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  • झंझारपुर स्टेशन पर दिखा भारतीय सेना का दम: धमक के साथ गुजरी मिलिट्री स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर स्टेशन पर दिखा भारतीय सेना का दम: धमक के साथ गुजरी मिलिट्री स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर। आज झंझारपुर रेलवे स्टेशन उस समय ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष और गर्व से भर गया, जब भारतीय सेना की साजो-सामान से लदी एक विशेष मिलिट्री ट्रेन यहाँ से गुजरी। इस ट्रेन पर लदी विशालकाय तोपें और अत्याधुनिक सैन्य उपकरण भारतीय सेना की अजेय शक्ति और बढ़ते सामर्थ्य की गवाही दे रहे थे।

    स्वदेशी शक्ति का भव्य प्रदर्शन

    ट्रेन पर रखे गए सैन्य साजो-सामान और तोपों को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद आम नागरिक और रेल यात्री दंग रह गए। सुरक्षा और रणनीतिक कारणों से सेना की ये आवाजाही नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होती है, लेकिन झंझारपुर के रेल खंड पर इन वज्र रूपी तोपों का दिखना क्षेत्र के लोगों के लिए कौतूहल और गर्व का विषय बना रहा।

    अजेय पराक्रम का जीवंत नजारा

    जैसे-जैसे मिलिट्री स्पेशल ट्रेन झंझारपुर जंक्शन के करीब आई, इंजन की गूँज और पहियों की धमक ने पूरे परिसर में एक अलग ही ऊर्जा भर दी। ट्रेन के खुले वैगनों पर तैनात स्वदेशी तकनीक से निर्मित तोपें न केवल भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित कर रही थीं, बल्कि यह भी बता रही थीं कि भारतीय रक्षा तंत्र अब दुनिया के बेहतरीन तंत्रों में से एक है। लोहे के विशालकाय ढांचों और मजबूत जंजीरों से बंधी ये तोपें अनुशासन और शक्ति का एक ऐसा संगम पेश कर रही थीं, जिसे देख हर राहगीर ठहर गया।

    रणनीतिक सुदृढ़ता और रेलवे का तालमेल

    झंझारपुर-निर्मली रेल खंड पर सेना की इस बड़ी हलचल ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह मार्ग अब राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका है। भारतीय रेलवे का मजबूत बुनियादी ढांचा अब भारी सैन्य मशीनों को सुगमता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में सक्षम है। यह दृश्य देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास और रक्षा तैयारियों के बीच के बेहतरीन समन्वय की एक सुखद तस्वीर पेश कर रहा था।

    सुरक्षा के प्रति अटूट विश्वास

    प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों के चेहरों पर भय नहीं, बल्कि अपनी सेना के प्रति अटूट विश्वास और सुरक्षा का भाव नजर आया। तिरंगे के सम्मान में उठते हाथ और सेना के प्रति लोगों का यह सहज प्रेम दर्शाता है कि देश की जनता अपने नायकों और उनके शस्त्रों को किस कदर सम्मान देती है। सेना के इस काफिले ने शांतिपूर्ण तरीके से गुजरते हुए भी अपनी मूक उपस्थिति से यह संदेश दे दिया कि भारत की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य हैं।

    भविष्य की ओर बढ़ते कदम

    यह मिलिट्री ट्रेन आधुनिक भारत की उस तस्वीर को पेश करती है जहाँ हम अपनी रक्षा जरूरतों के लिए स्वावलंबी हो रहे हैं। झंझारपुर जैसे शहरों से होकर गुजरती ये तोपें आने वाली पीढ़ी को देश सेवा के लिए प्रेरित करती हैं। यह मात्र एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामान पहुँचाना नहीं, बल्कि राष्ट्र की अखंडता और एकता का एक भव्य प्रदर्शन था, जिसने मिथिलांचल की धरती पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।

  • झंझारपुर: चुनाव खत्म होते ही छीनी तीन जोड़ी ट्रेनें, अब होली पर कैसे घर आएंगे प्रवासी?

    झंझारपुर: चुनाव खत्म होते ही छीनी तीन जोड़ी ट्रेनें, अब होली पर कैसे घर आएंगे प्रवासी?

