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  • सीतामढ़ी- झंझारपुर-सरायगढ़ होकर गुजरेगी चार रेल लाईन, दिल्ली से गुवाहाटी तक बढ़ेगी रफ्तार, रेलमंत्री ने की घोषणा

    सीतामढ़ी- झंझारपुर-सरायगढ़ होकर गुजरेगी चार रेल लाईन, दिल्ली से गुवाहाटी तक बढ़ेगी रफ्तार, रेलमंत्री ने की घोषणा

    बड़ी सौगात: दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी रूट की चार-लाइनिंग में शामिल हुआ रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज मार्ग, उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल सफर को मिलेगी ऐतिहासिक रफ्तार!

    झंझारपुर / डेस्क रिपोर्ट:

    भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाया है। देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर यात्री दबाव को कम करने, ट्रेनों की लेटलतिफ़ी खत्म करने तथा आवाजाही को तीव्र गति देने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी (High-Density) रेल रूटों पर चार-लाइनिंग (फोर-लेन) कार्य की बड़ी घोषणा की है। इस विशाल और महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत दिल्ली-गुवाहाटी मुख्य रेल रूट के विस्तार में उत्तर बिहार और मिथिलांचल के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले रक्सौल-सीतामढ़ी-झंझारपुर-फारबिसगंज-सिलीगुड़ी मार्ग को भी आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद से स्थानीय रेल यात्रियों और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह का माहौल है।

    11,000 किलोमीटर के नेटवर्क पर होगा कायाकल्प, संभालता है देश का 41% ट्रैफिक

    रेलवे की इस विशाल और आधुनिक परियोजना के दायरे में कुल 11,000 किलोमीटर का रेल नेटवर्क कवर किया जाएगा। यह वही रूट नेटवर्क है जिस पर पूरे देश का कुल 41% रेल ट्रैफिक संचालित होता है। इन मार्गों पर अत्यधिक दबाव और सिंगल/डबल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग पर रुकना पड़ता था, जिससे सफर लंबा हो जाता था। अब चार-लाइनिंग होने से इन सभी समस्याओं से स्थायी रूप से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है।

    रेल मंत्री द्वारा घोषित देश के वे 7 प्रमुख हाई-डेंसिटी कॉरिडोर इस प्रकार हैं:

    1. दिल्ली – हावड़ा रूट
    2. हावड़ा – चेन्नई रूट
    3. चेन्नई – मुंबई रूट
    4. मुंबई – दिल्ली रूट
    5. दिल्ली – चेन्नई रूट
    6. मुंबई – हावड़ा रूट
    7. दिल्ली – गुवाहाटी रूट

    विस्तृत रूट मैपिंग: दिल्ली से सीधे गुवाहाटी तक बिछेगा आधुनिक चार-लाइन का जाल

    इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली-गुवाहाटी रूट के पूरे रूट एलाइनमेंट को स्पष्ट किया गया है। इस मार्ग के दायरे में दिल्ली-गाजियाबाद, सीतापुर, गोंडा, गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी से होते हुए सीधे गुवाहाटी तक के भू-भाग को जोड़ा गया है। भविष्य की कार्ययोजना के तहत इन सभी 7 प्रमुख रेलखंडों को चरणबद्ध तरीके से 4 लेन में बदलने की मुकम्मल तैयारी कर ली गई है, जिससे देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों का संपर्क मुख्य राजधानी दिल्ली से और अधिक मजबूत हो जाएगा।

    झंझारपुर और मिथिलांचल क्षेत्र को मिलेंगे अभूतपूर्व लाभ

    इस घोषणा का सबसे बड़ा फायदा हमारे स्थानीय क्षेत्र यानी झंझारपुर, सरायगढ़, और आसपास के पूरे मिथिलांचल-सीमांचल बेल्ट को मिलने जा रहा है। लंबे समय से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और कनेक्टिविटी सुधारने की मांग उठती रही है। चार-लाइनिंग का कार्य पूरा होने से न सिर्फ इस रूट पर एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, बल्कि नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ होगा।

    इसके अलावा, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को महानगरों तक पहुँचने के लिए एक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से न केवल क्षेत्रीय आवाजाही सुगम होगी, बल्कि उत्तर बिहार में आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और व्यापारिक विकास को भी एक नई और सशक्त गति मिलेगी।

