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  • झंझारपुर में लघु खादी मॉल का निर्माण काफी गति से चल रहा है

    झंझारपुर में लघु खादी मॉल का निर्माण काफी गति से चल रहा है

    झंझारपुर में लघु खादी मॉल का निर्माण काफी गति से चल रहा है

    बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में ‘लघु खादी मॉल’ (Mini Khadi Mall) का निर्माण कराया जा रहा है। यह बिहार सरकार के उद्योग विभाग और अवसंरचना विकास प्राधिकरण (IDA) की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय खादी और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा देना है।

    ​मुख्य बिंदु और विशेषताएं:
    ​उद्देश्य: स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को अपने उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए एक आधुनिक और बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना।

    ​स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा: इस मॉल में खादी के कपड़ों के साथ-साथ मिथिला पेंटिंग (माधुबनी आर्ट), हस्तशिल्प, ग्रामोद्योग उत्पाद और स्थानीय पारंपरिक वस्तुएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।

    ​रोजगार के अवसर: खादी मॉल के शुरू होने से झंझारपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के कारीगरों और युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    ​बाजार से जुड़ाव: यह मॉल मिथिला क्षेत्र के खादी और हस्तशिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने में मदद करेगा, जिससे कारीगरों को उनके हुनर का सही मूल्य मिल सकेगा।

  • लौकहा बाजार आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ी, जनरल कोच बढ़ने से यात्रियों को होगा फायदा

    लौकहा बाजार आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ी, जनरल कोच बढ़ने से यात्रियों को होगा फायदा

    लौकहा बाजार आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ने से त्योहारी सीजन में लोगों को लाभ मिलेगा।

  • महरैल में स्पेशल ट्रेन के ठहराव की मांग तेज: जानिए क्या कहते हैं रेलवे के नियम और क्यों जरूरी है पर्याप्त टिकट बिक्री

    महरैल में स्पेशल ट्रेन के ठहराव की मांग तेज: जानिए क्या कहते हैं रेलवे के नियम और क्यों जरूरी है पर्याप्त टिकट बिक्री

    झंझारपुर-लौकहा रेलखंड स्थित महरैल रेलवे स्टेशन पर आनंद बिहार-लौकहा बाजार स्पेशल (04013/04014) ट्रेन के ठहराव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव महरैल स्टेशन पर भी सुनिश्चित किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा मिल सके। इस स्थिति को लेकर रेलवे प्रशासन का पक्ष है कि किसी भी एक्सप्रेस या स्पेशल ट्रेन का स्टॉपेज केवल जनमांग के आधार पर तय नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए परिचालन सुरक्षा, ट्रेन की समय-सारणी (punctuality) और वित्तीय मापदंडों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

    ​रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लंबी दूरी की ट्रेनों के बार-बार रुकने से न केवल ट्रेन की औसत गति धीमी होती है, बल्कि पूरी रेल लाइन का सिग्नलिंग और लाइन क्लीयरेंस चक्र प्रभावित होता है। बिना पर्याप्त यात्री संख्या और राजस्व के नया स्टॉपेज देने से रेलवे को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ता है और ट्रेन की परिचालन लागत बढ़ जाती है। यही कारण है कि भारतीय रेलवे के नियमों के तहत किसी भी गैर-उपनगरीय स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव के लिए रोजाना कम से कम 40 या उससे अधिक लंबी दूरी के टिकटों की बिक्री और निर्धारित न्यूनतम दैनिक राजस्व मिलना अनिवार्य है।

    ​यदि किसी स्टेशन पर टिकट बिक्री की संख्या इस तय मानक से लगातार कम रहती है, तो रेलवे नीतिगत फैसलों के तहत पूर्व में दिए गए ठहराव को भी वापस ले लेता है। इसके अलावा, दो स्टेशनों के बीच की दूरी और ट्रेन के समय-पालन को बनाए रखना भी प्राथमिक शर्त होती है। किसी भी नए स्टॉपेज को पहले 6 महीने के प्रायोगिक (experimental) आधार पर लागू किया जाता है, और यदि इस दौरान निर्धारित टिकट बिक्री का लक्ष्य पूरा नहीं होता, तो उस ठहराव को निरस्त कर दिया जाता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपनी बात रखें और स्टेशन परिसर में शांति बनाए रखें।

