झंझारपुर अब मालगाड़ियों का नया ठिकाना बन गया है। प्रतिदिन 20 से अधिक मालगाड़ी यहाँ से गुजरती है। प्लेटफॉर्म 1 हो…


झंझारपुर अब मालगाड़ियों का नया ठिकाना बन गया है। प्रतिदिन 20 से अधिक मालगाड़ी यहाँ से गुजरती है। प्लेटफॉर्म 1 हो या 2 पूरे दिन मालगाड़ी खड़ी रहती है।
यात्रियों के लिए पैसेंजर या एक्सप्रेस ट्रेन नहीं है। जो ट्रेन है वो समय से नहीं चलती है। जो स्पेशल ट्रेन चल रही है पता नहीं कब बंद हो जाए। इस सबको देखकर ऐसा लग रहा कि रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, निर्मली, फारबिसगंज, अररिया, गलगलिया रेल लाइन सिर्फ मालगाड़ियों के लिए शॉर्ट रूट है इसीलिए मालगाड़ियों को इस रूट से चलाया जाता है। यात्री ट्रेन के लिए खगड़िया, मानसी शाॅर्ट रूट है।
आखिर रेलवे और इस क्षेत्र के महान नेता, सांसद, विधायक अपने क्षेत्र पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। झंझारपुर को सियालदाह, मुंबई, दिल्ली, पंजाब, भोपाल, रांची, पटना, गुवाहाटी, कामाख्या, अयोध्या की ट्रेन कब मिलेगी।
क्या ये रूट सिर्फ मालगाड़ियों के लिए बनाया गया है?
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