    झंझारपुर (मधुबनी): मिथिलांचल की रेल राजनीति और व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारों के बीच झंझारपुर रेलखंड की उपेक्षा का एक ऐसा अध्याय शुरू हुआ है, जिसने हजारों रेल यात्रियों को अधर में लटका दिया है। विधानसभा चुनाव और छठ महापर्व के शोर-शराबे के बीच जिन तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को ‘बड़ी उपलब्धि’ बताकर शुरू किया गया था, चुनावी नतीजे आते ही रेलवे ने उन्हें चुपचाप बंद कर दिया।

    अब जब होली जैसा पर्व सिर पर है और दिल्ली-अमृतसर जैसे शहरों से बिहार आने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है, तब रेलवे का यह ‘यू-टर्न’ इलाके के लोगों के गले नहीं उतर रहा है।

    चुनावी स्टंट बनकर रह गईं ये 3 महत्वपूर्ण ट्रेनें!

    रेलवे प्रशासन ने पिछले महीनों में यात्रियों की भारी भीड़ का हवाला देते हुए निम्नलिखित ट्रेनों का परिचालन शुरू किया था, जो झंझारपुर के रास्ते गुजरती थीं:

    1. 05580/79 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल: जिसने कोसी और मिथिला को सीधे देश की राजधानी से जोड़ा था।
    2. 05735/36 कटिहार-अमृतसर स्पेशल: जो पंजाब में हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले बिहारी कामगारों का एकमात्र सहारा बनी थी।
    3. 05737/38 न्यू जलपाईगुड़ी-नरकटियागंज स्पेशल: जो तराई क्षेत्र के व्यापार और आवागमन की रीढ़ साबित हो रही थी।

    हैरानी की बात यह है कि जैसे ही चुनाव का खुमार उतरा और महापर्व छठ संपन्न हुआ, इन तीनों ट्रेनों के चक्के थाम दिए गए। क्या रेलवे के लिए यात्री सुविधा केवल चुनावी सीजन तक ही सीमित है?

    फायदा भरपूर, फिर बंद क्यों? आंकड़ों की जुबानी

    जब ये तीनों ट्रेनें चल रही थीं, तब झंझारपुर, निर्मली और घोघरडीहा जैसे स्टेशनों पर टिकटों की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल देखा गया था। इन ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी (यात्रियों की संख्या) 100% से ऊपर रह रही थी। दिल्ली जाने के लिए अब तक लोगों को दरभंगा या समस्तीपुर की दौड़ लगानी पड़ती थी, लेकिन इन स्पेशल ट्रेनों ने उन्हें घर के पास ही सुविधा दे दी थी। आर्थिक रूप से सफल होने के बावजूद इन ट्रेनों का अचानक बंद होना किसी बड़ी साजिश या प्रशासनिक विफलता से कम नहीं लग रहा।

    होली पर ‘हाहाकार’: प्रवासी मजदूरों की बढ़ी धड़कनें

    होली आने में अब कुछ ही समय शेष है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में रहने वाले मिथिला के लोग टिकटों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जयनगर-नई दिल्ली रूट की नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा 300 के पार जा चुका है। ऐसे में इन तीन स्पेशल ट्रेनों का बंद होना प्रवासियों के लिए किसी बड़े झटके जैसा है।

    “रेलवे को समझना चाहिए कि झंझारपुर कोई छोटा स्टेशन नहीं, बल्कि एक लाइफलाइन है। चुनाव के वक्त ट्रेनें देना और फिर छीन लेना यहां की जनता के साथ धोखा है। हमें होली से पहले इन ट्रेनों की बहाली चाहिए।” — स्थानीय संघर्ष समिति, झंझारपुर

  • अमृत भारत योजना में शामिल, फिर भी यात्री जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने को मजबूर

    अमृत भारत योजना में शामिल, फिर भी यात्री जान जोखिम में डालकर पटरी पार करने को मजबूर

    झंझारपुर। उत्तर बिहार और मिथिलांचल के रेल नेटवर्क में झंझारपुर जंक्शन एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 19 सितंबर 2024 को इस स्टेशन को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ में शामिल कर रेल मंत्रालय ने स्थानीय लोगों को विकास के बड़े सपने दिखाए थे। लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट है। घोषणा के महीनों बाद भी बजट का आवंटन न होने के कारण स्टेशन का कायाकल्प तो दूर, यात्रियों की बुनियादी सुरक्षा भी दांव पर लगी है।

    जानलेवा सफर: ट्रैक पार करना यात्रियों की मजबूरी

    स्टेशन से आ रही तस्वीरें डराने वाली हैं। प्लेटफॉर्म संख्या एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए कोई सुरक्षित रास्ता न होने के कारण यात्री रेल की पटरियों के बीच से होकर गुजरते हैं। इनमें भारी बोझ उठाए मजदूर, छोटे बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। जरा सी चूक या अचानक ट्रेन के आने की स्थिति में यहाँ किसी भी वक्त एक बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन की लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है।

    अंडरपास की नाकामी: क्यों यह यात्रियों के काम का नहीं?

