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  • रेलवे और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी: लौकहा रेलखंड पर सुविधाएँ नदारद, यात्री मायूस

    रेलवे और जनप्रतिनिधियों की घोर अनदेखी: लौकहा रेलखंड पर सुविधाएँ नदारद, यात्री मायूस

    झंझारपुर – लौकहा रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन शुरू हुए एक वर्ष हो चुका है, लेकिन इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर आज भी रेल सुविधा नदारद है। न तो ट्रेनों की संख्या बढ़ाई गई है और न ही यात्री सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लगातार की जा रही इस अनदेखी से रेल यात्री अब निराश होते दिख रहे हैं।

    उद्घाटन के बाद भी अधूरे वादे

    इस रेलखंड पर 13 नवंबर 2025 को झंझारपुर से लौकहा तक दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों की शुरुआत की गई थी। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान, माननीय सांसद (झंझारपुर) रामप्रीत मंडल ने लौकहा में यह घोषणा की थी कि आने वाले एक से दो महीनों में लौकहा से पटना और दरभंगा के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी, लौकहा न तो दरभंगा से जुड़ सका है और न ही पटना से।

    यात्रियों के लिए दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें साबित हुईं ‘लाभहीन’

    रेल यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि वर्तमान में चल रही दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों (55501, 02, 03 और 04) से उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है।

    यात्री बोले: “लौकहा से पहली ट्रेन दोपहर 11:00 बजे के बाद झंझारपुर पहुँचती है। इसके बाद, दरभंगा की ओर जाने वाली ट्रेन 14:30 बजे के बाद है। ऐसे में हमें झंझारपुर में लगभग साढ़े तीन घंटे इंतज़ार करना पड़ता है, या फिर बस से आगे की यात्रा करनी पड़ती है। अगर इस ट्रेन का विस्तार दरभंगा या उससे आगे समस्तीपुर तक हो जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।”

    वाशिंग पिट का चुनावी जुमला

    विधानसभा चुनाव वर्ष 2025 के दौरान, माननीय रेल मंत्री ने लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण की घोषणा की थी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद संजय झा भी मौजूद थे। लेकिन, स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह घोषणा ज़मीन पर नहीं उतर सकी और इसे केवल एक ‘चुनावी जुमला’ माना जा रहा है।

    सिर्फ आश्वासन, सुविधा नहीं

    लौकहा, खुटौना समेत पूरे रेलखंड के आम जनता का मानना है कि रेल विभाग इस क्षेत्र को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। चुनावी वर्ष में कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित किया गया, पर लौकहा को कुछ नहीं मिला। रेलकर्मी बार-बार सुविधा विस्तार का आश्वासन देते रहे, लेकिन एक वर्ष बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

  • झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी CM बनाने की मांग, होर्डिंग्स ने बढ़ाई सियासी हलचल

    झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी CM बनाने की मांग, होर्डिंग्स ने बढ़ाई सियासी हलचल

    बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत अचानक गर्म हो गई है। अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और बाजारों में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इन पोस्टरों में स्थानीय विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाने की खुली मांग की गई है, जिसने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

    लगातार पांचवीं बार रिकॉर्ड जीत:

    झंझारपुर विधानसभा से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने वाले विधायक नीतीश मिश्रा को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग अब जोर पकड़ रही है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इन होर्डिंगों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस संबंध में सीधे अपील की है।

    ऐतिहासिक जीत और विकास कार्य आधार:

    होर्डिंग लगाने वाले स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों (संजीव महाजन, ललन यादव, सुनील मिश्र, वार्ड पार्षद गंगा प्रसाद यादव, बीरेंद्र नारायण भंडारी, सिंहेश्वर राय, रौशन झा, धीरज साह, महेश केजरीवाल, राघवेंद्र सिंह, राजू मंडल, राजा कुमार, अरुण गुप्ता, सियाकांत वर्ण, बैजू ठाकुर सहित अन्य) का कहना है कि विधायक नीतीश मिश्रा हमेशा से लोगों के ‘दिल अजीज’ रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि मिश्रा ने इस बार अपने 42 हजार वोट के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 55 हजार मतों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। साथ ही, एनडीए सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसी असाधारण प्रदर्शन और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेजी से बढ़ रही है।

