झंझारपुर बाजार हॉल्ट को स्टेशन बनाने को लेकर नीतीश मिश्रा ने रेल मंत्री को लिखा पत्र, शुरू हुई जांच

झंझारपुर बाजार हॉल्ट को पूर्ण रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में रेल मंत्रालय ने पहल शुरू कर दी है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा के पत्र पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने मामले की जांच प्रक्रिया प्रारंभ की है। इस कदम से स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और रेल यात्रियों में बेहतर यात्री सुविधाओं को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।
नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बीते 21 सितंबर 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखकर झंझारपुर बाजार हॉल्ट के उन्नयन (अपग्रेडेशन) की मांग की थी। इस पत्र का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सुझाव और मांगों की तकनीकी व व्यावहारिक जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात ही इस विषय पर समुचित और उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
नीतीश मिश्रा ने अपने पत्र में हॉल्ट की भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को प्रमुखता से रेखांकित किया था। दरभंगा-झंझारपुर-लौकहा रेलखंड मिथिला क्षेत्र को नेपाल से सीधे जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रेलखंड पर स्थित झंझारपुर जंक्शन को पहले से ही ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत विकसित किया जा रहा है। हालांकि, झंझारपुर बाजार हॉल्ट के आसपास बरहरा बाजार, अंधराठाढ़ी, लखनौर और मधेपुर प्रखंडों की लगभग ढाई से तीन लाख की विशाल आबादी निर्भर है।
बाजार हॉल्ट के आसपास कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, चिकित्सा और व्यावसायिक संस्थान स्थित हैं। इनमें बाजार समिति, कोल्ड स्टोरेज, एफसीआई गोदाम, अनुमंडल कार्यालय, अनुमंडलीय अस्पताल, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और विभिन्न शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। नवनिर्मित झंझारपुर मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भी इस हॉल्ट से मात्र 1 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके विपरीत, मुख्य झंझारपुर अमृत भारत स्टेशन इन सभी प्रमुख स्थलों से लगभग 4 से 5 किलोमीटर दूर पड़ता है।
ऐसी स्थिति में यदि झंझारपुर बाजार हॉल्ट का उन्नयन कर इसे स्टेशन का दर्जा दिया जाता है, तो इससे मरीजों, छात्रों, कारोबारियों, न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं व फरियादियों और ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। रेल मंत्रालय की ओर से जांच शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह है। हालांकि, अभी इसे औपचारिक रूप से पूर्ण स्टेशन का दर्जा देने की मंजूरी नहीं मिली है; आगे का अंतिम निर्णय मंत्रालय की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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