    प्रशासन अक्सर दलील देता है कि सुरक्षा के लिए विकल्प मौजूद हैं, लेकिन झंझारपुर जंक्शन पर बना अंडरपास पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। स्थानीय यात्रियों और जानकारों का कहना है कि यह अंडरपास इतना अधिक घुमावदार (Zig-Zag) है कि इसमें जाने का मतलब है काफी लंबा रास्ता तय करना।

    इतना ही नहीं, सुरक्षा और सुगमता के लिहाज से यह अंडरपास यात्रियों के किसी काम का नहीं रह गया है। ट्रेन पकड़ने की जल्दी में कोई भी यात्री उस जटिल और घुमावदार रास्ते का उपयोग नहीं करना चाहता। यही कारण है कि यात्री सीधे ट्रैक पार करना ज्यादा आसान समझते हैं। लोगों का स्पष्ट मानना है कि सिर्फ एक सीधा फुट ओवर ब्रिज (FOB) ही इस समस्या का एकमात्र और स्थाई समाधान है।

    बजट के अभाव में लटका ‘अमृत भारत’ का सपना

    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झंझारपुर को एक ‘आदर्श स्टेशन’ के रूप में विकसित किया जाना है। प्रस्तावित कार्यों में हाई-लेवल प्लेटफॉर्म, आधुनिक वेटिंग हॉल और स्टेशन का सौंदर्यीकरण शामिल है। लेकिन बजट आवंटन में देरी ने इन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जब तक केंद्र सरकार और रेलवे विभाग फंड जारी नहीं करते, तब तक ये सभी योजनाएं महज फाइलों तक सीमित रहेंगी।

    प्राथमिकता पर हो ओवर ब्रिज का निर्माण

    झंझारपुर की जनता की अब सरकार और रेल प्रशासन से एक ही प्रमुख मांग है – पुनर्विकास के साथ-साथ फुट ओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए। यह अब केवल सुविधा का नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने का सवाल है।

    ‘‘क्या आपको लगता है कि रेलवे को सौंदर्यीकरण के साथ – साथ सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।‘‘

    “झंझारपुर जंक्शन: अंडरपास के बेकार होने के कारण यात्री जान जोखिम में डाल ट्रैक पार करने को मजबूर।”
  • वैशाली एक्सप्रेस, जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन देरी से चलेगी, पढ़े पूरी खबर

    वैशाली एक्सप्रेस, जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन देरी से चलेगी, पढ़े पूरी खबर

    पटना : भारतीय रेलवे के सोनपुर डिवीजन के अंतर्गत हाजीपुर स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के गर्डर लॉन्चिंग का काम चल रहा है। इसके लिए 22 दिसंबर से 24 दिसंबर 2025 तक ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इस ब्लॉक की वजह से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रीशेड्यूल (देरी से चलाना) या रेगुलेट (रास्ते में रोकना) किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह ब्लॉक ट्रेनों की सुरक्षा और स्टेशन के विकास के लिए जरूरी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले भारतीय रेलवे की वेबसाइट या ऐप पर ट्रेन का लाइव स्टेटस चेक करें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।

    यह ब्लॉक हाजीपुर स्टेशन पर कोचिंग ट्रेनों के संचालन को प्रभावित करेगा। प्रभावित ट्रेनों की सूची दिन और समय के अनुसार नीचे दी गई है।

    22 दिसंबर 2025 (सोमवार) – ब्लॉक समय: दोपहर 1:05 से 4:05 बजे तक

    रीशेड्यूल ट्रेनें (देरी से शुरू होंगी):