  • झंझारपुर के ‘विकास पुरुष’ नीतीश मिश्रा को ऐतिहासिक जीत पर बधाई

    झंझारपुर के ‘विकास पुरुष’ नीतीश मिश्रा को ऐतिहासिक जीत पर बधाई

    जनता ने सौंपा ‘संपूर्ण विकास’ का नया जनादेश

    पटना/झंझारपुर, 15 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने झंझारपुर विधानसभा सीट से एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 50,000 से अधिक मतों के विशाल अंतर से पराजित कर लगातार दूसरी तथा अपने राजनीतिक करियर की चौथी बड़ी जीत हासिल की है। यह विजय केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि झंझारपुर की जनता द्वारा विकास और स्थिरता की राजनीति पर अटूट विश्वास का प्रतीक है। मिथिला की इस पवित्र भूमि से स्पष्ट संदेश गया है कि अब जनता बड़े नारों के बजाय धरातल पर हुए कार्यों पर भरोसा करती है।

    संपूर्ण मिथिलांचल की ओर से शुभ संदेश और नई आशा

    नीतीश मिश्रा को इस शानदार जीत पर झंझारपुर क्षेत्र, मधुबनी जिला और पूरे मिथिलांचल की ओर से हार्दिक बधाई। यह विजय आपके पूज्य पिताश्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की विरासत की निरंतरता तो है ही, साथ ही आपके संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता का फल भी है। जनता ने प्रचंड बहुमत देकर चिर-लंबित मुद्दों के समाधान की बड़ी अपेक्षा जताई है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि ‘विकास पुरुष’ के रूप में इस विश्वास को और मजबूत करें। नया कार्यकाल झंझारपुर के लिए ‘संपूर्ण विकास’ का नया अध्याय बने।

    लंबित कार्यों को गति देने का संकल्प

    झंझारपुर प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, लेकिन बाढ़, जलजमाव और रोजगार के लिए पलायन जैसी चुनौतियां इसे जकड़े हुए हैं। जनादेश का सम्मान करते हुए प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दें:

    1. जिले का दर्जा और प्रशासनिक सुधार: दशकों पुरानी मांग को पूरा कर झंझारपुर को जिला बनाएं। इससे नागरिक सेवाएं, पुलिसिंग, स्वास्थ्य और राजस्व में सुधार होगा।
    2. बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी: हर साल की बाढ़ से कृषि-बुनियादी ढांचा तबाह होता है। सकरी-झंझारपुर-निर्मली रेल लाइन के पुलों व सड़कों को जल निकासी के अनुकूल बनाएं। तटबंध मजबूत करें, चैनल साफ करें और जल भंडारण संरचनाएं बनाएं। नगर परिषद में जर्जर सड़कों के लिए विशेष अभियान चलाएं।
    3. औद्योगिक क्रांति और रोजगार: उद्योग मंत्री के रूप में अपनी विशेषज्ञता झंझारपुर में लगाएं। बिहार का पहला ग्रीन औद्योगिक क्षेत्र जल्द बनाएं, अलग फीडर सुनिश्चित करें। खादी, कांस्य और मखाना उद्योग के लिए पैकेज लाएं। कौशल विकास केंद्र स्थापित कर युवा पलायन रोके।
    4. शिक्षा और स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण: उच्च शिक्षा संस्थान (डिग्री कॉलेज, व्यावसायिक केंद्र) बनाएं। सरकारी स्कूलों में शिक्षक-ढांचा सुधारें। पीएचसी को 24×7 सक्रिय कर डॉक्टर सुनिश्चित करें।
    5. कनेक्टिविटी और यातायात: झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर महानगरों के लिए सीधी ट्रेन शुरू कराएं। ग्रामीण सड़कों का रखरखाव प्राथमिकता हो।