  • झंझारपुर-लौकहा बाजार रेलखंड पर ट्रेन में चला सघन टिकट चेकिंग अभियान, यात्रियों में दिखा अनुशासन

    झंझारपुर-लौकहा बाजार रेलखंड पर ट्रेन में चला सघन टिकट चेकिंग अभियान, यात्रियों में दिखा अनुशासन

    स्टार मिथिला न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट | झंझारपुर (मधुबनी): भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ रेल राजस्व को मजबूत करने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर बिहार के बहुप्रतीक्षित झंझारपुर-लौकहा बाजार रेलखंड पर रेलवे प्रशासन और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम द्वारा एक विशेष और सघन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना और यात्रियों के बीच यात्रा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जिसकी स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों ने भी जमकर सराहना की है।

    मिली जानकारी के मुताबिक, यह औचक चेकिंग अभियान इस रूट पर नियमित रूप से संचालित होने वाली लोकप्रिय ट्रेन संख्या 55501/55502 में चलाया गया। जैसे ही चेकिंग दल ने ट्रेन के डिब्बों में प्रवेश किया, बिना टिकट सफर करने वालों और नियमों को ताक पर रखकर यात्रा करने वालों में हड़कंप मच गया। चेकिंग टीम ने ट्रेन के भीतर हर एक कोच में जाकर यात्रियों के टिकट और उनके सामान की बेहद बारीकी से जांच-पड़ताल की।

    मुख्य बिंदु: इस औचक और सख्त कार्रवाई से जहां एक ओर बेटिकट यात्रियों पर नकेल कसी गई है, वहीं दूसरी ओर अनुशासित यात्रियों को सफर के दौरान भारी भीड़ और असुविधा से राहत मिली है। रेलवे का यह सकारात्मक कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    कार्रवाई के मुख्य आंकड़े एक नजर में:

    • बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्री: 11
    • बिना बुक किए सामान (लगेज) ले जाने वाले: 14
    • कुल वसूल किया गया जुर्माना: ₹7,010/- (कुल 25 मामले)

    सघन चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 25 मामलों को पकड़ा। इसमें बिना टिकट यात्रा कर रहे 11 यात्रियों से और बिना वैध बुकिंग के भारी सामान ले जा रहे 14 मामलों में नियमानुसार जुर्माना वसूल किया गया। इस पूरी कार्रवाई के तहत रेलवे खजाने में कुल ₹7,010 की राशि बतौर जुर्माना जमा कराई गई।

    रेलवे अधिकारियों ने इस अभियान के समापन पर यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि वे हमेशा उचित टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के औचक अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे, जिससे रेल राजस्व में सुधार होगा और सभी यात्रियों को एक सुरक्षित, सुगम व आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।

  • झंझारपुर और आसनसोल के बीच एक फेरे के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, देखें टाइम टेबल

    झंझारपुर और आसनसोल के बीच एक फेरे के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, देखें टाइम टेबल

    मिथिलांचल और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक राहत भरी खबर सामने आई है।

    रेल प्रशासन ने यात्रियों की तात्कालिक भीड़ और मांग को ध्यान में रखते हुए आसनसोल से झंझारपुर के बीच केवल एक फेरे (एक दिन) के लिए अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

    गाड़ी संख्या 03573 और 03574 के रूप में चलाई जा रही यह सेवा पूरी तरह साधारण श्रेणी की होगी, जिससे आम यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।