    • ट्रेन नंबर 13211 (जोगबनी से दानापुर जाने वाली): जोगबनी से 140 मिनट (करीब 2 घंटे 20 मिनट) देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 75219 (डीईआईए से सोनपुर जाने वाली लोकल डेमू): डीईआईए से 140 मिनट देरी से चलेगी। (यह ट्रेन वैशाली होते हुए सोनपुर जाती है।)
    • ट्रेन नंबर 63305 (कटिहार से सोनपुर जाने वाली): कटिहार से 120 मिनट (2 घंटे) देरी से चलेगी।

    रेगुलेट ट्रेनें (रास्ते में रोकी जाएंगी):

    • ट्रेन नंबर 22450 (नई दिल्ली से गुवाहाटी जाने वाली): दानापुर डिवीजन में 100 मिनट (करीब 1 घंटा 40 मिनट) रोकी जाएगी।

    23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) – ब्लॉक समय: सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक

    • कोई ट्रेन प्रभावित नहीं होगी। (निल)

    24 दिसंबर 2025 (बुधवार) – ब्लॉक समय: दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक

    रीशेड्यूल ट्रेनें (देरी से शुरू होंगी):

    • ट्रेन नंबर 15028 (गोरखपुर से संबलपुर जाने वाली): गोरखपुर से 120 मिनट (2 घंटे) देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 14673 (जयनगर से अमृतसर जाने वाली शहीद एक्सप्रेस): जयनगर से 155 मिनट (करीब 2 घंटे 35 मिनट) देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 15231 (बरौनी से गोंदिया जाने वाली): बरौनी से 135 मिनट (2 घंटे 15 मिनट) देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 13211 (जोगबनी से दानापुर जाने वाली): जोगबनी से 90 मिनट (1 घंटा 30 मिनट) देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 75219 (डीईआईए से सोनपुर जाने वाली): डीईआईए से 90 मिनट देरी से चलेगी।
    • ट्रेन नंबर 18182 (थावे से टाटानगर जाने वाली): थावे से 60 मिनट (1 घंटा) देरी से चलेगी।

    रेगुलेट ट्रेनें (रास्ते में रोकी जाएंगी):

    • ट्रेन नंबर 18181 (टाटानगर से कटिहार जाने वाली): दानापुर और सोनपुर डिवीजन में 135 मिनट (2 घंटे 15 मिनट) रोकी जाएगी।
    • ट्रेन नंबर 15708 (अमृतसर से कटिहार जाने वाली किरण एक्सप्रेस): उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) में 120 मिनट (2 घंटे) रोकी जाएगी।
    • ट्रेन नंबर 12554 (नई दिल्ली से ललितग्राम जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस): उत्तर पूर्वी रेलवे में 100 मिनट (1 घंटा 40 मिनट) रोकी जाएगी।
    • ट्रेन नंबर 12562 (नई दिल्ली से जयनगर जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस): उत्तर पूर्वी रेलवे में 50 मिनट और सोनपुर डिवीजन में 30 मिनट रोकी जाएगी।
    • ट्रेन नंबर 15516 (दानापुर से नरकटियागंज जाने वाली): दानापुर डिवीजन में 20 मिनट रोकी जाएगी।
    • ट्रेन नंबर 19483 (अहमदाबाद से सहरसा जाने वाली): दानापुर डिवीजन में 75 मिनट (1 घंटा 15 मिनट) रोकी जाएगी।
  • झंझारपुर : नवनिर्वाचित विधायक नीतीश मिश्रा का भव्य स्वागत, बोले – “मैं झंझारपुर का बेटा हूं, बेटा बनकर ही काम करूंगा”

    झंझारपुर : नवनिर्वाचित विधायक नीतीश मिश्रा का भव्य स्वागत, बोले – “मैं झंझारपुर का बेटा हूं, बेटा बनकर ही काम करूंगा”

    झंझारपुर (मधुबनी), 26 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से दूसरी बार विजयी हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नीतीश मिश्रा का मंगलवार को उनके गृह क्षेत्र झंझारपुर में जोरदार स्वागत किया गया। नई सरकार गठन के बाद पहली बार अपने क्षेत्र पहुंचे नीतीश मिश्रा का जगह-जगह फूलमालाओं, आतिशबाजी और नारों से स्वागत हुआ।

