दरभंगा एयरपोर्ट अब नए अवतार में, जल्द ही नए टर्मिनल को चालू किया जाएगा
News Area: दरभंगा
Darbhanga
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आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे को दरभंगा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे को दरभंगा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे को अब सीधे दरभंगा एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। इस फोरलेन कनेक्टिविटी से केवल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान नहीं होगी, बल्कि मिथिलांचल के लोगों का सफर भी पहले से काफी तेज़, सुगम और आरामदायक हो जाएगा।
विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम! 🙌✈️
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दरभंगा में नव वर्ष पर शुरू होगी नई ट्रैफिक व्यवस्था, जल्द ही दरभंगा वासियों को भीड़ से छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
दरभंगा में दिल्ली मोर से लहेरियासराय तक ट्रैफिक लाइट लगाने का कार्य काफी गति से चल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताविक इसी वर्ष इसे चालू करने की तैयारी है।
नोट: ये प्रतीकात्मक वीडियो है।
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✨ उम्मीदों की नई उड़ान! ✈️
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रात के सन्नाटे में जगमगाता दरभंगा एयरपोर्ट का यह नया टर्मिनल…
जल्द ही इस रात के बाद एक नया सवेरा होने वाला है! मिथिलांचल के विकास को अब एक नई रफ्तार मिल रही है।
बड़ी खुशखबरी: अगले महीने से दरभंगा से नवी मुंबई के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है। ✈️🌆
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✈️ प्रगति की नई मिसाल — बदलता हुआ दरभंगा एयरपोर्ट, निखरता हुआ दरभंगा एयरपोर्ट! ✈️
मिथिलांचल के विकास को एक नई उड़ान देने के लिए दरभंगा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन (Terminal Building) अब तेज़ी से आकार ले रहा है। आधुनिक सुविधाओं और भव्य संरचना के साथ यह नया टर्मिनल आने वाले समय में यात्रियों के अनुभव को और भी बेहतर और आरामदायक बनाएगा।
नए टर्मिनल का मुख्य ढांचा, शानदार कांच की कोटिंग (Glass Façade), और विशाल एप्रोच फ़्लाईओवर का निर्माण कार्य ज़ोरों पर चल रहा है। भारी मशीनरी और निर्माण दल दिन-रात इस सपने को हक़ीकत में बदलने में जुटे हुए हैं।
यह नया टर्मिनल न केवल दरभंगा, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन के नए द्वार खोलेगा। बुनियादी ढांचे में हो रहा यह बड़ा बदलाव क्षेत्र की आर्थिक तरक्की को एक नई गति देगा।
उम्मीद है कि जल्द ही यह आधुनिक टर्मिनल यात्रियों की सेवा के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।विकास के इस नए अध्याय के लिए मिथिलावासियों को हार्दिक बधाई!
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जयनगर, ललितग्राम, रक्सौल, पुर्णिया, दरभंगा, बलिया, कामाख्या, उधना, हावड़ा, पटना, गुवाहाटी, हटिया, सूरत, देवघर, आर…
जयनगर, ललितग्राम, रक्सौल, पुर्णिया, दरभंगा, बलिया, कामाख्या, उधना, हावड़ा, पटना, गुवाहाटी, हटिया, सूरत, देवघर, आरा, न्यू जलपाईगुड़ी समेत कई स्टेशनों से चलने वाली करीब 300 ट्रेनों का मार्ग बदला, त्योहर से पूर्व बड़ी तैयारी
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इस दुर्गापूजा दरभंगा, सीतामढ़ी, लौकहा, जोगबनी, मधुबनी, जयनगर, पुर्णिया समेत कई जगहों से चलेगी 50 से अधिक स्पेशल ट…
इस दुर्गापूजा दरभंगा, सीतामढ़ी, लौकहा, जोगबनी, मधुबनी, जयनगर, पुर्णिया समेत कई जगहों से चलेगी 50 से अधिक स्पेशल ट्रेन
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दरभंगा से दिल्ली-अमृतसर यात्रा करने वालों के लिए जरूरी अपडेट: 13 ट्रेनें बदले हुए मार्ग से चलेंगी
यदि आप आने वाले दिनों में दरभंगा, जयनगर और उत्तर बिहार से दिल्ली, अमृतसर या अन्य प्रमुख शहरों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर कैंट और उनौला स्टेशनों के बीच पैच दोहरीकरण का कमीशनिंग कार्य तेजी से चल रहा है। इस तकनीकी और बुनियादी ढांचे के विकास कार्य के चलते रेल यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।

नान-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य और आगामी 3 सितंबर को निर्धारित रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) के महत्वपूर्ण निरीक्षण के कारण ट्रेनों के परिचालन का शेड्यूल पूरी तरह प्रभावित हो गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस विकास कार्य के प्रभावस्वरूप इस अवधि में कुल 3 सवारी गाड़ियों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जबकि 13 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग के बजाय बदले हुए (डायवर्टेड) मार्गों से संचालित किया जाएगा।
1. पूरी तरह रद्द (Cancelled) की गई ट्रेनें
रेलवे प्रशासन द्वारा सुरक्षा और कमिशनिंग कार्यों के चलते निम्नलिखित सवारी गाड़ियों को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है:
- ट्रेन संख्या 55095 (नरकटियागंज – गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी): 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द।
- ट्रेन संख्या 55098 (गोरखपुर कैंट – नरकटियागंज सवारी गाड़ी): 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द।
- ट्रेन संख्या 55097 (नरकटियागंज – गोरखपुर कैंट सवारी गाड़ी): 1 से 4 सितंबर तक रद्द।
2. बदले हुए मार्ग (Diverted Routes) से चलने वाली 13 एक्सप्रेस ट्रेनें
इन ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा, जिससे गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीवान और देवरिया सदर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इनका ठहराव प्रभावित रहेगा:
- ट्रेन संख्या 15212 (अमृतसर – दरभंगा जननायक एक्सप्रेस): 1 और 2 सितंबर को रोजा – लखनऊ – बाराबंकी – अयोध्या कैंट – वाराणसी जंक्शन – छपरा ग्रामीण – मुजफ्फरपुर के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 14674 (अमृतसर – जयनगर शहीद एक्सप्रेस): 1 सितंबर को भटनी – मऊ – वाराणसी जंक्शन – अयोध्या कैंट – बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 14673 (जयनगर – अमृतसर शहीद एक्सप्रेस): 2 और 3 सितंबर को भटनी – मऊ – वाराणसी जंक्शन – अयोध्या कैंट – बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 13020 (काठगोदाम – हावड़ा बाघ एक्सप्रेस): 1 सितंबर को बाराबंकी – अयोध्या कैंट – वाराणसी जंक्शन – वाराणसी सिटी – मऊ – भटनी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 13019 (हावड़ा – काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस): 2 सितंबर को छपरा – वाराणसी जंक्शन – अयोध्या कैंट – बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 14617 (पूर्णिया कोर्ट – अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस): 2 और 3 सितंबर को छपरा – वाराणसी जंक्शन – अयोध्या कैंट – बाराबंकी – लखनऊ – रोजा के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 15565 (ललितग्राम – नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस): 3 सितंबर को छपरा – वाराणसी जंक्शन – अयोध्या कैंट – बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 15707 (कटिहार – अमृतसर एक्सप्रेस): 1 और 2 सितंबर को छपरा – औंड़िहार – जौनपुर – अयोध्या कैंट – बाराबंकी के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 12565 (दरभंगा – नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस): 3 सितंबर को छपरा – वाराणसी जंक्शन – बनारस – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 15904 (चंडीगढ़ – डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस): 2 सितंबर को लखनऊ – सुलतानपुर – वाराणसी जंक्शन – छपरा के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 19725 (खातीपुरा – दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस): 1 और 2 सितंबर को बाराबंकी – अयोध्या कैंट – शाहगंज – मऊ – भटनी – सीवान – थावे – कप्तानगंज के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 02563 (बरौनी – नई दिल्ली क्लोन स्पेशल): 3 सितंबर को छपरा – औंड़िहार – वाराणसी जंक्शन – बनारस – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 02569 (दरभंगा – नई दिल्ली क्लोन स्पेशल): 3 सितंबर को छपरा – औंड़िहार – वाराणसी जंक्शन – बनारस – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।
3. विलंब और पुनर्निर्धारण (Rescheduled & Controlled) से जुड़ी अन्य ट्रेनें
मार्ग परिवर्तन और कैंसिलेशन के अतिरिक्त कुछ ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है:
- ट्रेन संख्या 55040 (बढ़नी – नरकटियागंज सवारी गाड़ी): 30 अगस्त से 3 सितंबर तक 240 मिनट पुनर्निर्धारित रहेगी।
- ट्रेन संख्या 15274 (आनंद विहार – रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस): 31 अगस्त को 60 मिनट की देरी से पुनर्निर्धारित समय पर चलाई जाएगी।
- ट्रेन संख्या 15027 (संबलपुर – गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस): 2 सितंबर को 300 मिनट (5 घंटे) की देरी से पुनर्निर्धारित की जाएगी।
- ट्रेन संख्या 19038 (बरौनी – बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस): 3 सितंबर को 300 मिनट (5 घंटे) की देरी से चलाई जाएगी।
- इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य ट्रेनों को रास्ते में 30 से 60 मिनट तक नियंत्रित (कंट्रोल) करके चलाया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति और बदले हुए रूट की पूरी जानकारी आधिकारिक रेलवे हेल्पलाइन या एनटीईएस (NTES) ऐप के माध्यम से जरूर प्राप्त कर लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
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बिहार को 20 नवंबर को मिलेगी बड़ी सौगात: पीएम मोदी करेंगे सकरी और रैयाम चीनी मिलों का शिलान्यास, जानिए उत्पादन की समय-सीमा