    आसनसोल से झंझारपुर के लिए गाड़ी संख्या 03573 का परिचालन केवल एक दिन 25 अगस्त 2026 (मंगलवार) को किया जाएगा। यह ट्रेन आसनसोल जंक्शन से दोपहर 01:59 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद यह चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, जमुई, मननपुर, किऊल, लखीसराय, अशोकधाम, बड़हिया, हाथीदह अपर, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा और सकरी जंक्शन पर रुकते हुए अगले दिन तड़के 01:00 बजे झंझारपुर पहुंचेगी।

    यह ट्रेन कुल 375 किलोमीटर की दूरी लगभग 11 घंटे में तय करेगी।वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 03574 का परिचालन भी केवल एक दिन 26 अगस्त 2026 (बुधवार) को झंझारपुर स्टेशन से किया जाएगा।

    झंझारपुर से यह ट्रेन तड़के 03:00 बजे रवाना होगी और सकरी, दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, हाथीदह अपर, बड़हिया, अशोकधाम, लखीसराय, किऊल, मननपुर, जमुई, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और चित्तरंजन होते हुए उसी दिन दोपहर 01:00 बजे आसनसोल जंक्शन पहुंचेगी। इस दिशा में यह यात्रा कुल 10 घंटे में पूरी होगी।

    रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार यह स्पेशल ट्रेन ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ के तहत केवल एक-एक फेरे के लिए ही उपलब्ध कराई गई है। इस ट्रेन में सामान्य और दिव्यांग यात्रियों के लिए अनारक्षित कोच उपलब्ध रहेंगे और इसमें साधारण किराया श्रेणी लागू होगी।

    झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर और बरौनी क्षेत्र के उन यात्रियों के लिए यह एक दिवसीय ट्रेन सेवा विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी जो पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करना चाहते हैं।

  • झंझारपुर होकर 12 सितंबर को चलेगी: तिरूपति बालाजी दक्षिण भारत यात्रा विशेष ट्रेन, बुक करें टिकट

    झंझारपुर होकर 12 सितंबर को चलेगी: तिरूपति बालाजी दक्षिण भारत यात्रा विशेष ट्रेन, बुक करें टिकट

    भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा देश के धार्मिक पर्यटकों के लिए एक बेहद आकर्षक और भव्य टूर पैकेज की शुरुआत की जा रही है। इस पैकेज का नाम ‘दक्षिण भारत यात्रा विद ज्योतिर्लिंग, एक्स- सहरसा’ (Dakshin Bharat Yatra with Jyotirlinga Ex-Saharsa) है, जिसका पैकेज कोड EZBG33 है। यह विशेष यात्रा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिसमें यात्रियों को स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3AC) और सेकंड एसी (2AC) श्रेणियों में यात्रा करने का शानदार विकल्प मिलेगा।

    यह संपूर्ण यात्रा 11 रात और 12 दिन की होगी, जिसकी शुरुआत आगामी 12 सितंबर 2026 से होगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस पैकेज में ट्रेन यात्रा के अलावा सड़क मार्ग (रोड ट्रांसपोर्ट) के लिए कैब और बस, होटलों में ठहरने की व्यवस्था, स्वादिष्ट भोजन तथा ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी तमाम सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    झंझारपुर होकर चलेगी यह भारत गौरव ट्रेन, जानिए प्रमुख बोर्डिंग स्टेशन

    यात्रियों की सुविधा के लिए इस भारत गौरव ट्रेन के रूट में कई प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है, जहाँ से यात्री इस ट्रेन में सवार (बोर्डिंग) या उतर (डी-बोर्डिंग) सकते हैं। मिथिला क्षेत्र के यात्रियों के लिए झंझारपुर होकर चलेगी यह ट्रेन, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में विशेष सुविधा मिलेगी। इस ट्रेन का संपूर्ण रूट सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पटना, बख्तियारपुर, मोकामा, किउल, जसीडीह, आसनसोल और पुरुलिया तय किया गया है।

    सम्मिलित धार्मिक स्थल एवं दर्शनीय स्थल

    इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को दक्षिण भारत के कई प्रतिष्ठित और पावन स्थलों पर ले जाया जाएगा। यात्रा के मुख्य गंतव्यों और धार्मिक स्थलों में निम्नलिखित शामिल हैं:

    • तिरुपति: प्रसिद्ध बालाजी दर्शन और पद्मावती मंदिर।
    • रामेश्वरम: रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग।
    • मदुरै: ऐतिहासिक मीनाक्षी मंदिर।
    • कन्याकुमारी: कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानन्द रॉक मेमोरियल।
    • मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश): मल्लिकार्जुन स्वामी ज्योतिर्लिंग।

    इन सभी धार्मिक स्थलों का भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में अत्यधिक महत्व है, जो तीर्थयात्रियों के मन पर एक गहरा आध्यात्मिक और भावनात्मक प्रभाव छोड़ते हैं।

    टूर पैकेज का किराया (प्रति व्यक्ति)

    भारत गौरव ट्रेन योजना के तहत भारतीय रेलवे द्वारा इस यात्रा पर रियायत प्रदान की जा रही है, जिसके बाद विभिन्न श्रेणियों का किराया इस प्रकार है:

    • इकोनॉमी (स्लीपर श्रेणी): ₹24,590/- प्रति व्यक्ति
    • स्टैंडर्ड (थर्ड एसी श्रेणी): ₹44,730/- प्रति व्यक्ति
    • कम्फर्ट (सेकंड एसी श्रेणी): ₹54,300/- प्रति व्यक्ति
  • JJP रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प: 35.12 करोड़ रुपये की लागत से सुधरेगी यात्री सुविधाएं

    JJP रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प: 35.12 करोड़ रुपये की लागत से सुधरेगी यात्री सुविधाएं

    भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में अब JJP रेलवे स्टेशन के ‘अमृत भारत स्टेशन स्कीम’ (ABSS) के तहत विकास कार्य को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 35.12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जो स्टेशन पर यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करेगा।

    सिविल इंजीनियरिंग पर होगा सर्वाधिक खर्च

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत 35.12 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न तकनीकी कार्यों में विभाजित किया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के लिए आवंटित किया गया है, जिसकी कुल लागत 29.63 करोड़ रुपये निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशन के विद्युतीकरण (Electrical G) के लिए 2.91 करोड़ रुपये, सिग्नलिंग प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए 1.63 करोड़ रुपये, दूरसंचार (Telecom) के लिए 0.85 करोड़ रुपये और इलेक्ट्रिकल (TRD) कार्यों के लिए 0.1 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

    नई सुविधाओं से लैस होगा JJP स्टेशन

    स्टेशन के पुनर्विकास में यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। योजना के अनुसार, स्टेशन पर 6 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज (FOB) बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों का एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना सुगम हो जाएगा। साथ ही, यात्रियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए 10-बे प्लेटफॉर्म शेल्टर का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके अलावा, स्टेशन को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, ताकि हर यात्री को यात्रा के दौरान आसानी हो सके।

    टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होगा निर्माण

    JJP स्टेशन के विकास कार्य को लेकर रेलवे ने अपनी कमर कस ली है। सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के लिए टेंडर पहले ही जारी कर दिया गया है। इस टेंडर के खुलने की आधिकारिक तारीख 28 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। टेंडर प्रक्रिया के अंतिम रूप से पूरा होने के बाद ही कार्य को पूरा करने की समय-सीमा (Deadline) का निर्णय लिया जाएगा। इस विकास कार्य से न केवल स्टेशन का स्वरूप बदलेगा, बल्कि यात्रियों को एक बेहतर और आरामदायक अनुभव भी मिलेगा।

  • आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेनों के संचालन का विस्तार: त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा, देखिए पूरा शेड्यूल

    आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेनों के संचालन का विस्तार: त्योहारी सीजन में यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा, देखिए पूरा शेड्यूल