    राजनीतिक विरासत को कार्यकुशलता से मजबूत करें

    नीतीश मिश्रा के पास प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक दूरदर्शिता और प्रचंड जनादेश है। पिछले कार्यकाल में ग्रामीण विकास से आपदा प्रबंधन तक काम किया। अब दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गरीबी, बाढ़ और बेरोजगारी से मुकाबला करें। विनम्रता और पहुंच आपकी ताकत है—समयबद्ध रोडमैप बनाकर सुरक्षित, समृद्ध भविष्य की नींव रखें। जनता को सड़क-पुल ही नहीं, सम्मानजनक जीवन चाहिए। एक बार फिर बधाई!

  • झंझारपुर और शकूर बस्ती (नई दिल्ली) के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

    झंझारपुर और शकूर बस्ती (नई दिल्ली) के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

    झंझारपुर, 15 अक्टूबर 2025: आगामी दीपावली और छठ महापर्व के मद्देनजर त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। देशभर में बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे ने बिहार से कुल 12,000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी असुविधा के सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा उपलब्ध कराना है। मौजूदा स्पेशल ट्रेनों के अलावा, आवश्यकता पड़ने पर और भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की योजना पर काम चल रहा है, ताकि त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ से बचा जा सके।

    इस कड़ी में एक बड़ी खुशखबरी झंझारपुर के यात्रियों के लिए है। भारतीय रेलवे ने झंझारपुर जंक्शन से नई दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के बीच ‘त्योहारी पूजा स्पेशल ट्रेन’ चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन 5 अप-डाउन फेरों में संचालित होगी, जो बिहार और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत प्रदान करेगी। विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी जो परिवार के साथ त्योहार मनाने दिल्ली लौट रहे हैं या बिहार वापस आ रहे हैं।

    ट्रेन में कुल 17 द्वितीय श्रेणी (जनरल) के अनारक्षित कोच लगाए गए हैं, जिससे सामान्य श्रेणी के यात्रियों को आसानी से जगह मिल सकेगी। टिकट बुकिंग बिना किसी आरक्षण के उपलब्ध होगी, जो त्योहारी भीड़ में स्टेशन पर लाइन लगाने की परेशानी से बचाएगी।

    गाड़ी संख्या 04410 शकूर बस्ती से 22, 23, 24, 25 और 26 अक्टूबर को चलेगी। यह ट्रेन शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन से दोपहर 13ः00 बजे खुलेगी जो नई दिल्ली 13ः45 बजे, गाजियाबाद 15ः00 बजे, अलीगढ़ 16ः58 बजे, कानपुर सेन्ट्रल 23ः55 बजे, होते हुए गोरखुपर, कप्तानगंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, शीशो होते हुए झंझारपुर अगले दिन शाम में 18ः30 बजे पहुंचेगी।

    गाड़ी संख्या 04409 झंझारपुर से 23, 24, 25, 26 और 27 अक्टूबर को चलेगी। यह ट्रेन झंझारपुर जं0 से रात्री 20ः30 बजे खुलेगी जो शीशो 21ः35 बजे, सीतामढ़ी 23ः20 बजे, रक्सौल 01ः00 बजे, नरकटियागंज 02ः15 बजे होते हुए कप्तानगंज, अलीगढ़, गाजियाबाद के रास्ते नई दिल्ली 00ः35 बजे पहुंचेगी यहां से 00ः50 बजे प्रस्थान करने के बाद शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन 01ः40 बजे पहुंचेगी।

    यह नई स्पेशल ट्रेन न केवल यात्रियों की भीड़ को कम करेगी, बल्कि बिहार-दिल्ली कॉरिडोर पर यात्रा को और अधिक सुलभ बना देगी। त्योहारों की धूम में सभी को सुरक्षित और खुशी भरी यात्रा की शुभकामनाएं!

