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ललितग्राम में बन सकता है रेलवे वाशिंग पिट: समस्तीपुर मंडल को व्यवहार्यता जांच के निर्देश

सुपौल, 2 जुलाई 2025: सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के अंतर्गत ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर वाशिंग पिट निर्माण की संभावना तलाशी जा रही है। पूर्व मध्य रेलवे के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर सुबोध चन्द्र चौधरी ने समस्तीपुर मंडल को इसकी व्यवहार्यता जांच के लिए पत्र लिखा है। ललितग्राम, जो समस्तीपुर मंडल का आखिरी स्टेशन है और नेपाल सीमा से […]

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सुपौल, 2 जुलाई 2025: सहरसा-फारबिसगंज रेलखंड के अंतर्गत ललितग्राम रेलवे स्टेशन पर वाशिंग पिट निर्माण की संभावना तलाशी जा रही है। पूर्व मध्य रेलवे के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर सुबोध चन्द्र चौधरी ने समस्तीपुर मंडल को इसकी व्यवहार्यता जांच के लिए पत्र लिखा है। ललितग्राम, जो समस्तीपुर मंडल का आखिरी स्टेशन है और नेपाल सीमा से सटा हुआ है, में यह परियोजना क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

व्यवहार्यता जांच के लिए निर्देश

रेलवे के पीजी पोर्टल पर साझा जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर मंडल की टीम जल्द ही ललितग्राम में स्थल निरीक्षण करेगी। इस दौरान पानी और बिजली की उपलब्धता, ट्रेनों की सुगम आवाजाही, सुरक्षा, और निर्माण व संचालन लागत जैसे पहलुओं की जांच होगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वाशिंग पिट का निर्माण आर्थिक और व्यावहारिक रूप से टिकाऊ हो। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।

स्थानीय मांग और मंत्रियों का प्रयास

छातापुर विधायक व पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू ने ललितग्राम में वाशिंग पिट की मांग को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा था। 3 मार्च 2024 को लिखे पत्र में उन्होंने रेलवे की 70 एकड़ खाली जमीन का उपयोग वाशिंग पिट या सहायक रेल इंजन कारखाने के लिए करने का सुझाव दिया था। स्थानीय लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए हाजीपुर जोन को विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। मंत्री बबलू का कहना है कि इस परियोजना से न केवल रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।

सहरसा पर निर्भरता होगी कम

वर्तमान में सहरसा में ट्रेनों की धुलाई और मेंटेनेंस का काम होता है, जिसके कारण वैशाली एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को सहरसा से ललितग्राम तक स्पेशल ट्रेन के रूप में भेजा जाता है। वाशिंग पिट बनने से यह समस्या खत्म होगी, और ललितग्राम तक ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं मिलेंगी।

रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण की समस्या

ललितग्राम रेलवे स्टेशन, जो पूर्व रेल मंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र के नाम पर है, के आसपास 70 एकड़ रेलवे की जमीन है। इस जमीन का अभी तक कोई उपयोग नहीं हुआ, जिसके कारण इस पर अवैध कब्जा हो गया है। मंत्री बबलू ने इस जमीन के सदुपयोग की मांग उठाई थी, जिसके बाद यह परियोजना गति पकड़ रही है।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद

मंत्री बबलू ने बताया कि मधेपुरा में पहले से रेल इंजन निर्माण कारखाना मौजूद है। ललितग्राम में वाशिंग पिट या सहायक कारखाना बनने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

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