समस्तीपुर रेल मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। 27 अप्रैल, 2025 को दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर चलाए गए एक विशेष टिकट जांच अभियान में 337 यात्रियों को बिना टिकट या उचित प्राधिकार के यात्रा करते हुए पकड़ा गया। इस अभियान के दौरान रेलवे ने ₹68,005 का जुर्माना वसूल किया, जो रेलवे राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस अभियान की सफलता का श्रेय रेलवे की विशेष कोच ‘लाल गाड़ी’ को जाता है, जिसने टिकट जांच को और प्रभावी बनाया।
‘लाल गाड़ी’: टिकट जांच की नई ताकत
समस्तीपुर रेल मंडल ने टिकट जांच को और सघन करने के लिए ‘लाल गाड़ी’ नामक विशेष कोच की शुरुआत की है। यह गाड़ी मंडल के किसी भी छोटे-बड़े स्टेशन पर अचानक पहुंचकर टिकट जांच करती है। दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर इस गाड़ी ने अपनी प्रभावशीलता साबित की, जहां यह मेल-एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियों में बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने में सफल रही। लाल रंग की इस गाड़ी ने न केवल रेलवे के राजस्व को बढ़ाया, बल्कि यात्रियों में टिकट लेकर यात्रा करने की जागरूकता भी फैलाई।
रेलवे की सख्ती का असर
समस्तीपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनन्या स्मृति ने बताया कि इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं ताकि बिना टिकट यात्रा पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले।” इस अभियान में 198 टिकट निरीक्षकों (टीटीई) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की टीम ने हिस्सा लिया, जिन्होंने यात्रियों को उचित मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
पहले भी रही है प्रभावी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब समस्तीपुर मंडल ने बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। फरवरी 2025 में भी मंडल ने 16 घंटे के मेगा टिकट जांच अभियान में 2,521 बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा था, जिससे ₹17.82 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके अलावा, अप्रैल 2025 में ही लाल गाड़ी के उपयोग से मंडल ने ₹30.60 लाख का जुर्माना वसूला था। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि रेलवे अपनी नीति में कोई ढील नहीं बरत रहा है।
यात्रियों से रेलवे की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले उचित टिकट खरीदें और बिना टिकट यात्रा करने से बचें। बिना टिकट यात्रा न केवल दंडनीय है, बल्कि यह अन्य यात्रियों की सुविधा को भी प्रभावित करता है। समस्तीपुर रेल मंडल ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, और ‘लाल गाड़ी’ जैसे नवाचारों के साथ टिकट जांच को और सख्त किया जाएगा।
“बिना टिकट यात्रा एक अपराध है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे स्टेशन पर टिकट काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से टिकट खरीदकर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करें।”
अनन्या स्मृति, वरिष्ठ डीसीएम, समस्तीपुर
क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
यह अभियान न केवल रेलवे के राजस्व को बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि यात्रियों में नियम-पालन की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। ‘लाल गाड़ी’ जैसे नवाचार भारतीय रेलवे की आधुनिकता और सख्ती का प्रतीक हैं। दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड जैसे व्यस्त मार्गों पर इस तरह की कार्रवाई से रेलवे की छवि और मजबूत होती है।
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