जुर्माना
स्टार मिथिला न्यूज़ डेस्क, झंझारपुर: ट्रेन के दिव्यांग कोच में बिना अनुमति अवैध रूप से यात्रा करने और रेल प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाले अनाधिकृत यात्रियों पर झंझारपुर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई की है।
गाड़ी संख्या 13211 में गश्त के दौरान RPF टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 यात्रियों को पकड़ा और उन पर कुल ₹8,000 का जुर्माना अधिरोपित किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 13211 जब झंझारपुर जंक्शन पर रुकी, तब RPF की गश्ती टीम ने दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित विशेष कोच का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोच में सामान्य यात्री बिना किसी अधिकार पत्र या वैध पास के अवैध रूप से बैठे हुए थे।
RPF जवानों ने जब उन यात्रियों को दिव्यांग कोच खाली कर सामान्य कोच में जाने का निर्देश दिया, तो उन्होंने रेल प्रशासन की चेतावनी को दरकिनार कर दिया और बोगी से हटने से मना कर दिया।
इन 4 यात्रियों पर दर्ज हुआ मामला
रेल प्रशासन के आदेश की अवहेलना करने और दिव्यांग यात्रियों के अधिकारों पर अतिक्रमण करने के आरोप में RPF टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित चार यात्रियों को पकड़ा:
- अमित कुमार सिंह
- सरवन कुमार
- संजय कुमार
- पप्पू मंडल
रेल अधिनियम की धारा 155 के तहत कार्रवाई
RPF झंझारपुर ने चारों आरोपियों के विरुद्ध रेल अधिनियम की धारा 155 (आरक्षित कोच में अनाधिकृत प्रवेश) तथा जन विश्वास अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
प्रशासन द्वारा कठोर रुख अपनाते हुए प्रत्येक यात्री पर ₹2,000-₹2,000 का दंड लगाया गया, जिसके तहत कुल ₹8,000 की जुर्माना राशि वसूल की गई।
RPF की सख्त चेतावनी
झंझारपुर RPF पोस्ट की इस त्वरित कार्रवाई से जहां दिव्यांग यात्रियों ने राहत की सांस ली है, वहीं ट्रेन में बिना टिकट व अनाधिकृत रूप से आरक्षित बोगियों में कब्जा जमाने वाले यात्रियों में हड़कंप मच गया है।
रेल प्रशासन की अपील:
“दिव्यांग कोच केवल विशेष रूप से सक्षम यात्रियों की सुविधा के लिए हैं। सामान्य यात्री इनमें प्रवेश न करें। भविष्य में भी ऐसे अनाधिकृत यात्रियों के खिलाफ RPF का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।”
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झंझारपुर होकर न जाने प्रतिदिन कितना मालगाड़ी गुजरता है, पता नहीं क्यों इस रूट पर यात्री ट्रेनों का परिचालन क्यों नहीं किया जा रहा है।
आखिर कब चलेगी मुंबई, हावड़ा, गुवाहित, असम, कन्याकुमारी, पटना, अयोध्या, न्यू दिल्ली, रांची, हैदराबाद, भोपाल, अहमदाबाद के लिए ट्रेन।
चली चली चली चली चली
देखो आज फिर माल गाड़ी चली -

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झंझारपुर बाजार हॉल्ट को स्टेशन बनाने को लेकर नीतीश मिश्रा ने रेल मंत्री को लिखा पत्र, शुरू हुई जांच
झंझारपुर बाजार हॉल्ट को पूर्ण रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने पहल शुरू कर दी है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा के पत्र पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने मामले की जांच प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस कदम से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और रेल यात्रियों में बेहतर यात्री सुविधाओं को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बीते 21 सितंबर 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखकर झंझारपुर बाजार हॉल्ट के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की मांग की थी। इस पत्र का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सुझाव और मांगों की तकनीकी व व्यावहारिक जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात ही इस विषय पर समुचित और उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
नीतीश मिश्रा ने अपने पत्र में हॉल्ट की भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया था। दरभंगा-झंझारपुर-लौकहा रेलखंड मिथिला क्षेत्र को नेपाल से सीधे जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रेलखंड पर स्थित झंझारपुर जंक्शन को पहले से ही ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत विकसित किया जा रहा है। हालांकि, झंझारपुर बाजार हॉल्ट के आसपास बरहरा बाजार, अंधराठाढ़ी, लखनौर और मधेपुर प्रखंडों की लगभग ढाई से तीन लाख की विशाल आबादी निर्भर है।