    भारतीय रेलवे ने यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ और आगामी त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और उनकी सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आनंद विहार और लौकहा बाजार के बीच संचालित होने वाली स्पेशल ट्रेनों की सेवा अवधि को आगे बढ़ा दिया है। इस विस्तार से उत्तर बिहार और देश की राजधानी दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों को सबसे बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पर्व-त्योहारों के दौरान अक्सर ट्रेनों में होने वाली लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से उन्हें काफी हद तक निजात मिलेगी।

    गाड़ी संख्या 04013 (लौकहा बाजार – आनंद विहार स्पेशल) का नया शेड्यूल

    रेलवे के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गाड़ी संख्या 04013 लौकहा बाजार से आनंद विहार के मध्य चलने वाली स्पेशल ट्रेन अब 17 सितंबर तक प्रतिदिन संचालित की जाएगी। यह ट्रेन अपने तय रूट के मुताबिक लौकहा से रवाना होकर झंझारपुर, शीशो, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए सीधे आनंद विहार तक का सफर तय करेगी। इस ट्रेन के रोजाना चलने से इस क्षेत्र के दैनिक यात्रियों और प्रवासियों को समय पर आवागमन करने में जबरदस्त सहूलियत होगी।

    गाड़ी संख्या 04014 (आनंद विहार – लौकहा बाजार स्पेशल) की समय-सारणी

    वहीं, वापसी की दिशा में चलने वाली गाड़ी संख्या 04014 आनंद विहार से लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेन 16 सितंबर तक प्रतिदिन पटरी पर दौड़ती रहेगी। यह ट्रेन आनंद विहार से खुलकर नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, शीशो और झंझारपुर के रास्ते होते हुए अपने अंतिम पड़ाव लौकहा बाजार तक पहुंचेगी। रूट में आने वाले इन सभी स्टेशनों पर स्थानीय यात्रियों को ट्रेन के विस्तार का सीधा लाभ मिलेगा।

    रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों को होगी सहूलियत

    त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में सीटों की मारामारी को देखते हुए रेलवे का यह निर्णय किसी वरदान से कम नहीं है। परिचालन अवधि के बढ़ने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से और बेहतर ढंग से बनाने का मौका मिलेगा। साथ ही, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने से मिथिला क्षेत्र और आसपास के जिलों के लोगों को दिल्ली आने-जाने में सुगमता होगी।

  • हरिनगर-भैरोगंज रेलखंड में 5 अगस्त को रहेगा 7 घंटे का मेगा ब्लॉक : लौकहा – आनंद विहार 120 मिनट की देरी से खुलेगी, कई ट्रेन होगा प्रभावित

    हरिनगर-भैरोगंज रेलखंड में 5 अगस्त को रहेगा 7 घंटे का मेगा ब्लॉक : लौकहा – आनंद विहार 120 मिनट की देरी से खुलेगी, कई ट्रेन होगा प्रभावित

    भारतीय रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय रेल सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले नरकटियागंज जंक्शन–पनियहवा रेलखंड पर एक अहम इंजीनियरिंग कार्य किया जा रहा है। इस रेलखंड पर स्थित हरिनगर और भैरोगंज स्टेशनों के बीच रेल पुल संख्या-322 पर कटिंग एवं कनेक्शन का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा, जिसके लिए 05 अगस्त 2026 (बुधवार) को कुल 07 घंटे का ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक निर्धारित किया गया है।

    रेल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि ये ब्लॉक यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए लिए जा रहे हैं। इस कनेक्टिविटी कार्य के पूरा होने से रेल परिचालन क्षमता में बढ़ोतरी होगी, संरक्षा मानकों में उल्लेखनीय सुधार आएगा और भविष्य में इस मार्ग पर अधिक ट्रेनों के सुरक्षित संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।

    किन ट्रेनों के परिचालन में रहेगा बदलाव?