  • झंझारपुर से आज 12:15 बजे खुलेगी सिलीगुड़ी के लिए नई स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर से आज 12:15 बजे खुलेगी सिलीगुड़ी के लिए नई स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर: बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर! आज, 29 सितंबर 2025 से नरकटियागंज और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच एक नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू हो रहा है। यह ट्रेन नव निर्मित गलगलिया-अररिया रेलखंड के रास्ते चलेगी, जो बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।

    ट्रेन का मार्ग और समय-सारणी:

    • गाड़ी संख्या 05738 न्यू जलपाईगुड़ी-नरकटियागंज साप्ताहिक स्पेशल:
      यह ट्रेन 28 सितंबर से 9 नवंबर 2025 तक प्रत्येक रविवार को न्यू जलपाईगुड़ी से दोपहर 14:05 बजे रवाना होगी। यह सिलीगुड़ी (14:43), ठाकुरगंज (16:16), फारबिसगंज (19:48), झंझारपुर (22:50), सीतामढ़ी (01:50) होते हुए अगले दिन सुबह 05:00 बजे नरकटियागंज पहुंचेगी।
    • गाड़ी संख्या 05737 नरकटियागंज-न्यू जलपाईगुड़ी साप्ताहिक स्पेशल:
      यह ट्रेन 29 सितंबर से 10 नवंबर 2025 तक प्रत्येक सोमवार को सुबह 07:00 बजे नरकटियागंज से रवाना होगी। यह सीतामढ़ी (09:45), झंझारपुर (12:15), फारबिसगंज (16:30), ठाकुरगंज (19:13), सिलीगुड़ी (20:46) होते हुए रात 21:30 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी।

    विशेष नोट : यह ट्रेन अपने मार्ग में दरभंगा रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसके बजाय, शीशो रेलवे स्टेशन पर इसका ठहराव होगा, जो दरभंगा के दिल्ली मोड़ से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ट्रेन का मार्ग सिलीगुड़ी, ठाकुरगंज, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम, सरायगढ़, झंझारपुर, सकरी, शीशो, सीतामढ़ी, रक्सौल और सिकटा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगा।

    रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा:

    नव निर्मित गलगलिया-अररिया रेलखंड के उपयोग से यह ट्रेन बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों को पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ेगी। यह नई सेवा यात्रियों के लिए सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी।

  • सहरसा से झंझारपुर होकर दक्षिण भारत की धार्मिक यात्रा के लिए 5 दिसंबर को चलेगी भारत गौरव ट्रेन, जल्दी करें बुकिंग

    सहरसा से झंझारपुर होकर दक्षिण भारत की धार्मिक यात्रा के लिए 5 दिसंबर को चलेगी भारत गौरव ट्रेन, जल्दी करें बुकिंग

    भारतीय रेलवे की विशेष पहल के तहत सहरसा से दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए भारत गौरव स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने इसकी घोषणा की है। यह ट्रेन 5 दिसंबर को सुबह सहरसा से रवाना होगी और यात्रियों को 12 से 13 दिनों की यादगार यात्रा पर ले जाएगी। इस विशेष यात्रा के लिए पैकेज कोड EZBG26 जारी किया गया है।

    धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दर्शन

    इस यात्रा के दौरान यात्री तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी, तिरुवनंतपुरम और मल्लिकार्जुन जैसे प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक होगी, जिसमें यात्रियों की हर जरूरत का ध्यान रखा गया है। ट्रेन में कुल 600 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें से 400 से अधिक सीटें अभी खाली हैं।

    पैकेज और किराया

    IRCTC ने यात्रा के लिए अलग-अलग श्रेणियों में किराया तय किया है:

    • इकनॉमी (SL): प्रति व्यक्ति 25,620 रुपये
    • स्टैंडर्ड (3AC): प्रति व्यक्ति 35,440 रुपये
    • कम्फर्ट (2AC): प्रति व्यक्ति 49,175 रुपये

    इस पैकेज में यात्रा, ठहराव, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं, जिससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

    विशेष सुविधाओं से लैस ट्रेन

    भारत गौरव ट्रेन की बोगियों को विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया है। ट्रेन में कैंटीन, सुरक्षा व्यवस्था, पूजा-अर्चना के लिए मंदिर जैसी सुविधाएं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। यह ट्रेन यात्रियों के लिए एक आध्यात्मिक और आरामदायक अनुभव प्रदान करेगी। बोर्डिंग स्टेशन
    यात्रियों की सुविधा के लिए कई बोर्डिंग स्टेशन निर्धारित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