बाजार हॉल्ट के आसपास कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, चिकित्सा और व्यावसायिक संस्थान स्थित हैं। इनमें बाजार समिति, कोल्ड स्टोरेज, एफसीआई गोदाम, अनुमंडल कार्यालय, अनुमंडलीय अस्पताल, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और विभिन्न शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। नवनिर्मित झंझारपुर मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भी इस हॉल्ट से मात्र 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके विपरीत, मुख्य झंझारपुर अमृत भारत स्टेशन इन सभी प्रमुख स्थलों से लगभग 4 से 5 किलोमीटर दूर पड़ता है।
ऐसी स्थिति में यदि झंझारपुर बाजार हॉल्ट का उन्नयन कर इसे स्टेशन का दर्जा दिया जाता है, तो इससे मरीजों, छात्रों, कारोबारियों, न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं व फरियादियों और ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। रेल मंत्रालय की ओर से जांच शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह है। हालांकि, अभी इसे औपचारिक रूप से पूर्ण स्टेशन का दर्जा देने की मंजूरी नहीं मिली है; आगे का अंतिम निर्णय मंत्रालय की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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झंझारपुर, निर्मली, लौकहा से नहीं चली मुम्बई, कोलकाता की ट्रेन, आखिर इस त्योहार क्यों उदास हुआ रेलवे
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तमुरिया रेलवे स्टेशन पर अमृत की वर्षा हो रही है।
तमुरिया रेलवे स्टेशन पर अमृत की वर्षा हो रही है।
इस अमृत काल में सभी अमृत भारत स्टेशनों का भी यही हाल है तो अन्य स्टेशन का क्या हाल होगा?
थोड़ी भी बरसात में झंझारपुर निर्मली रेलखंड के लगभग सभी स्टेशनों का यही हाल हो जाता है। बता दें कि इस रेलखंड पर इन स्टेशनों का नव निर्माण आमान परिवर्तन के दौरान हुआ जो लगभग 6 से 7 साल पहले बना, अब 6,7 सालों में ही ये हाल स्टेशनों का है।
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झंझारपुर रेलवे स्टेशन परिसर में आरपीएफ अधिकारी पर जानलेवा हमला: पांच गिरफ्तार, दो फरार
झंझारपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित टैक्सी स्टैंड और पार्किंग क्षेत्र में सोमवार देर रात (लगभग 11:30 बजे) 10 से 12 असामाजिक तत्वों व स्थानीय लोगों के बीच आपसी विवाद को लेकर उग्र हंगामा हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के प्रभारी अरविंद कुमार के निर्देश पर सहायक उप-निरीक्षक (ASI) विकास कुमार आरपीएफ के जवानों के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। जब एएसआई विकास कुमार दोनों पक्षों को शांत कराने और समझाकर मामला निपटाने का प्रयास कर रहे थे, उसी दौरान मोटरसाइकिल से आए कुछ उपद्रवियों ने पीछे से उन पर लाठी-डंडों से अचानक जानलेवा हमला कर दिया।
हमले का प्रभाव और पुलिस कार्रवाई सिर पर लाठी का सीधा और ज़ोरदार वार लगते ही एएसआई विकास कुमार लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़े। इस अचानक हुए हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुस्तैदी दिखाई और मौके से एक हमलावर को रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से की गई पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने रेलवे परिसर और आसपास के इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार एवं फरार आरोपियों की जानकारी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपियों की पहचान अमरेश पासवान, लोकेश कुमार, अवधेश पासवान, रामनारायण पासवान और बसंत पासवान के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के राजनपुर (वार्ड संख्या 12) के निवासी हैं। पुलिस की इस तत्परता के बीच दो अन्य आरोपी रात के अंधेरे का फ़ायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फरार आरोपियों में से एक की पहचान झंझारपुर थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार के रूप में कर ली गई है, जबकि दूसरे अज्ञात आरोपी की पहचान के प्रयास जारी हैं। पुलिस फरार बदमाशों की गिरफ़्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य स्थिति हमले में घायल एएसआई विकास कुमार को तुरंत इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके सिर के ज़ख्म पर एक टांका लगाया और हाथ की चोट की गंभीरता को देखते हुए एक्स-रे कराया। चिकित्सकों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह से स्थिर और ख़तरे से बाहर बताई गई है।
कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान इस घटना के संदर्भ में घायल एएसआई विकास कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) थाना, दरभंगा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पकड़े गए पाँचों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी सत्यापन के लिए दरभंगा लाया गया है। मामले की आगे की जाँच और अनुसंधान की ज़िम्मेदारी उप-निरीक्षक दिलीप कुमार को सौंपी गई है।