    (स्टॉर मिथिला न्यूज़ के लिए विशेष रिपोर्ट)

  • झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर, राघोपुर, फारबिसगंज होकर चलेगी न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस, मिली स्वीकृति, उद्घाटन जल्द

    झंझारपुर/मधुबनी: इंतज़ार की घड़ियाँ अब समाप्त होने वाली हैं और पटरियों पर एक नई क्रांति दस्तक देने को तैयार है। भारतीय रेलवे ने उत्तर भारत के गौरव अमृतसर और उत्तर-पूर्व के प्रवेश द्वार न्यू जलपाईगुड़ी के बीच नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ (14664/14663) चलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि उन हजारों प्रवासी कामगारों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं के सपनों को पंख देने वाली एक जीवनरेखा है, जो बरसों से एक सीधी और सम्मानजनक ट्रेन सेवा की बाट जोह रहे थे.

    मिथिला की माटी को मिला सम्मान इस ट्रेन का सबसे भावुक और सुखद पहलू इसका रूट है, जो सीधे मिथिलांचल के हृदय को छूकर गुजरेगा। जब यह ट्रेन झंझारपुर, सकरी, निर्मली और सरायगढ़ जैसे स्टेशनों पर रुकेगी, तो यह केवल यात्रियों को नहीं बिठाएगी, बल्कि मिथिला की संस्कृति और पंजाब की जीवंतता को आपस में जोड़ेगी. बरसों से अपने घर-परिवार से दूर पंजाब और हरियाणा के खेतों या कारखानों में पसीना बहाने वाले हमारे भाइयों के लिए अब घर पहुँचना न केवल आसान होगा, बल्कि ‘अमृत भारत’ के आधुनिक रेक में उनका सफर अब स्वाभिमान से भरा होगा.

    सफर में दिखेगी आधुनिकता और अपनापन अमृतसर से प्रत्येक गुरुवार को दोपहर 12:45 बजे रवाना होने वाली यह ट्रेन जब शुक्रवार की रात फारबिसगंज, नरपतगंज और राघोपुर के रास्तों से गुजरेगी, तो सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखेगी. वापसी में शनिवार सुबह न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर यह ट्रेन जब सोमवार तड़के अमृतसर पहुँचेगी, तो यह अपने साथ पूरब की खुशबू और यादें लेकर पश्चिम तक जाएगी. आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में सफर करना अब थकावट नहीं, बल्कि एक उत्सव जैसा अनुभव होगा.

    आर्थिक और सामाजिक उन्नति का नया सवेरा यह ट्रेन रक्सौल, सीतामढ़ी और जनकपुर रोड जैसे धार्मिक और व्यापारिक केंद्रों को जोड़कर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय छोटे व्यापारियों के लिए भी संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी. सीतापुर, गोंडा और गोरखपुर जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों से होते हुए यह ट्रेन जब पंजाब की सरजमीं पर कदम रखेगी, तो यह उत्तर भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बनेगी. रेलवे का यह कदम उन बुजुर्गों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें अब तीर्थयात्रा या अपनों से मिलने के लिए बार-बार गाड़ियाँ बदलने के कष्ट से मुक्ति मिल जाएगी.

  • झंझारपुर को मिली उत्तराखंड की स्पेशल ट्रेन, होली के अवसर पर किशनगंज और लालकुआँ के बीच सफर होगा आसान

    झंझारपुर को मिली उत्तराखंड की स्पेशल ट्रेन, होली के अवसर पर किशनगंज और लालकुआँ के बीच सफर होगा आसान

    आगामी होली के त्योहार के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बिहार के किशनगंज और उत्तराखंड के लालकुआँ के बीच एक विशेष होली स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू करने का बड़ा निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 05741 और 05742 के रूप में संचालित होने वाली यह स्पेशल रेल सेवा साप्ताहिक आधार पर कुल चार फेरे लगाएगी।

    इस ट्रेन के परिचालन से उत्तर बिहार और विशेषकर झंझारपुर क्षेत्र के यात्रियों को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तक जाने के लिए सीधा और सुगम विकल्प मिल जाएगा। त्योहार के समय नियमित ट्रेनों में टिकटों की भारी किल्लत को देखते हुए यह कदम यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित होगा।