    • सहरसा, सुपौल, निर्मली, झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, दिलदारनगर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और प्रयागराज छिवकी।

    बुकिंग की प्रक्रिया

    यात्री टिकट बुकिंग के लिए निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:

    • फोन: 8595937731/32 पर कॉल करें
    • व्हाट्सएप: 7003125136 पर संदेश भेजें
    • ऑनलाइन बुकिंग: http://www.irctctourism.com पर जाएं
    • ऑफलाइन बुकिंग: पटना के बिस्कोमान टॉवर स्थित IRCTC के क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें

    IRCTC की अपील

    IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि यह यात्रा धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से एक सुनहरा अवसर है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी सीट बुक करें, क्योंकि सीमित सीटें उपलब्ध हैं।

  • झंझारपुर को मिली पहली अमृत भारत एक्सप्रेस, उद्घाटन 15 को, सहरसा से अमृतसर के बीच चलेगी

    झंझारपुर को मिली पहली अमृत भारत एक्सप्रेस, उद्घाटन 15 को, सहरसा से अमृतसर के बीच चलेगी

    झंझारपुर: सहरसा और छेरहटा (अमृतसर) के बीच एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात मिली है। जारी अधिसूचना के मुताबिक यह ट्रेन छेरहटा से खुलने के बाद यह ट्रेन अमृतसर, ब्यास, जालंधर सिटी, फगवाड़ा, ढंडारी कलां, सरहिंद, राजपुरा, अंबाला, यमुनानगर, जगाधरी, सहारनपुर, रूड़की, मुरादाबाद, चंदौसी, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, कप्तानगंज, सिसवा बाजार, नरकटियागंज, सिकटा, रक्सौल, सीतामढी, शिशो, सकरी, झंझारपुर, निर्मली, सरायगढ़, सुपौल के रास्ते सहरसा तक चलेगी जो एक साप्ताहिक ट्रेन होगी। यह एक पहली लम्बी दूरी नियमित ट्रेन है जो कोशी रेल महासेतू होकर चलेगी। इस त्योहारी सीजन पर रेल यात्रियों को इस ट्रेन से काफी लाभ मिल सकेगा।

    उद्घाटन 15 सितंबर को

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक सहरसा- अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 15 सितंबर को माननीय प्रधानमंत्री के द्वारा विडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये किया जाएगा। दरअसल माननीय प्रधानमंत्री 15 सितंबर को पुर्णिया आ रहे हैं जहां पुर्णियो एयरपोर्ट को लोकार्पण होगा साथ ही जोगबनी से एक अमृत भारत एक्सप्रेस को जोगबनी से इरोड के बीच चलेगी और एक जोगबनी से दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरि झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसी कार्यक्रम में सहरसा- अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस का भी उद्घाटन की जाएगी।

    छेरहटा (अमृतसर) से सहरसा की ओर

    गाड़ी संख्या 14628 छेरहटा – सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को छेरहटा से रात्री 22ः20 बजे खुलेगी जो अमृतसर होते हुए सहरसा 10ः00 बजे दिन में पहुंचेगी।

    सहरसा से छेरहटा (अमृतसर) की ओर

    वहीं गाड़ी संख्या 14627 सहरसा- छेरहटा (अमृतसर) अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को 13ः00 बजे सहरसा से खुलेगी जो अमृतसर के रास्ते छेरहटा 03ः20 बजे सुबह में पहुंचेगी।
    इस अमृत भारत एक्सप्रेस में कुल 22 कोच जिसमें 8 शयनयान, 11 जेनरल, 2 एस एल आर और 1 पैंट्री कोच लगा होगा। जिसका प्राथमिक मेंटिनेंस अमृतसर में ही किया जाएगा।

  • लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, मा. रेलमंत्री ने की घोषणा, पढ़े पूरी खबर

    लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, मा. रेलमंत्री ने की घोषणा, पढ़े पूरी खबर

    झंझारपुरः लौकहा में वाशिंग पिट के निर्माण रास्ता साफ हो गया है। 20 अगस्त 2025 को माननीय रेलमंत्री ने एक बैठक में इसकी घोषणा की है। लौकहा जो की नेपाल बॉर्डर से सटा हुआ एक महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है जहां वाशिंग पिट निर्माण के स्वीकृति मिलने से सम्पूर्ण क्षेत्र को भविष्य में लाभ मिल सकेगा।
    माननीय रेलमंत्री ने अपने बैठक में लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण के घोषणा के साथ से कई अन्य महत्त्वपूर्ण घोषणाएं कि जिसमें आगामी दिपावली और छठ महापर्व पर सम्पूर्ण बिहार से 12000 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। गया जी से दिल्ली, सहरसा से अमृतसर, छपरा से दिल्ली, मुजफ्फरपुर से हैदराबाद एक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाई जाएगी। वैशाली से कोडरमा के बीच एक नई बुद्ध सर्किट ट्रेन चलाई जाएगी।

    वाशिंग पिट के फायदे और प्रभाव

    यात्रियों की सुविधाः वाशिंग पिट के निर्माण से लौकहा और आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की सफाई और रखरखाव में तेजी आएगी, जिससे समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित होगा।
    रोजगार के अवसरः इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर नौकरियों का सृजन होगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
    रेल नेटवर्क का आधुनिकीकरणः यह कदम बिहार के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगा।

  • अब दरभंगा जं0 नहीं जाएगी पूर्णिया कोर्ट- आनन्द विहार गरीब रथ एक्सप्रेस, दरभंगा बाय पास को मिली पहली यात्री ट्रेन

    अब दरभंगा जं0 नहीं जाएगी पूर्णिया कोर्ट- आनन्द विहार गरीब रथ एक्सप्रेस, दरभंगा बाय पास को मिली पहली यात्री ट्रेन

    झंझारपुर: झंझारपुर, दरभंगा होकर पूर्णिया कोर्ट और आनन्द विहार के बीच चलने वाली एस स्पेशल गरीब रथ एक्सप्रेस में यात्री सुविधा को देखते हुए एक बड़ा बदलाव किया गया है। यह गाड़ी अब दरभंगा जं0 पर नहीं जाएगी, बल्कि काकरघाटी से ही बाय पास होते हुए सीतामढ़ी की ओर जाएगी जो दिल्ली मोड़ के समीप शीशो स्टेशन पर रूकेगी। यह जानकारी मुख्य जनसम्पर्क पदाधिकारी, सरस्वती चन्द्र के द्वारा एक प्रेष विज्ञप्ति में दी गई। दरभंगा में बाय पास होने से इस ट्रेन के इंजन बदलने का समस्या दरभंगा जं0 पर खत्म हो गया।

    दरअसल पिछले कुछ महिनों से कोशी रेल महासेतु होकर सहरसा (अब पूर्णिया) से आनन्द विहार के बीच एक स्पेशल ट्रेन का परिचालन सप्ताह में पांच दिन हो रहा है। यह ट्रेन अपने यात्रा के दौरान दो बार इंजन बदली है एक सरायगढ़ में तो दूसरा दरभंजा जं0 पर, लेकिन यात्री सुविधा के लिए रेलवे अब इस ट्रेन को दरभंगा बाय पास से चलाने का निर्णय लिया है जिससे यात्रियों का समय बचेगा और अब इंजन बदलने की समस्या भी नहीं होगी।

    गाड़ी सं. 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल के परिचालन अवधि में विस्तार करते हुए इसे अब सहरसा से 20.08.2025 से 10.09.2025 तक प्रत्येक बुधवार को चलायी जाएगी ।

    गाड़ी सं. 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल के परिचालन अवधि में विस्तार करते हुए इसे अब आनंद विहार से 19.08.2025 से 09.09.2025 तक प्रत्येक मंगलवार को चलायी जाएगी ।

