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खगड़िया-कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना को मिली रफ़्तार: 2028 तक पूरा होगा 1384 करोड़ का नया रेल मार्ग

खबर सारांश

पटना/खगड़िया: बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रेलवे बोर्ड ने खगड़िया-कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना के लिए संशोधित बजट और समय सीमा को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत अलौली से कुशेश्वरस्थान के बीच नई रेल लाइन और […]

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खगड़िया-कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना को मिली रफ़्तार: 2028 तक पूरा होगा 1384 करोड़ का नया रेल मार्ग
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पटना/खगड़िया: बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रेलवे बोर्ड ने खगड़िया-कुशेश्वरस्थान रेल परियोजना के लिए संशोधित बजट और समय सीमा को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत अलौली से कुशेश्वरस्थान के बीच नई रेल लाइन और पुलों के निर्माण पर 1384.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे ने इस चुनौतीपूर्ण परियोजना को दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

संशोधित रेल मार्ग और पुलों का जाल: तकनीकी सुधारों के बाद अब इस रेल खंड की कुल लंबाई 40.953 किलोमीटर तय की गई है। इस दुर्गम इलाके में रेल दौड़ाने के लिए रेलवे को भारी निर्माण कार्य करना होगा, जिसमें 14 बड़े पुल, 13 छोटे पुल और 20 छोटी पुलिया शामिल हैं। निर्माण प्रक्रिया को गति देने के लिए अलौली से चेरा खेड़ा तक का अनुबंध (EPC Contract) 24 फरवरी 2026 को जारी कर दिया गया है, जबकि अगले हिस्से का टेंडर 20 मार्च 2026 तक जारी होने की उम्मीद है।

बाढ़ और कटाव की चुनौतियों से निपटने की तैयारी: यह रेल मार्ग करेह, कोसी और कमला बलान जैसी बड़ी नदियों के तटबंधों के करीब से गुजरता है, जहाँ हर साल बाढ़ और मिट्टी के कटाव का खतरा रहता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 2018-19 की विनाशकारी बाढ़ के बाद एक विशेष जल वैज्ञानिक अध्ययन (Hydrological Study) कराया गया था। इसी अध्ययन के आधार पर अब पुलों और तटबंधों का ऐसा डिजाइन तैयार किया गया है जो भविष्य में आने वाली किसी भी प्राकृतिक आपदा को झेलने में सक्षम होगा।

भूमि अधिग्रहण और दशकों पुराना इतिहास: दशकों से लंबित इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 1996-97 में मात्र 78.21 करोड़ रुपये के अनुमान के साथ हुई थी, जो अब बढ़ते खर्च और विस्तार के कारण 1384 करोड़ तक पहुँच गई है। भूमि अधिग्रहण की बात करें तो कुल आवश्यक 301 हेक्टेयर जमीन में से 253 हेक्टेयर पर कब्जा मिल चुका है, जबकि शेष 48 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।

बदलेगी मिथिलांचल और उत्तर बिहार की तस्वीर: समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इस भारी-भरकम बजट की पुष्टि करते हुए कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से खगड़िया और दरभंगा जिलों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। इस नए रूट से न केवल लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि इलाके में माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

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