झंझारपुर को मिली बड़ी सौगात: केंद्रीय विद्यालय का हुआ भव्य शुभारंभ! 🎓✨
झंझारपुर वासियों का लंबा इंतजार आज आखिरकार खत्म हो गया! सोमवार को झंझारपुर में केंद्रीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इस अवसर की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि एक नन्हीं बच्ची के हाथों फीता कटवाकर स्कूल का उद्घाटन कराया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पांडे और अनुमंडल पदाधिकारी टोनी कुमारी मौजूद रहे।
झंझारपुर और पूरे मधुबनी जिले के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है!
झंझारपुर को मिली बड़ी सौगात: केंद्रीय विद्यालय का हुआ भव्य शुभारंभ! 🎓✨
झंझारपुर वासियों का लंबा इंतजार आज आखिरकार खत्म हो गया! सोमवार को झंझारपुर में केंद्रीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इस अवसर की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि एक नन्हीं बच्ची के हाथों फीता कटवाकर स्कूल का उद्घाटन कराया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आनंद शर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अक्षय कुमार पांडे और अनुमंडल पदाधिकारी टोनी कुमारी मौजूद रहे।
झंझारपुर और पूरे मधुबनी जिले के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है!
झंझारपुर दस्तावेज नवीस संघ के द्वारा आगामी 8 अक्टूबर 2026 तक असहयोग आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
नवीस संघ के अध्यक्ष के समक्ष सभी कातिबगण एवं अन्य कार्यकर्ताओं के द्वारा आज दिनांक 17 सितंबर 2026 को सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता झंझारपुर निबंधन कार्यालय में निबंधन कार्य पूर्णतः बंद रहेगा।
बिहार और गुजरात के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर दी है। मिथिलांचल और आसपास के इलाकों से गुजरात की ओर आने-जाने वाले लोगों की भारी मांग और अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए, रेलवे ने झंझारपुर और उधना के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के परिचालन दिनों और उसकी अवधि को बढ़ा दिया है। इस विस्तार से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अक्सर कन्फर्म टिकट न मिलने या ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की समस्या से जूझते हैं।
रेलवे के निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, यात्रियों की सहूलियत के लिए दोनों दिशाओं की ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं। गाड़ी संख्या 09048 झंझारपुर-उधना स्पेशल ट्रेन अब प्रत्येक सोमवार को चलाई जाएगी और इसका परिचालन आगामी 28 सितंबर तक जारी रहेगा। वहीं, वापसी की दिशा में यानी गुजरात से बिहार लौटने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 09074 उधना-झंझारपुर स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार को संचालित होगी और यह सेवा 27 सितंबर तक उपलब्ध रहेगी। इस विस्तारित अवधि से यात्रियों को त्योहारी सीजन या सामान्य दिनों में भी आवागमन की योजना बनाने में आसानी होगी।
यह स्पेशल ट्रेन अपने लंबे सफर के दौरान देश के कई महत्वपूर्ण राज्यों, शहरों और जंक्शनों से होकर गुजरेगी। इसके तय किए गए रूट के अनुसार, यह ट्रेन सकरी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और बक्सर जैसे बिहार के प्रमुख स्टेशनों से निकलते हुए आगे बढ़ेगी। इसके बाद यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मध्य प्रदेश के जबलपुर और इटारसी तथा गुजरात के बरडोली जैसे चुनिंदा स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। इस सुनियोजित मार्ग के कारण बिहार से पश्चिमी भारत (गुजरात और महाराष्ट्र की ओर) जाने वाले कामगारों, व्यापारियों और आम पर्यटकों को यात्रा करने में बहुत सुविधा होगी।
मूलभूत यात्री सुविधाओं की कमी और ट्रेनों के सीमित परिचालन के बावजूद झंझारपुर जंक्शन समस्तीपुर रेल मंडल के स्टेशनों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 तक झंझारपुर जंक्शन ने टिकट एवं अन्य यात्री सेवाओं से 2 करोड़ 99 लाख 3 हजार 204 रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इस मजबूत राजस्व संग्रह के साथ इस स्टेशन ने समस्तीपुर रेल मंडल के स्टेशनों में 27वां स्थान हासिल किया है।
यात्रियों का कहना है कि जिस स्टेशन से रेलवे को लगातार करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है, वहां उसी अनुपात में यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के फेरों का विस्तार होना चाहिए। स्टेशन पर साफ-सफाई, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और प्लेटफॉर्म सुविधाओं को और बेहतर बनाने की मांग लगातार उठती रही है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि बढ़ते राजस्व को देखते हुए रेलवे जल्द ही झंझारपुर से यात्री सुविधाओं और ट्रेनों की संख्या में इजाफा करेगा।
समस्तीपुर रेलमंडल के सभी स्टेशनों के 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक के राजस्व (Revenue) और यात्री फुटफॉल (Footfall) के आँकड़े:
झंझारपुर रेलवे हॉल्ट के समीप सड़ी-गली अवस्था में लगभग एक महीने पुरानी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है, साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर यह शव इतनी बुरी हालत में यहां तक कैसे पहुंचा।
घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, झंझारपुर हॉल्ट के समीप करीब 02 बजे हल्की सी बदबू आ रही थी इसी दौरान जब स्थानीय लोगों ने बदबू के स्रोत की तलाश की, तो हॉल्ट के पास झाड़ियों के पास एक मानव का क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। शव की स्थिति इतनी भयानक और सड़ी-गली थी कि पहली नजर में उसकी पहचान करना असंभव था।
अनुमानित समय और स्थिति शव की शारीरिक स्थिति और आसपास के प्रत्यक्षदर्शी के कथनानुसार अनुमान है कि यह लाश कम से कम एक महीना पुरानी हो सकती है। शव का अधिकांश हिस्सा सड़ चुका था और केवल कंकाल नुमा ढांचा शेष बचा था, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि हत्या या मौत किसी अन्य स्थान पर करने के बाद शव को यहां लाकर ठिकाने लगाया गया होगा।
रहस्य और स्थानीय लोगों के सवाल इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि 1. क्या इस व्यक्ति की हत्या किसी अन्य जगह पर करके शव को यहां फेंका गया है? 2. क्या यह किसी सुनसान इलाके का फायदा उठाकर अपराधियों द्वारा साक्ष्य मिटाने की साजिश है?
