रेलवे और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी: लौकहा रेलखंड पर सुविधाएँ नदारद, यात्री मायूस

झंझारपुर-लौकहा रेलखंड पर एक साल से ट्रेनें शुरू, मगर न ट्रेनों की संख्या बढ़ी न ही पटना-दरभंगा से सीधा जुड़ाव. वाशिंग पिट का चुनावी वादा भी हवा-हवाई. जानिए क्यों मायूस हैं रेल यात्री और क्या हैं उनकी प्रमुख माँगे.

Star Mithila News
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Highlights
  • लौकहा रेलखंड पर एक साल बाद भी रेल सुविधा नदारद।
  • सांसद द्वारा घोषित पटना और दरभंगा की सीधी ट्रेन सेवा का वादा अधूरा।
  • वर्तमान दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें यात्रियों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही हैं।
  • वाशिंग पिट निर्माण की घोषणा केवल चुनावी जुमला बनकर रह गई।
  • यात्रियों की मुख्य मांग: पैसेंजर ट्रेन का विस्तार दरभंगा/समस्तीपुर तक हो और लौकहा से पटना के लिए नई ट्रेन चले।

झंझारपुर – लौकहा रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन शुरू हुए एक वर्ष हो चुका है, लेकिन इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर आज भी रेल सुविधा नदारद है। न तो ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है और न ही यात्री सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लगातार की जा रही इस अनदेखी से रेल यात्री अब निराश होते दिख रहे हैं।

उद्घाटन के बाद भी अधूरे वादे

इस रेलखंड पर 13 नवंबर 2025 को झंझारपुर से लौकहा तक दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत की गई थी। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, माननीय सांसद (झंझारपुर) रामप्रीत मंडल ने लौकहा में यह घोषणा की थी कि आने वाले एक से दो महीनों में लौकहा से पटना और दरभंगा के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी, लौकहा न तो दरभंगा से जुड़ सका है और न ही पटना से।

यात्रियों के लिए दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें साबित हुईं ‘लाभहीन’

रेल यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में चल रही दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों (55501, 02, 03 और 04) से उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है।

यात्री बोले: “लौकहा से पहली ट्रेन दोपहर 11:00 बजे के बाद झंझारपुर पहुँचती है। इसके बाद, दरभंगा की ओर जाने वाली ट्रेन 14:30 बजे के बाद है। ऐसे में हमें झंझारपुर में लगभग साढ़े तीन घंटे इंतज़ार करना पड़ता है, या फिर बस से आगे की यात्रा करनी पड़ती है। अगर इस ट्रेन का विस्तार दरभंगा या उससे आगे समस्तीपुर तक हो जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।”

वाशिंग पिट का चुनावी जुमला

विधानसभा चुनाव वर्ष 2025 के दौरान, माननीय रेल मंत्री ने लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण की घोषणा की थी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद थे। लेकिन, स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घोषणा ज़मीन पर नहीं उतर सकी और इसे केवल एक ‘चुनावी जुमला’ माना जा रहा है।

सिर्फ आश्वासन, सुविधा नहीं

लौकहा, खुटौना समेत पूरे रेलखंड के आम जनता का मानना है कि रेल विभाग इस क्षेत्र को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। चुनावी वर्ष में कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित किया गया, पर लौकहा को कुछ नहीं मिला। रेलकर्मी बार-बार सुविधा विस्तार का आश्वासन देते रहे, लेकिन एक वर्ष बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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