    एनएच-27 स्थित राजे टोल प्लाजा से ही सैकड़ों एनडीए कार्यकर्ताओं ने काफिले के साथ चलना शुरू किया। रास्ते में दर्जनों स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। झंझारपुर पहुंचकर सबसे पहले उन्होंने शांतिनाथ मंदिर के पास ललित नारायण मिश्र स्मारक पर माल्यार्पण किया। इसके बाद बेहट गांव में ग्रामीणों ने और लंगड़ा चौक पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

    लंगड़ा चौक पर सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र भारती के नेतृत्व में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में जनता को संबोधित करते हुए नीतीश मिश्रा ने कहा, “मैं झंझारपुर का बेटा हूं। बेटा बनकर ही रहना है और बेटा बनकर ही झंझारपुर के विकास के लिए काम करना है। जनता ने जो उम्मीद और इतना बड़ा जनादेश दिया है, उसे पूरा करने का काम चुनाव परिणाम के अगले दिन से ही शुरू हो गया है। एक पल भी बर्बाद नहीं करूंगा।”

    कन्हौली स्थित भाजपा कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। यहां आयोजित अभिनंदन समारोह में श्री मिश्रा ने कहा, “झंझारपुर ने जितनी बड़ी जीत दी है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी है। मैं इसे बेटे की तरह निभाऊंगा।”

    मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा, “मंत्री बनना या न बनना मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का अधिकार क्षेत्र है। मेरा काम क्षेत्र की जनता की सेवा करना है। मैं उसी में लगा हूं।” साथ ही विपक्ष के चुनावी आरोपों पर मुस्कुराते हुए बोले, “जनता ने मतपेटी में इसका करारा जवाब दे दिया है।”

    हालांकि कार्यकर्ताओं व आम जनता में यह चर्चा जोरों पर रही कि इतनी बड़ी जीत के बावजूद नीतीश मिश्रा को अभी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में उन्हें सूबे की नई सरकार में बड़ा दायित्व जरूर मिलेगा।

    इस मौके पर बड़ी संख्या में एनडीए नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक मौजूद रहे।

  • नीतीश मिश्रा को बिहार के नए मंत्रिमंडल में क्यों नहीं मिली जगह? भाजपा के फैसले से मधुबनी में नाराजगी

    नीतीश मिश्रा को बिहार के नए मंत्रिमंडल में क्यों नहीं मिली जगह? भाजपा के फैसले से मधुबनी में नाराजगी

    संवाददाता, मधुबनी: नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में शपथ ली, जहां उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। उनके साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की, जिसमें एक मुस्लिम और तीन महिलाएं शामिल हैं। भाजपा ने अपने कोटे से कई पुराने चेहरों को दरकिनार कर नए नेताओं को मौका दिया। मधुबनी जिले से खजौली विधायक अरुण शंकर प्रसाद को कैबिनेट में शामिल किया गया है, जिन्हें पर्यटन, कला-संस्कृति और युवा मामलों का विभाग सौंपा गया है।

    हालांकि, नीतीश मिश्रा को बाहर रखे जाने से स्थानीय स्तर पर हलचल मची हुई है। मधुबनी और झंझारपुर में लोग सवाल उठा रहे हैं कि पूर्व उद्योग मंत्री, जिन्होंने बिहार में निवेश और विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई, उन्हें क्यों नजरअंदाज किया गया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे ‘उद्योग-रहित बिहार’ का संकेत बता रहे हैं। अब जदयू ने इस पर अपना पक्ष रखा है।

    जदयू का स्पष्टीकरण
    मंत्रिमंडल गठन के बाद मीडिया से बातचीत में जदयू जिलाध्यक्ष फूले भंडारी ने मामले की सफाई दी। उन्होंने झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा और अन्य कुछ नेताओं को मंत्री पद न मिलने पर पार्टी की राय जाहिर की।

    भंडारी ने कहा, “किसी क्षेत्र के विधायक का मंत्री बनना स्थानीय विकास के लिए जरूरी है। जदयू भी चाहता था कि झंझारपुर को प्रतिनिधित्व मिले, लेकिन कोटे की सीमाओं के कारण सभी को शामिल नहीं किया जा सका। नीतीश मिश्रा योग्य और लोकप्रिय नेता हैं, लेकिन उनका नाम न आना भाजपा का आंतरिक फैसला है, जिसमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं।

