अररिया, 24 मई 2025: भारतीय रेलवे ने बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर 20 बेड का अत्याधुनिक रनिंग रूम बनाने की योजना को मूर्त रूप देने के लिए कदम उठाया है। इसके लिए ईस्ट सेंट्रल रेलवे के समस्तीपुर डिविजन ने टेंडर जारी कर दिया है। इस रनिंग रूम के निर्माण से ट्रेन के लोको पायलट और गार्ड को आराम करने की बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा।
रनिंग रूम निर्माण की लागत और समयसीमा
इस रनिंग रूम का निर्माण 3 करोड़ 22 लाख 4 हजार 923 रुपये की अनुमानित लागत से किया जाएगा, जिसमें बेसिक वैल्यू 3 करोड़ 6 लाख 71 हजार 356 रुपये है। समस्तीपुर डिविजन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी किया है, जिसकी अंतिम तिथि 12 जून 2025 है। निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य नौ महीने का रखा गया है।
रेलखंड का इतिहास और महत्व
दरभंगा-सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के आमान परिवर्तन का कार्य 15 वर्षों में पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर दानापुर, रक्सौल सहित अन्य शहरों के लिए आधा दर्जन से अधिक जोड़ी ट्रेनें संचालित हो रही हैं। फारबिसगंज, ईस्ट सेंट्रल रेलवे का अंतिम स्टेशन है। मीटर गेज के समय यहां रनिंग रूम मौजूद था, लेकिन ब्रॉडगेज में परिवर्तन के दौरान यह खंडहर में तब्दील हो गया। नए रनिंग रूम के निर्माण से न केवल लोको पायलट और गार्ड को सुविधा मिलेगी, बल्कि लंबी दूरी की नई ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
रेलवे की सुधार योजनाएं
भारतीय रेलवे इस रेलखंड में व्यापक सुधारों पर जोर दे रहा है। फारबिसगंज स्टेशन पर रनिंग रूम का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा लोको पायलट और गार्ड को लंबी यात्रा के बाद विश्राम के लिए उपयुक्त स्थान प्रदान करेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा में वृद्धि होगी।
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