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस), आर पी एफ मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब अन्य जांच में जुट गई है ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
झंझारपुर में लघु खादी मॉल का निर्माण काफी गति से चल रहा है
बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में ‘लघु खादी मॉल’ (Mini Khadi Mall) का निर्माण कराया जा रहा है। यह बिहार सरकार के उद्योग विभाग और अवसंरचना विकास प्राधिकरण (IDA) की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय खादी और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा देना है।
मुख्य बिंदु और विशेषताएं:
उद्देश्य: स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को अपने उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए एक आधुनिक और बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना।
स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा: इस मॉल में खादी के कपड़ों के साथ-साथ मिथिला पेंटिंग (माधुबनी आर्ट), हस्तशिल्प, ग्रामोद्योग उत्पाद और स्थानीय पारंपरिक वस्तुएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
रोजगार के अवसर: खादी मॉल के शुरू होने से झंझारपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के कारीगरों और युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बाजार से जुड़ाव: यह मॉल मिथिला क्षेत्र के खादी और हस्तशिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने में मदद करेगा, जिससे कारीगरों को उनके हुनर का सही मूल्य मिल सकेगा।
झंझारपुर-लौकहा रेलखंड स्थित महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद बिहार-लौकहा बाजार स्पेशल (04013/04014) ट्रेन के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव महरैल स्टेशन पर भी सुनिश्चित किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिल सके। इस स्थिति को लेकर रेलवे प्रशासन का पक्ष है कि किसी भी एक्सप्रेस या स्पेशल ट्रेन का स्टॉपेज केवल जनमांग के आधार पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए परिचालन सुरक्षा, ट्रेन की समय-सारणी (punctuality) और वित्तीय मापदंडों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबी दूरी की ट्रेनों के बार-बार रुकने से न केवल ट्रेन की औसत गति धीमी होती है, बल्कि पूरी रेल लाइन का सिग्नलिंग और लाइन क्लीयरेंस चक्र प्रभावित होता है। बिना पर्याप्त यात्री संख्या और राजस्व के नया स्टॉपेज देने से रेलवे को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ता है और ट्रेन की परिचालन लागत बढ़ जाती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे के नियमों के तहत किसी भी गैर-उपनगरीय स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के लिए रोजाना कम से कम 40 या उससे अधिक लंबी दूरी के टिकटों की बिक्री और निर्धारित न्यूनतम दैनिक राजस्व मिलना अनिवार्य है।
यदि किसी स्टेशन पर टिकट बिक्री की संख्या इस तय मानक से लगातार कम रहती है, तो रेलवे नीतिगत फैसलों के तहत पूर्व में दिए गए ठहराव को भी वापस ले लेता है। इसके अलावा, दो स्टेशनों के बीच की दूरी और ट्रेन के समय-पालन को बनाए रखना भी प्राथमिक शर्त होती है। किसी भी नए स्टॉपेज को पहले 6 महीने के प्रायोगिक (experimental) आधार पर लागू किया जाता है, और यदि इस दौरान निर्धारित टिकट बिक्री का लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो उस ठहराव को निरस्त कर दिया जाता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपनी बात रखें और स्टेशन परिसर में शांति बनाए रखें।
मिथिलांचल और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक राहत भरी खबर सामने आई है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों की तात्कालिक भीड़ और मांग को ध्यान में रखते हुए आसनसोल से झंझारपुर के बीच केवल एक फेरे (एक दिन) के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
गाड़ी संख्या 03573 और 03574 के रूप में चलाई जा रही यह सेवा पूरी तरह साधारण श्रेणी की होगी, जिससे आम यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
