सुपौल में बढ़ेगी एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या, सरायगढ़ बायपास निर्माण अंतिम चरण में

सुपौल में सरायगढ़ रेलवे बायपास निर्माण पूरा होने के कगार पर, सुपौल-निर्मली-दरभंगा रेलखंड पर 7-8 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू होंगी। अमृत भारत स्टेशन का काम तेज, यात्रा समय घटेगा।

Star Mithila News
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Highlights
  • सरायगढ़ बायपास तैयार
  • सुपौल-दरभंगा रूट पर बड़ी राहत
  • सुपौल स्टेशन अब विश्व स्तरीय! 14.50 करोड़ का प्रोजेक्ट पूरा
  • रिवर्सल की समस्या खत्म, दरभंगा-पटना ट्रेन विकल्प बढ़ेंगे

सुपौल, 04 दिसंबर 2025: सुपौल-निर्मली-दरभंगा रेलखंड के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरायगढ़ स्टेशन के पास चांदपीपर और निर्माणाधीन न्यू झाझा स्टेशन के बीच सरायगढ़ रेलवे बायपास का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पटरी बिछाने, ब्लास्टिंग और गिट्टी डालने का काम पूरा हो गया है, जबकि सिग्नलिंग का कार्य तेजी से जारी है।

झाझा स्टेशन पर शेड का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है, जहां अब लिफ्ट लगाने का काम हो रहा है। इस बायपास के पूरा होने से सुपौल से नई दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो सकेगी। वर्तमान में सुपौल से निर्मली जाने वाली ट्रेनों को सरायगढ़ जंक्शन पर रिवर्सल करना पड़ता है, जिसमें करीब आधा घंटा लगता है। यह लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए बड़ी बाधा साबित होता है, लेकिन बायपास से यह समस्या दूर हो जाएगी।

सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत ने बताया कि बायपास का उद्घाटन बहुत जल्द होगा। इसके बाद सुपौल के लिए 7 से 8 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस मुद्दे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा चल रही है और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। बायपास शुरू होने से यात्रा का समय कम होगा, साथ ही सुपौल के आर्थिक विकास में तेजी आएगी। उद्योग, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से, दरभंगा और पटना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को अधिक ट्रेन विकल्प उपलब्ध होंगे।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सुपौल रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण भी तेजी से चल रहा है। 14.50 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस स्टेशन का नया भवन पूरा हो चुका है और अब लिफ्ट लगाने का काम अंतिम दौर में है। स्टेशन का चयन 2022 में हुआ था, जबकि फरवरी 2023 में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिलान्यास किया था। स्टेशन अब लोकार्पण की प्रतीक्षा कर रहा है, जो यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।

यह विकास न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि बिहार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बायपास से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा।

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