पटना। बिहार में वर्षों से बंद पड़ी सकरी और रैयाम चीनी मिलों के पुनरुद्धार का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। आगामी 20 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दोनों चीनी मिलों के पुनर्स्थापना (पुनरुद्धार) कार्य का औपचारिक शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही, बिहार सरकार ने राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर भी कार्य की गति तेज कर दी है।

प्रेस वार्ता में गन्ना उद्योग मंत्री ने दी जानकारी
सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने इस निर्णय की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार में चीनी उद्योग को फिर से जीवंत और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। बंद पड़ी पुरानी मिलों को चालू करने और नई मिलों की स्थापना से बिहार के गन्ना किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा, उनकी आय में वृद्धि होगी तथा राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।
1 से 2 वर्षों में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य
प्रेस वार्ता के दौरान विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 20 नवंबर को शिलान्यास होने के बाद सकरी और रैयाम चीनी मिलों में आगामी एक से दो वर्षों के भीतर चीनी का उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मिलों के संचालन के लिए पर्याप्त कच्चा माल (गन्ना) उपलब्ध रहे, इसके लिए सरकार समानांतर रूप से गन्ना उत्पादन क्षेत्र के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। किसानों को अधिक से अधिक भू-भाग पर गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि मिल शुरू होते ही आपूर्ति की कोई समस्या न आए।
‘सात निश्चय-3’ और ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’
यह संपूर्ण पहल बिहार के मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ अभियान का प्रमुख हिस्सा है। इस नीति के तहत राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के साथ-साथ दशकों से ठप पड़ी पुरानी चीनी मिलों को पुनः चालू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से बिहार का चीनी उद्योग एक बार फिर से अपनी पुरानी पहचान कायम करेगा और राज्य के समग्र औद्योगिक विकास को एक नई दिशा तथा गति मिलेगी।
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दरभंगा में स्थापित होगा आधुनिक डेयरी प्लांट : मिथिलांचल में बढ़ेगा दूध-दही का उत्पादन, पशुपालकों की आय में होगा इजाफा
दरभंगा। मिथिलांचल के प्रमुख केंद्र दरभंगा में जल्द ही दूध और दही का एक बड़ा आधुनिक प्रसंस्करण केंद्र (मॉडर्न डेयरी प्लांट) स्थापित होने जा रहा है। इस संयंत्र के निर्माण से न केवल दरभंगा, बल्कि आसपास के मधुबनी, समस्तीपुर और बेगुसराय जिलों के पशुपालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। आधुनिक तकनीकों से लैस यह डेयरी प्लांट स्थानीय स्तर पर दूध की खपत और प्रसंस्करण क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा, जिससे किसानों और पशुपालकों की कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

आधुनिक सुविधाओं और उच्च तकनीक से लैस होगा प्लांट
प्रस्तावित डेयरी प्लांट में दूध के संग्रहण, चिलिंग, पाश्चुरीकरण (Pasteurization) और पैकेट बंद दही, लस्सी, मक्खन, पनीर व घी तैयार करने की अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। मिथिलांचल की खान-पान परंपरा में ‘दही-चूड़ा’ का विशेष महत्व है, ऐसे में गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की मांग को पूरा करने में यह प्लांट मील का पत्थर साबित होगा।
किसान और पशुपालकों के लिए प्रमुख फायदे
- उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था: गांव-गांव में दूध संग्रहण केंद्र बनने से पशुपालकों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और दूध की सही कीमत सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगी।
- स्वरोजगार और रोजगार सृजन: डेयरी प्लांट के संचालन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंँग और वितरण नेटवर्क के माध्यम से सैकड़ों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- पशुधन विकास को बढ़ावा: किसानों को उन्नत नस्ल के पशुपालन और वैज्ञानिक तरीके से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
- ताजा एवं शुद्ध उत्पादों की आपूर्ति: दरभंगा और आसपास के शहरी व ग्रामीण इलाकों में शुद्ध दूध और दही की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
मिथिलांचल के ग्रामीण अर्थशास्त्र को मिलेगी मजबूती
माछ और मखाना के क्षेत्र में पहले से ही प्रसिद्ध मिथिलांचल अब दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। दरभंगा में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीण अर्थशास्त्र को संबल मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति प्राप्त होगी।