    गाड़ी सं. 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल के परिचालन अवधि में विस्तार करते हुए इसे अब पूर्णिया कोर्ट से 17.08.2025 से 15.09.2025 तक सप्ताह में चार दिन शुक्र, रवि सोम, मंगलवार को चलायी जाएगी ।

    गाड़ी सं. 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल के परिचालन अवधि में विस्तार करते हुए इसे अब आनंद विहार से 20.08.2025 से 17.09.2025 तक सप्ताह में चार दिन रवि, शुक्र, बुध एवं गुरूवार को चलायी जाएगी ।

    इसके साथ ही गाड़ी सं. 05575/76 सहरसा-आनंद विहार-सहरसा स्पेशल तथा गाड़ी सं. 05579/80 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल का दरभंगा के स्थान पर शिशो स्टेशन पर ठहराव प्रदान किया जा रहा है जिनका विवरण निम्नानुसार है:-

    1. गाड़ी सं. 05575/05579 स्पेशल शिशो स्टेशन पर 23.35/23.40 बजे रूकते हुए आगे लिए प्रस्थान करेगी।
    2. गाड़ी सं. 05576/05580 स्पेशल शिशो स्टेशन पर 04.00/04.05 बजे रूकते हुए आगे लिए प्रस्थान करेगी।
  • मिथिला की रेल सुविधाओं के लिए सांसदों का जुझा प्रयास, सीतामढ़ी – नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, लौकहा-पटना नई ट्रेन की हुई मांग

    मिथिला की रेल सुविधाओं के लिए सांसदों का जुझा प्रयास, सीतामढ़ी – नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, लौकहा में वाशिंग पिट निर्माण, लौकहा-पटना नई ट्रेन की हुई मांग

    झंझारपुर, 05 अगस्त 2025: मिथिला क्षेत्र के विकास और रेल सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए झंझारपुर के लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल और राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने एकजुट होकर रेल भवन, नई दिल्ली में रेल मंत्री से भावपूर्ण और प्रभावशाली मुलाकात की। इस मुलाकात में मिथिला के हृदय स्थल झंझारपुर, लौकहा, दरभंगा, सीतामढ़ी और सहरसा जैसे क्षेत्रों की रेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांगों को जोर-शोर से उठाया गया। सांसदों की इस पहल ने मिथिला की जनता में एक नई उम्मीद जगाई है, जो वर्षों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रही है। मिथिला की जनता की पुकार, सांसदों की आवाजयह मुलाकात मिथिला क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हो सकती है। सांसदों ने रेल मंत्री के समक्ष न केवल क्षेत्र की रेल समस्याओं को रखा, बल्कि इसे विकास की नई राह देने के लिए ठोस और व्यावहारिक मांगें प्रस्तुत कीं। माननीय रेल मंत्री ने इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिससे मिथिला की जनता में उत्साह और विश्वास का संचार हुआ है। खासकर ऐसे समय में जब देश में चुनावी माहौल है, यह प्रयास क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात बन सकता है। लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल ने भावुक होकर कहा, “मिथिला की धरती मेहनतकश और संघर्षशील लोगों की धरती है। यहां के लोग बेहतर रेल सुविधाओं के हकदार हैं। हमारी मांगें केवल ट्रेनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार हैं।” वहीं, राज्यसभा सांसद श्री संजय झा ने जोर देकर कहा, “मिथिला को रेल नेटवर्क के जरिए देश के प्रमुख शहरों से जोड़ना हमारा संकल्प है। लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं इस क्षेत्र को रेलवे के नक्शे पर एक नई पहचान देंगी।”मांगें जो बदलेंगी मिथिला की तस्वीरसांसदों ने रेल मंत्री के समक्ष मिथिला क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं, जो न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देंगी

    लोकसभा सांसद श्री रामप्रीत मंडल की प्रमुख मांगें:

    1. लौकहा में वाशिंग पिट का निर्माण: यह सुविधा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ट्रेनों की बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करेगी।
    2. लौकहा-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस (वाया दरभंगा): यह ट्रेन मिथिला और बिहार की राजधानी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
    3. दरभंगा-गुवाहाटी नई एक्सप्रेस ट्रेन: पूर्वोत्तर भारत से मिथिला का रेल संपर्क मजबूत होगा।
    4. 05735/36 कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस का पुनः परिचालन: यह ट्रेन यात्रियों की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करेगी।
    5. 05580/79 का नियमित परिचालन: नियमित ट्रेन सेवा से स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
    6. दरभंगा-अमृतसर जननायक एक्सप्रेस का लौकहा तक विस्तार: इससे क्षेत्र के लोग पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से सीधे जुड़ सकेंगे।
    7. सहरसा-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर): यह ट्रेन क्षेत्र को आधुनिक रेल सुविधाओं से जोड़ेगी।
    8. लौकहा-हावड़ा एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर, फारबिसगंज): कोलकाता और पूर्वी भारत से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
    9. लौकहा-नई दिल्ली एक्सप्रेस (वाया दरभंगा, सीतामढ़ी): राष्ट्रीय राजधानी से सीधा संपर्क मिथिला के विकास को नई दिशा देगा।
    10. दरभंगा-पाटलिपुत्र मेमू का लौकहा तक विस्तार: स्थानीय यात्रियों के लिए दैनिक आवागमन आसान होगा।
    11. जोगबनी-रक्सौल का टर्मिनल सिलीगुड़ी तक विस्तार: इससे उत्तर बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क मजबूत होगा।
    12. 13202/01 का लौकहा तक विस्तार: यह मांग क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और सशक्त करेगी।

    राज्यसभा सांसद श्री संजय झा की प्रमुख मांगें:

    1. सीतामढ़ी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस: यह ट्रेन मिथिला को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने का एक बड़ा कदम होगी।
    2. लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स: यह क्षेत्र को रेलवे का हब बनाएगा और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा।
    3. मनीगाछी में मेमू शेड: यह सुविधा स्थानीय रेल परिचालन को और कुशल बनाएगी।
    4. सहरसा-जम्मूतवी वंदे भारत एक्सप्रेस (वाया झंझारपुर): यह आधुनिक ट्रेन क्षेत्र को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प देगी।
    5. लौकहा-मुम्बई अमृत भारत एक्सप्रेस: मिथिला से देश की आर्थिक राजधानी तक सीधा संपर्क बनेगा।
    6. लौकहा/झंझारपुर से पूणे: यह मांग मिथिला के लोगों को पश्चिमी भारत से जोड़ेगी।
    7. फारबिसगंज से मैसूर: दक्षिण भारत के साथ रेल संपर्क को बढ़ावा देगी।
    8. लौकहा-भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (वाया सहरसा): यह ट्रेन स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए बड़ी सौगात होगी।

    मिथिला की जनता में जगी नई उम्मीदसांसदों की इस पहल ने मिथिला की जनता में एक नई आशा का संचार किया है। लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र के लिए रेल सुविधाओं का विस्तार न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। खासकर लौकहा में वाशिंग पिट और कोचिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। मिथिला की जनता ने सांसदों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। स्थानीय निवासी रमेश ठाकुर ने भावुक होकर कहा, “हमारी धरती को अब वह सम्मान और सुविधाएं मिलेंगी, जिसकी वह हकदार है। सांसदों का यह प्रयास हमें गर्व से भर देता है।”आगे की राहरेल मंत्री के आश्वासन और सांसदों के दृढ़ संकल्प ने मिथिला के लोगों में विश्वास जगाया है कि जल्द ही उनकी मांगें हकीकत में बदलेंगी। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि मिथिला के विकास की नींव रखने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। अगर ये मांगें पूरी होती हैं, तो मिथिला न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के रेल नक्शे पर एक चमकता सितारा बनकर उभरेगा। इस मुलाकात ने मिथिला की जनता को यह भरोसा दिलाया है कि उनके सांसद उनके हितों के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें रेल मंत्रालय की कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस क्षेत्र के लिए एक नई सुबह ला सकती है।