    किशनगंज से लालकुआँ के लिए प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 05741 किशनगंज-लालकुआँ होली स्पेशल का परिचालन 5 मार्च से 26 मार्च के बीच प्रत्येक गुरुवार को किया जाएगा। यह ट्रेन किशनगंज से सुबह 08.30 बजे प्रस्थान करेगी और दोपहर 15.40 बजे झंझारपुर स्टेशन पहुँचेगी। यहाँ दो मिनट के ठहराव के बाद यह 15.42 बजे आगे के लिए रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 15.40 बजे लालकुआँ जंक्शन पहुँचेगी।

    अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन आलुआबारी रोड, ठाकुरगंज, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम, शिशो, सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, कप्तानगंज, गोरखपुर, गोंडा, सीतापुर, मैलानी और भोजीपुरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी।

    वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 05742 लालकुआँ-किशनगंज होली स्पेशल का संचालन 6 मार्च से 27 मार्च के बीच प्रत्येक शुक्रवार को किया जाएगा। यह ट्रेन लालकुआँ से रात 20.40 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन यानी शनिवार की शाम 17.53 बजे झंझारपुर स्टेशन पर पहुँचेगी। यहाँ से 17.55 बजे प्रस्थान कर यह ट्रेन रात 02.00 बजे किशनगंज पहुँचेगी।

    रेलवे ने इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 18 आधुनिक कोच शामिल किए हैं, जिनमें साधारण श्रेणी के साथ-साथ शयनयान और वातानुकूलित कोचों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। झंझारपुर और आस-पास के क्षेत्रों के लोगों ने इस विशेष ट्रेन सेवा के शुरू होने पर हर्ष व्यक्त किया है।

  • जोगबनी से इरोड के बीच शुरू होगी अमृत भारत एक्सप्रेस, 15 को पीएम दिखाऐंगे हरि झंडी

    जोगबनी से इरोड के बीच शुरू होगी अमृत भारत एक्सप्रेस, 15 को पीएम दिखाऐंगे हरि झंडी

    फारबिसगंज। पूर्वाेत्तर बिहार के सीमांचल क्षेत्र को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्णिया दौरे के दौरान जोगबनी-ईरोड साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेनों का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। जोगबनी से ईरोड जाने वाली ट्रेन का उ‌द्घाटन जोगबनी स्टेशन से किया जाएगा। कटिहार रेल मंडल के मंडल परिचालन प्रबंधक शशांक शेखर एवं मंडल वाणिज्य प्रबंधक संगीता मीणा ने उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को फारबिसगंज स्टेशन का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर आरपीएफ कमांडेंट संदीप कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर शोएब आलम खान, स्थानीय प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह, मंडल सिगनल व दूरसंचार इंजीनियर, सीएमआई राजा कुमार, आईओडब्लू विकास कुमार, स्टेशन प्रबंधक मनोज झा के अलावा डीआर यूसीसी सदस्य बछराज राखेचा, विनोद सरावगी, राकेश रौशन, चंदन भगत सहित बड़ी संख्या में रेलवे के पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे। इस दौरान रेलवे स्टेशन स्थित प्लेटफार्म संख्या एक के दक्षिणी छोर पर उद्घाटन समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसकी तैयारी मौके पर ही शुरू कर दी गई।

    जोगबनी और इरोड के बीच नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस की समय सारणी जारी कर दी गई है जिससे क्षेत्र के लोगों का सपना अब साकार होते दिख रहा है। जारी अधिसूचना के मुताबिक इरोड – जोगबनी के बीच यह नई ट्रेन अमृत भारत एक्सप्रेस के रैक से सप्ताहिक रूप में चलेगी। भविष्य में दैनिक या परिचालन के दिनों में संशोधन होने की उम्मीद है।

    इरोड से जोगबनी की ओर

    गाड़ी संख्या 16601 इरोज – जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस इरोड से प्रत्येक गुरूवार को सुबह 07ः00 बजे खुलेगी जो बल्हारसाह 06ः25 बजे, कटिहार 16ः05 बजे होते हुए फारबिसगंज के रास्ते जोगबनी शनिवार को शाम में 19ः00 बजे पहुंचेगी। इस दिशा में ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कुल 60 घंटे का समय लेगा।

    जोगबनी से इरोड के बीच

    वहीं गाड़ी संख्या 16602 जोगबनी – इरोड अमृत भारत एक्सप्रेस जोगबनी से रविवार को 15ः15 बजे खुलेगा जो कटिहार 17ः40 बजे, बल्हारसाह 07ः15 बजे होते हुए गुडूर के रास्ते इरोड 07ः30 बजे पहुंचेगी और इस दिशा में अपने यात्रा के दौरान यह ट्रेन कुल 64 घंटे में अपनी यात्रा तय करेगी।