आसनसोल से झंझारपुर के लिए गाड़ी संख्या 03573 का परिचालन केवल एक दिन 25 अगस्त 2026 (मंगलवार) को किया जाएगा। यह ट्रेन आसनसोल जंक्शन से दोपहर 01:59 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद यह चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, जमुई, मननपुर, किऊल, लखीसराय, अशोकधाम, बड़हिया, हाथीदह अपर, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा और सकरी जंक्शन पर रुकते हुए अगले दिन तड़के 01:00 बजे झंझारपुर पहुंचेगी।
यह ट्रेन कुल 375 किलोमीटर की दूरी लगभग 11 घंटे में तय करेगी।वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 03574 का परिचालन भी केवल एक दिन 26 अगस्त 2026 (बुधवार) को झंझारपुर स्टेशन से किया जाएगा।
झंझारपुर से यह ट्रेन तड़के 03:00 बजे रवाना होगी और सकरी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, हाथीदह अपर, बड़हिया, अशोकधाम, लखीसराय, किऊल, मननपुर, जमुई, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और चित्तरंजन होते हुए उसी दिन दोपहर 01:00 बजे आसनसोल जंक्शन पहुंचेगी। इस दिशा में यह यात्रा कुल 10 घंटे में पूरी होगी।
रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार यह स्पेशल ट्रेन ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ के तहत केवल एक-एक फेरे के लिए ही उपलब्ध कराई गई है। इस ट्रेन में सामान्य और दिव्यांग यात्रियों के लिए अनारक्षित कोच उपलब्ध रहेंगे और इसमें साधारण किराया श्रेणी लागू होगी।
झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर और बरौनी क्षेत्र के उन यात्रियों के लिए यह एक दिवसीय ट्रेन सेवा विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी जो पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करना चाहते हैं।
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा देश के धार्मिक पर्यटकों के लिए एक बेहद आकर्षक और भव्य टूर पैकेज की शुरुआत की जा रही है। इस पैकेज का नाम ‘दक्षिण भारत यात्रा विद ज्योतिर्लिंग, एक्स- सहरसा’ (Dakshin Bharat Yatra with Jyotirlinga Ex-Saharsa) है, जिसका पैकेज कोड EZBG33 है। यह विशेष यात्रा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसमें यात्रियों को स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3AC) और सेकंड एसी (2AC) श्रेणियों में यात्रा करने का शानदार विकल्प मिलेगा।
यह संपूर्ण यात्रा 11 रात और 12 दिन की होगी, जिसकी शुरुआत आगामी 12 सितंबर 2026 से होगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस पैकेज में ट्रेन यात्रा के अलावा सड़क मार्ग (रोड ट्रांसपोर्ट) के लिए कैब और बस, होटलों में ठहरने की व्यवस्था, स्वादिष्ट भोजन तथा ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
झंझारपुर होकर चलेगी यह भारत गौरव ट्रेन, जानिए प्रमुख बोर्डिंग स्टेशन
यात्रियों की सुविधा के लिए इस भारत गौरव ट्रेन के रूट में कई प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है, जहाँ से यात्री इस ट्रेन में सवार (बोर्डिंग) या उतर (डी-बोर्डिंग) सकते हैं। मिथिला क्षेत्र के यात्रियों के लिए झंझारपुर होकर चलेगी यह ट्रेन, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। इस ट्रेन का संपूर्ण रूट सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किउल, जसीडीह, आसनसोल और पुरुलिया तय किया गया है।
सम्मिलित धार्मिक स्थल एवं दर्शनीय स्थल
इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को दक्षिण भारत के कई प्रतिष्ठित और पावन स्थलों पर ले जाया जाएगा। यात्रा के मुख्य गंतव्यों और धार्मिक स्थलों में निम्नलिखित शामिल हैं:
तिरुपति: प्रसिद्ध बालाजी दर्शन और पद्मावती मंदिर।
रामेश्वरम: रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग।
मदुरै: ऐतिहासिक मीनाक्षी मंदिर।
कन्याकुमारी: कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानन्द रॉक मेमोरियल।
मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश): मल्लिकार्जुन स्वामी ज्योतिर्लिंग।
इन सभी धार्मिक स्थलों का भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में अत्यधिक महत्व है, जो तीर्थयात्रियों के मन पर एक गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।
टूर पैकेज का किराया (प्रति व्यक्ति)
भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत भारतीय रेलवे द्वारा इस यात्रा पर रियायत प्रदान की जा रही है, जिसके बाद विभिन्न श्रेणियों का किराया इस प्रकार है:
इकोनॉमी (स्लीपर श्रेणी): ₹24,590/- प्रति व्यक्ति
स्टैंडर्ड (थर्ड एसी श्रेणी): ₹44,730/- प्रति व्यक्ति
कम्फर्ट (सेकंड एसी श्रेणी): ₹54,300/- प्रति व्यक्ति