    इस सात घंटे के आवश्यक ब्लॉक के कारण कुछ चुनिंदा ट्रेनों के समय और परिचालन में आंशिक परिवर्तन किए गए हैं, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

    • पुनर्निर्धारित (Rescheduled) ट्रेनें:
      • गाड़ी संख्या 04013 (लौकहा बाजार–आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल): यह ट्रेन अपने शुरुआती स्टेशन लौकहा बाजार से 120 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी।
      • गाड़ी संख्या 19038 (बरौनी जंक्शन–बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस): यह गाड़ी बरौनी जंक्शन से 60 मिनट विलंब से रवाना होगी।
    • नियंत्रित (Regulated) ट्रेनें:
      • गाड़ी संख्या 19726 (दरभंगा–खातीपुरा एक्सप्रेस): इस ट्रेन को रक्सौल जंक्शन और नरकटियागंज जंक्शन के मध्य 45 मिनट नियंत्रित कर चलाया जाएगा।
      • गाड़ी संख्या 15273 (रक्सौल जंक्शन–आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस): इस गाड़ी को भी रक्सौल जंक्शन–नरकटियागंज जंक्शन के बीच 45 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।

    यात्रियों को मिलने वाले मुख्य लाभ

    इन विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद यात्रियों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलेंगे। रेलवे संरक्षा मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और रेल परिचालन अधिक सुचारू एवं समयबद्ध बनेगा। इसके साथ ही भविष्य में बेहतर परिचालन क्षमता विकसित होगी और आधुनिक रेल अवसंरचना के माध्यम से यात्रियों को एक उत्कृष्ट यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

    समस्तीपुर मंडल रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे इस अवधि में यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति रेलवे के अधिकृत माध्यमों या हेल्पलाइन नंबर 139 के जरिए अवश्य प्राप्त कर लें। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए जा रहे इन अस्थायी बदलावों में रेल प्रशासन को अपना पूरा सहयोग दें।

  • झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सूझबूझ से मिली बड़ी सफलता: बिहरा थाने की गुमशुदा 12 वर्षीय बच्ची सोनाली कुमारी सुरक्षित परिजनों को सौंपी गई।

    झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सूझबूझ से मिली बड़ी सफलता: बिहरा थाने की गुमशुदा 12 वर्षीय बच्ची सोनाली कुमारी सुरक्षित परिजनों को सौंपी गई।

    बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर मानवीय संवेदना और सतर्कता का एक बेहतरीन मामला सामने आया है। दिनांक 04 अगस्त 2026 को झंझारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2-3 पर गश्त के दौरान आरक्षी विद्यानंद ठाकुर की नजर एक डरी-सहमी और अकेली बैठी बच्ची पर पड़ी। काफी देर से बच्ची को अकेले देखकर उन्होंने स्थानीय एक महिला की मदद से उससे पूछताछ की।

    पूछताछ के दौरान बच्ची ने अपना नाम सोनाली कुमारी बताया और अपने घर का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। इसके बाद उस नंबर पर संपर्क करके उसके परिजनों को इस बात की सूचना दी गई। स्थानीय महिला के सहयोग से बच्ची को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ओपी झंझारपुर लाया गया, जहां उसे सुरक्षित रूप से रखा गया।

    सूचना मिलने के बाद बच्ची के पिता पिंटू राय स्थानीय थाना बिहरा (सहरसा) के पुलिस बल के साथ झंझारपुर ओपी पहुंचे। थाने में हुई विधिवत पूछताछ में बच्ची की पहचान सोनाली कुमारी (उम्र लगभग 12 वर्ष), पिता पिंटू राय, साकिन बिहरा, वार्ड संख्या 6, थाना बिहरा, जिला सहरसा के रूप में हुई।

    जांच में पता चला कि इस संबंध में स्थानीय थाना बिहरा में पहले ही कांड संख्या 267/26 के तहत दिनांक 03.08.2026 को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मौके पर उचित सत्यापन के बाद, स्थानीय थाना बिहरा के पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर सुरक्षित मिली बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। समस्त कानूनी और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल, महिला अधिकारी और परिजनों के साथ अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित वापस लौट गए।