    विभिन्न स्टेशनों पर रूकेगी ट्रेन

    अपने यात्रा के दौरान यह ट्रेन सलेम, जोलारपेट्टई, काटपाडी, अराकोणम, पेरम्बूर, नायडूपेटा, गुडूर ओंगोल, वलजयवाड़ा, खम्मम, वारंगल, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, सेवाग्राम, नागपुर, बैतूल घोड़ाडोंगरी, इटारसी, पिपरिया गाडरवारा, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, डभौरा, प्रयागराज छिवकी, चुनार, दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, रघुनाथपुर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर शाहपुर पटोरी, बरौनी, बेगुसराय, खगड़िया, मानसी, नौगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया कोर्ट और फारबिसगंज जैसे महत्त्वपूर्ण स्टेशनों पर रूेकगी।

    वंदे भारत की मिलेगी सौगात

    जोगबनी और दानापुर के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस का भी उद्घाटन 15 सितंबर को होना है जो जोगबनी से पुर्णिया, सहरसा, खगड़िया, हाजीपुर के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन की समय सारणी आज शाम तक जारी होने की उम्मीद है। वंदे भारत एक्सप्रेस में कुल आठ डिब्बे होंगे और यह ट्रेन जोगबनी से सुबह 3ः30 बजे रवाना होगी।

  • झंझारपुर, फारबिसगंज के रास्ते नरकटियागंज और (सिलीगुड़ी) न्यू जलपाईगुड़ी के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर, फारबिसगंज के रास्ते नरकटियागंज और (सिलीगुड़ी) न्यू जलपाईगुड़ी के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर: रेलवे इस त्योहारी सीजन पर 12000 ट्रेन चलाने की घोषणा की है जिससे इस महापर्व पर लोग अपने घर आ/ जा सके। नई स्पेशल ट्रेनों की परिचालन होने से ट्रेनों भी अत्यधिक भीड़ नहीं बढ़ेगा। विभिन्न रेल मंडलों के द्वारा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। कटिहार रेल मंडल के द्वारा न्यू जलपाईगुड़ी से फारबिसगंज, झंझारपुर, सीतामढ़ी, रक्सौल के रास्ते नरकटियागंज के बीच एक साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन अप/ डाउन कुल 14 फेरा में चलेगी।

    गाड़ी संख्या 05738 न्यू जलपाईगुड़ी – नरकटियागंज स्पेशल प्रत्येक रविवार को 28 सितंबर से 9 नवंबर के बीच न्यू जलपाईगुड़ी से दोपहर 14ः05 बजे खुलेगी जो सिलीगुड़ी 14ः43 बजे, ठाकुरगंज 16ः16 बजे, फारबिसगंज 19ः48 बजे, झंझारपुर 22ः50 बजे सीतामढ़ी 01ः50 बजे, रक्सौल 03ः35 बजे, होते हुए नरकटियागंज 05ः00 बजे सुबह में पहुंचेगी।

    वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 05737 नरकटियागंज – न्यू जलपाईगुड़ी स्पेशल प्रत्येक सोमवार को 29 सितंबर से 10 नवंबर के बीच नरकटियागंज से सुबह 07ः00 बजे खुलेगी जो रक्सौल 07ः55 बजे, सीतामढ़ी 09ः45 बजे, झंझारपुर 12ः15 बजे, फारबिसगंज 16ः30 बजे, अररिया 17ः08 बजे, ठाकुरगंज 19ः13 बजे, सिलीगुड़ी 20ः46 बजे होते हुए न्यू जलपाईगुड़ी 21ः30 बजे पहुंचेगी।

    अपने यात्रा के दौरान यह ट्रेन अप और डाउन दोनों दिशा में न्यू जलाईगुड़ी और नरकटियागंज के बीच सिलीगुड़ी जं0, ठाकुरगंज, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम (रिभ.), सरायगढ़, झंझारपुर, सकरी, शीशो, सीतामढ़ी, बैरगनिया, रक्सौल और सिकटा स्टेशनों पर रूकेगी।