    “सोशल मीडिया की अफवाहों पर नाराजगी
    जिलाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक पोस्टों पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के एनडीए की एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचाता है। “ऐसी अफवाहें जनता में भ्रम पैदा करती हैं। हम अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर तथ्य-आधारित और मर्यादित चर्चा हो,” उन्होंने जोड़ा।

    रिक्त पदों पर नजर
    भंडारी ने बताया कि एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल में कुल 36 पद हैं। भाजपा के 15 कोटे में से 14 भर चुके हैं, एक खाली है। जदयू के 15 में से 9 मंत्रियों की घोषणा हो गई है, जबकि 6 पद रिक्त हैं। चिराग पासवान की पार्टी की एक सीट और एक अन्य सीट भी खाली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य के विस्तार में नीतीश मिश्रा जैसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।एनडीए को ‘पांच पांडवों जैसा मजबूत’ बताते हुए भंडारी ने कहा कि भाजपा ने शायद किसी रणनीतिक वजह से फिलहाल उन्हें बाहर रखा है। मधुबनी में नीतीश मिश्रा के समर्थक इस फैसले से नाराज हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सुधार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में उद्योग विकास के लिए ऐसे अनुभवी नेताओं की जरूरत है, और यह फैसला राज्य की आर्थिक प्रगति पर असर डाल सकता है।

  • झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी CM बनाने की मांग, होर्डिंग्स ने बढ़ाई सियासी हलचल

    झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी CM बनाने की मांग, होर्डिंग्स ने बढ़ाई सियासी हलचल

    बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में उपमुख्यमंत्री पद को लेकर सियासत अचानक गर्म हो गई है। अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और बाजारों में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। इन पोस्टरों में स्थानीय विधायक नीतीश मिश्रा को डिप्टी सीएम बनाने की खुली मांग की गई है, जिसने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है।

    लगातार पांचवीं बार रिकॉर्ड जीत:

    झंझारपुर विधानसभा से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने वाले विधायक नीतीश मिश्रा को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग अब जोर पकड़ रही है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इन होर्डिंगों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस संबंध में सीधे अपील की है।

    ऐतिहासिक जीत और विकास कार्य आधार:

    होर्डिंग लगाने वाले स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों (संजीव महाजन, ललन यादव, सुनील मिश्र, वार्ड पार्षद गंगा प्रसाद यादव, बीरेंद्र नारायण भंडारी, सिंहेश्वर राय, रौशन झा, धीरज साह, महेश केजरीवाल, राघवेंद्र सिंह, राजू मंडल, राजा कुमार, अरुण गुप्ता, सियाकांत वर्ण, बैजू ठाकुर सहित अन्य) का कहना है कि विधायक नीतीश मिश्रा हमेशा से लोगों के ‘दिल अजीज’ रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि मिश्रा ने इस बार अपने 42 हजार वोट के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 55 हजार मतों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। साथ ही, एनडीए सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इसी असाधारण प्रदर्शन और क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेजी से बढ़ रही है।

  • झंझारपुर के ‘विकास पुरुष’ नीतीश मिश्रा को ऐतिहासिक जीत पर बधाई

    झंझारपुर के ‘विकास पुरुष’ नीतीश मिश्रा को ऐतिहासिक जीत पर बधाई

    जनता ने सौंपा ‘संपूर्ण विकास’ का नया जनादेश

    पटना/झंझारपुर, 15 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने झंझारपुर विधानसभा सीट से एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 50,000 से अधिक मतों के विशाल अंतर से पराजित कर लगातार दूसरी तथा अपने राजनीतिक करियर की चौथी बड़ी जीत हासिल की है। यह विजय केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि झंझारपुर की जनता द्वारा विकास और स्थिरता की राजनीति पर अटूट विश्वास का प्रतीक है। मिथिला की इस पवित्र भूमि से स्पष्ट संदेश गया है कि अब जनता बड़े नारों के बजाय धरातल पर हुए कार्यों पर भरोसा करती है।

    संपूर्ण मिथिलांचल की ओर से शुभ संदेश और नई आशा

    नीतीश मिश्रा को इस शानदार जीत पर झंझारपुर क्षेत्र, मधुबनी जिला और पूरे मिथिलांचल की ओर से हार्दिक बधाई। यह विजय आपके पूज्य पिताश्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की विरासत की निरंतरता तो है ही, साथ ही आपके संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता का फल भी है। जनता ने प्रचंड बहुमत देकर चिर-लंबित मुद्दों के समाधान की बड़ी अपेक्षा जताई है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि ‘विकास पुरुष’ के रूप में इस विश्वास को और मजबूत करें। नया कार्यकाल झंझारपुर के लिए ‘संपूर्ण विकास’ का नया अध्याय बने।