    ध्यान दें: यह ट्रेन दरभंगा जं0 नहीं जाएगी। काकरघाटी – शीशो बायपास रेल लाईन से सकरी से सीधे सीतामढ़ी की ओर जाएगी जिसका ठहराव दिल्ली मोड़ से करीब 3 किमी दूर शीशो हॉल्ट पर दिया गया है।

    न्यू जलपाईगुड़ी – नरकटियागंज – न्यू जलपाईगुड़ी स्पेशल समय सारणी
  • जोगबनी-सहरसा और दानापुर इंटरसिटी ट्रेनें LHB रेक में अपग्रेड, 30 अगस्त से शुरू | रेलवे न्यूज़

    जोगबनी-सहरसा और दानापुर इंटरसिटी ट्रेनें LHB रेक में अपग्रेड, 30 अगस्त से शुरू | रेलवे न्यूज़

    जोगबनी, 29 अगस्त 2025: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे ने अधिसूचना जारी कर बताया कि 30 अगस्त 2025 से जोगबनी-सहरसा और जोगबनी-दानापुर के बीच चलने वाली इंटरसिटी ट्रेनों को आधुनिक LHB (लिंके हॉफमैन बुश) रेक में अपग्रेड किया जाएगा। यह बदलाव न केवल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगा, बल्कि सुरक्षा के मानकों को भी बढ़ाएगा।अपग्रेड होने वाली ट्रेनें:

    • गाड़ी संख्या 13213/13214: जोगबनी-सहरसा-जोगबनी एक्सप्रेस (30 अगस्त 2025 से LHB रेक में)
    • गाड़ी संख्या 13212: दानापुर-जोगबनी एक्सप्रेस (30 अगस्त 2025 से LHB रेक में)
    • गाड़ी संख्या 13211: जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस (31 अगस्त 2025 से LHB रेक में)

    नई कोच संरचना:

    नई LHB रेक में कुल 18 कोच होंगे, जो इस प्रकार होंगे:

    • जनरल कोच: 06 (पहले 07)
    • स्लीपर कोच: 07 (पहले 06)
    • थर्ड एसी: 02 (पहले जैसा)
    • सेकेंड एसी: 01 (पहले जैसा)
    • दिव्यांग कोच: 01 (पहले 02)
    • जनरेटर कोच: 01 (नया जोड़ा गया)

    क्या हैं LHB कोच?

    LHB कोच आधुनिक तकनीक से बने हैं, जो पुराने ICF कोच की तुलना में हल्के, सुरक्षित और अधिक आरामदायक हैं। इनमें बेहतर सस्पेंशन, एंटी-क्लाइंबिंग तकनीक और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं, जो यात्रियों को सुरक्षित और सुखद अनुभव प्रदान करेंगी।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस अपग्रेड से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ट्रेनों की गति और रखरखाव में भी सुधार होगा। यह कदम बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।

  • जोगबनी से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन को मंजूरी: सीमांचल के विकास में मिलेगी रफ्तार

    जोगबनी से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन को मंजूरी: सीमांचल के विकास में मिलेगी रफ्तार

    अररिया: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी रेलवे स्टेशन से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन की मंजूरी रेलवे मंत्रालय ने दे दी है। यह ट्रेन सीमांचल क्षेत्र की सबसे लंबी दूरी की रेल सेवा होगी, जो जोगबनी से तमिलनाडु के ईरोड तक चलेगी। यह उपलब्धि सीमांचल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि वर्षों से क्षेत्रवासियों की दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल सेवा की मांग थी। अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इसे पूरा करवाया।

    यात्रियों को मिलेगी सुविधा

    यह ट्रेन सप्ताह में पांच दिन खगड़िया, बरौनी, हाजीपुर और सोनपुर के रास्ते चलेगी, जबकि दो दिन कटिहार और मालदा के वैकल्पिक मार्ग से परिचालित होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सीमांचल और नेपाल से बड़ी संख्या में लोग दक्षिण भारत की यात्रा करते हैं, लेकिन अब तक कोई सीधी ट्रेन नहीं थी। रेल मंत्री ने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया गया है।

    रेल मंत्री का आश्वासन और सांसद की पहल

    सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा, “यह ट्रेन केवल एक रेल सेवा नहीं, बल्कि सीमांचल और अररिया के विकास की रफ्तार है।” उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। सांसद ने बताया कि अररिया में रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) और नई ट्रेनों की मांग सहित जनता की हर समस्या को उन्होंने संसद और मंत्रालयों में प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने दावा किया कि अररिया जल्द ही रेल हब के रूप में उभरेगा।

    नई रेल लाइनों का निर्माण

    सांसद ने बताया कि अररिया-गलगलिया और अररिया-सुपौल नई रेल लाइनों का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके अलावा, फारबिसगंज में सुभाष चौक पर रेल ओवर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होगी। यह ट्रेन विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जो चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलोर जैसे शहरों में इलाज के लिए जाते हैं। साथ ही, युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

    व्यवसाय और पर्यटन को बढ़ावा

    यह ट्रेन व्यवसाय, कृषि उत्पादों और ट्रांसपोर्ट के लिए मजबूत संपर्क स्थापित करेगी। धार्मिक पर्यटन के लिए रामेश्वरम और तिरुपति बालाजी की यात्रा भी सुलभ होगी। सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और बेगूसराय जिलों के साथ-साथ नेपाल के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। नेपाल से बड़ी संख्या में लोग उच्च शिक्षा और तीर्थयात्रा के लिए दक्षिण भारत जाते हैं, जो अब तक हावड़ा या पटना के रास्ते यात्रा करने को मजबूर थे।

  • जोगबनी से पटना के बीच जल्द शुरू होगी वंदे भारत एक्सप्रेस: कटिहार डीआरएम

    जोगबनी से पटना के बीच जल्द शुरू होगी वंदे भारत एक्सप्रेस: कटिहार डीआरएम

    जोगबनी: जोगबनी से पटना के बीच कटिहार के रास्ते जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होने की संभावना है। इसको लेकर कटिहार डीआरएम सुरेंद्र कुमार ने 9 जून को कटिहार से जोगबनी के बीच रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण स्पेशल ट्रेन सुबह 10 बजे कटिहार से रवाना हुई और निर्धारित समय पर दोपहर 12 बजे जोगबनी पहुंची।

    जोगबनी स्टेशन पर डीआरएम सुरेंद्र कुमार ने सीनियर डीएसओ अमित सिंह, सीनियर डीईएन-2 शुभंकर, टीआरडी विवेक कुमार और अन्य स्थानीय अधिकारियों के साथ वाशिंग पिट, पिट लाइन और रनिंग रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को कई दिशा-निर्देश दिए। रेल सूत्रों के अनुसार, जोगबनी से पटना के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन की तैयारी के लिए कटिहार मंडल सक्रिय है।

    जोगबनी में वंदे भारत के लिए तैयार हो रहा वाशिंग पिट

    रेल सूत्रों ने बताया कि जोगबनी में बन रहा वाशिंग पिट 8 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के रखरखाव के लिए तैयार किया जा रहा है। वाशिंग पिट का 400 मीटर हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि 300 मीटर का निर्माण बाकी है। इसके लिए जल्द ही नया टेंडर जारी होगा। इसके अलावा, वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए दूसरा वाशिंग पिट भी अगले वर्ष तक तैयार हो जाएगा।

    फारबिसगंज में डीआरएम को सौंपा गया ज्ञापन

    फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष शाहजहां शाद और सचिव रमेश सिंह के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने रेल मंत्री के नाम डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फारबिसगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2-3 की लंबाई बढ़ाने की मांग की गई, क्योंकि 22-24 कोच वाली ट्रेनों के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्म छोटे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा होती है।

    ज्ञापन में जोगबनी-कोलकाता त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस (13159/60) को प्रतिदिन चलाने, इसके आईसीएफ कोच को एलएचबी में बदलने, और प्रस्थान समय को शाम 5 बजे करने की मांग की गई। साथ ही, कटिहार से फारबिसगंज, राघोपुर, झंझारपुर, दरभंगा होकर नई दिल्ली तक एक नई सुपरफास्ट ट्रेन शुरू करने का अनुरोध किया गया।

    सीमांचल और कोसी क्षेत्र की रेल समस्याओं पर ध्यान देने की मांग

    नागरिक संघर्ष समिति ने ज्ञापन के माध्यम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ध्यान जोगबनी-कटिहार और फारबिसगंज-सहरसा-दरभंगा रेल खंडों की उपेक्षा की ओर आकर्षित किया। समिति ने सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल के रेल उपभोक्ताओं की लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की।

  • फारबिसगंज -उदयपुर सिटी समर स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि में हुआ विस्तार

    फारबिसगंज -उदयपुर सिटी समर स्पेशल ट्रेन के परिचालन अवधि में हुआ विस्तार

    फारबिसगंज (अररिया), 1 जून 2025ः भीषण गर्मी में यात्रियों को राहत देने और सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के लिए नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे द्वारा संचालित उदयपुर सिटी-फारबिसगंज जंक्शन समर स्पेशल ट्रेन के चार अतिरिक्त फेरों के विस्तार की घोषणा से रेल यात्रियों में खुशी की लहर है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है और इसकी पूरी क्षमता का उपयोग हो रहा है। रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 09623 आगामी 3 जून से 24 जून तक प्रत्येक मंगलवार को वहीं, ट्रेन संख्या 09624 आगामी 5 जून से 26 जून तक प्रत्येक गुरुवार को अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार चलेगी।

    गाड़ी संख्या 09623 उदयपुर सिटी- फारबिसगंज स्पेशल 03 जून से 24 जून के बीच प्रत्येक मंगलवार को शाम 16ः05 बजे उदयपुर से रवाना होगी जो अपने पूर्व निर्धारित मार्ग से चलकर बक्सर, दानापुर, बरौनी, खगड़िया, कटिहार, अररिया होते हुए फारबिसगंज अगले दिन 05ः30 बजे पहुंचेगी।

    वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 09624 फाबिसगंज – उदयपुर सिटी स्पेशल 05 जून से 26 जून के बीच अपने पूर्व निर्धारित मार्ग कटिहार, खगड़िया, बरौनी, दानापुर, बक्सर के रास्ते चलकर अगले दिन 01ः05 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी।

    समर सीजन के दौरान यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को कम करने के लिए लगाताई कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। जिसके फारबिसगंज – उदयपुर सिटी स्पेशल भी दोनों ओर से फुल चल रही है, ऐसे में रेल उपभोक्ताओं के द्वारा इस ट्रेन को नियमित करने की मांग की जा रही है, तो कटिहार रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार जोगबनी में पिट लाईन पूरा होने के बाद इस ट्रेन का परिचालन जोगबनी से उदयपुर सिटी के बीच नियमित रूप से शुरू होने की उम्मीद है।

  • फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर बनेगा 20 बेड का रनिंग रूम, समस्तीपुर डिविजन ने टेंडर जारी किया

    फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर बनेगा 20 बेड का रनिंग रूम, समस्तीपुर डिविजन ने टेंडर जारी किया

    अररिया, 24 मई 2025: भारतीय रेलवे ने बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर 20 बेड का अत्याधुनिक रनिंग रूम बनाने की योजना को मूर्त रूप देने के लिए कदम उठाया है। इसके लिए ईस्ट सेंट्रल रेलवे के समस्तीपुर डिविजन ने टेंडर जारी कर दिया है। इस रनिंग रूम के निर्माण से ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड को आराम करने की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा।

    रनिंग रूम निर्माण की लागत और समयसीमा

    इस रनिंग रूम का निर्माण 3 करोड़ 22 लाख 4 हजार 923 रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा, जिसमें बेसिक वैल्यू 3 करोड़ 6 लाख 71 हजार 356 रुपये है। समस्तीपुर डिविजन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी किया है, जिसकी अंतिम तिथि 12 जून 2025 है। निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य नौ महीने का रखा गया है।

    रेलखंड का इतिहास और महत्व

    दरभंगा-सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के आमान परिवर्तन का कार्य 15 वर्षों में पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर दानापुर, रक्सौल सहित अन्य शहरों के लिए आधा दर्जन से अधिक जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं। फारबिसगंज, ईस्ट सेंट्रल रेलवे का अंतिम स्टेशन है। मीटर गेज के समय यहां रनिंग रूम मौजूद था, लेकिन ब्रॉडगेज में परिवर्तन के दौरान यह खंडहर में तब्दील हो गया। नए रनिंग रूम के निर्माण से न केवल लोको पायलट और गार्ड को सुविधा मिलेगी, बल्कि लंबी दूरी की नई ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

    रेलवे की सुधार योजनाएं

    भारतीय रेलवे इस रेलखंड में व्यापक सुधारों पर जोर दे रहा है। फारबिसगंज स्टेशन पर रनिंग रूम का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा लोको पायलट और गार्ड को लंबी यात्रा के बाद विश्राम के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा में वृद्धि होगी।