    लंबित कार्यों को गति देने का संकल्प

    झंझारपुर प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, लेकिन बाढ़, जलजमाव और रोजगार के लिए पलायन जैसी चुनौतियां इसे जकड़े हुए हैं। जनादेश का सम्मान करते हुए प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दें:

    1. जिले का दर्जा और प्रशासनिक सुधार: दशकों पुरानी मांग को पूरा कर झंझारपुर को जिला बनाएं। इससे नागरिक सेवाएं, पुलिसिंग, स्वास्थ्य और राजस्व में सुधार होगा।
    2. बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी: हर साल की बाढ़ से कृषि-बुनियादी ढांचा तबाह होता है। सकरी-झंझारपुर-निर्मली रेल लाइन के पुलों व सड़कों को जल निकासी के अनुकूल बनाएं। तटबंध मजबूत करें, चैनल साफ करें और जल भंडारण संरचनाएं बनाएं। नगर परिषद में जर्जर सड़कों के लिए विशेष अभियान चलाएं।
    3. औद्योगिक क्रांति और रोजगार: उद्योग मंत्री के रूप में अपनी विशेषज्ञता झंझारपुर में लगाएं। बिहार का पहला ग्रीन औद्योगिक क्षेत्र जल्द बनाएं, अलग फीडर सुनिश्चित करें। खादी, कांस्य और मखाना उद्योग के लिए पैकेज लाएं। कौशल विकास केंद्र स्थापित कर युवा पलायन रोके।
    4. शिक्षा और स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण: उच्च शिक्षा संस्थान (डिग्री कॉलेज, व्यावसायिक केंद्र) बनाएं। सरकारी स्कूलों में शिक्षक-ढांचा सुधारें। पीएचसी को 24×7 सक्रिय कर डॉक्टर सुनिश्चित करें।
    5. कनेक्टिविटी और यातायात: झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर महानगरों के लिए सीधी ट्रेन शुरू कराएं। ग्रामीण सड़कों का रखरखाव प्राथमिकता हो।

    राजनीतिक विरासत को कार्यकुशलता से मजबूत करें

    नीतीश मिश्रा के पास प्रशासनिक अनुभव, राजनीतिक दूरदर्शिता और प्रचंड जनादेश है। पिछले कार्यकाल में ग्रामीण विकास से आपदा प्रबंधन तक काम किया। अब दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गरीबी, बाढ़ और बेरोजगारी से मुकाबला करें। विनम्रता और पहुंच आपकी ताकत है—समयबद्ध रोडमैप बनाकर सुरक्षित, समृद्ध भविष्य की नींव रखें। जनता को सड़क-पुल ही नहीं, सम्मानजनक जीवन चाहिए। एक बार फिर बधाई!

  • झंझारपुर और शकूर बस्ती (नई दिल्ली) के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

    झंझारपुर और शकूर बस्ती (नई दिल्ली) के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

    झंझारपुर, 15 अक्टूबर 2025: आगामी दीपावली और छठ महापर्व के मद्देनजर त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। देशभर में बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे ने बिहार से कुल 12,000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी असुविधा के सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा उपलब्ध कराना है। मौजूदा स्पेशल ट्रेनों के अलावा, आवश्यकता पड़ने पर और भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की योजना पर काम चल रहा है, ताकि त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ से बचा जा सके।

    इस कड़ी में एक बड़ी खुशखबरी झंझारपुर के यात्रियों के लिए है। भारतीय रेलवे ने झंझारपुर जंक्शन से नई दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन के बीच ‘त्योहारी पूजा स्पेशल ट्रेन’ चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन 5 अप-डाउन फेरों में संचालित होगी, जो बिहार और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत प्रदान करेगी। विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी जो परिवार के साथ त्योहार मनाने दिल्ली लौट रहे हैं या बिहार वापस आ रहे हैं।

    ट्रेन में कुल 17 द्वितीय श्रेणी (जनरल) के अनारक्षित कोच लगाए गए हैं, जिससे सामान्य श्रेणी के यात्रियों को आसानी से जगह मिल सकेगी। टिकट बुकिंग बिना किसी आरक्षण के उपलब्ध होगी, जो त्योहारी भीड़ में स्टेशन पर लाइन लगाने की परेशानी से बचाएगी।

    गाड़ी संख्या 04410 शकूर बस्ती से 22, 23, 24, 25 और 26 अक्टूबर को चलेगी। यह ट्रेन शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन से दोपहर 13ः00 बजे खुलेगी जो नई दिल्ली 13ः45 बजे, गाजियाबाद 15ः00 बजे, अलीगढ़ 16ः58 बजे, कानपुर सेन्ट्रल 23ः55 बजे, होते हुए गोरखुपर, कप्तानगंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, शीशो होते हुए झंझारपुर अगले दिन शाम में 18ः30 बजे पहुंचेगी।

    गाड़ी संख्या 04409 झंझारपुर से 23, 24, 25, 26 और 27 अक्टूबर को चलेगी। यह ट्रेन झंझारपुर जं0 से रात्री 20ः30 बजे खुलेगी जो शीशो 21ः35 बजे, सीतामढ़ी 23ः20 बजे, रक्सौल 01ः00 बजे, नरकटियागंज 02ः15 बजे होते हुए कप्तानगंज, अलीगढ़, गाजियाबाद के रास्ते नई दिल्ली 00ः35 बजे पहुंचेगी यहां से 00ः50 बजे प्रस्थान करने के बाद शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन 01ः40 बजे पहुंचेगी।

    यह नई स्पेशल ट्रेन न केवल यात्रियों की भीड़ को कम करेगी, बल्कि बिहार-दिल्ली कॉरिडोर पर यात्रा को और अधिक सुलभ बना देगी। त्योहारों की धूम में सभी को सुरक्षित और खुशी भरी यात्रा की शुभकामनाएं!

  • झंझारपुर से आज 12:15 बजे खुलेगी सिलीगुड़ी के लिए नई स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर से आज 12:15 बजे खुलेगी सिलीगुड़ी के लिए नई स्पेशल ट्रेन

    झंझारपुर: बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर! आज, 29 सितंबर 2025 से नरकटियागंज और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच एक नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू हो रहा है। यह ट्रेन नव निर्मित गलगलिया-अररिया रेलखंड के रास्ते चलेगी, जो बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।

    ट्रेन का मार्ग और समय-सारणी:

    • गाड़ी संख्या 05738 न्यू जलपाईगुड़ी-नरकटियागंज साप्ताहिक स्पेशल:
      यह ट्रेन 28 सितंबर से 9 नवंबर 2025 तक प्रत्येक रविवार को न्यू जलपाईगुड़ी से दोपहर 14:05 बजे रवाना होगी। यह सिलीगुड़ी (14:43), ठाकुरगंज (16:16), फारबिसगंज (19:48), झंझारपुर (22:50), सीतामढ़ी (01:50) होते हुए अगले दिन सुबह 05:00 बजे नरकटियागंज पहुंचेगी।
    • गाड़ी संख्या 05737 नरकटियागंज-न्यू जलपाईगुड़ी साप्ताहिक स्पेशल:
      यह ट्रेन 29 सितंबर से 10 नवंबर 2025 तक प्रत्येक सोमवार को सुबह 07:00 बजे नरकटियागंज से रवाना होगी। यह सीतामढ़ी (09:45), झंझारपुर (12:15), फारबिसगंज (16:30), ठाकुरगंज (19:13), सिलीगुड़ी (20:46) होते हुए रात 21:30 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी।

    विशेष नोट : यह ट्रेन अपने मार्ग में दरभंगा रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। इसके बजाय, शीशो रेलवे स्टेशन पर इसका ठहराव होगा, जो दरभंगा के दिल्ली मोड़ से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ट्रेन का मार्ग सिलीगुड़ी, ठाकुरगंज, अररिया, फारबिसगंज, ललितग्राम, सरायगढ़, झंझारपुर, सकरी, शीशो, सीतामढ़ी, रक्सौल और सिकटा जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगा।

    रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा:

    नव निर्मित गलगलिया-अररिया रेलखंड के उपयोग से यह ट्रेन बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों को पश्चिम बंगाल के महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ेगी। यह नई सेवा यात्रियों के लिए सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी।