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लापरवाही पर बड़ा एक्शन: सहरसा स्टेशन अधीक्षक का तबादला, दुर्घटना छिपाने का लगा आरोप

खबर सारांश

सहरसा। भारतीय रेलवे में सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोपरि माना जाता है, लेकिन सहरसा स्टेशन पर इसके उलट एक मामला सामने आया है। वाशिंग पिट पर हुई एक दुर्घटना को अधिकारियों से छिपाने के आरोप में सहरसा स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक (SS) रमेश कुमार पर गाज गिरी है। […]

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लापरवाही पर बड़ा एक्शन: सहरसा स्टेशन अधीक्षक का तबादला, दुर्घटना छिपाने का लगा आरोप
लगभग 3 मिनट

सहरसा। भारतीय रेलवे में सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोपरि माना जाता है, लेकिन सहरसा स्टेशन पर इसके उलट एक मामला सामने आया है। वाशिंग पिट पर हुई एक दुर्घटना को अधिकारियों से छिपाने के आरोप में सहरसा स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक (SS) रमेश कुमार पर गाज गिरी है। समस्तीपुर मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) ज्योतिप्रकाश मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया है और उनका तबादला सिमरी बख्तियारपुर कर दिया है।

हादसे को दबाने की कोशिश

घटनाक्रम के अनुसार, सहरसा स्टेशन के वाशिंग पिट पर ट्रेनों की सफाई और रखरखाव के दौरान एक खाली बोगी अचानक बेपटरी होकर पलट गई थी। नियमानुसार, रेल परिचालन में किसी भी तरह की “डिरेलमेंट” (पटरी से उतरना) एक गंभीर घटना मानी जाती है जिसकी रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय को देनी होती है। लेकिन सहरसा के स्थानीय अधिकारियों और कर्मियों ने अपनी साख बचाने या कार्रवाई के डर से इस खबर को दबा लिया और गुपचुप तरीके से बोगी को ट्रैक पर लाने की कोशिश में जुट गए।

24 घंटे बाद खुला गोपनीयता का घेरा

हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बारे में समस्तीपुर मंडल मुख्यालय को लगभग 24 घंटे तक कोई जानकारी नहीं दी गई। जब गुप्त सूत्रों या विभागीय फीडबैक के जरिए डीआरएम ज्योतिप्रकाश मिश्रा को इस हादसे का पता चला, तो वे दंग रह गए। मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से इतनी महत्वपूर्ण बात छिपाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और इसे ड्यूटी के प्रति घोर अनुशासनहीनता माना।

कठोर कार्रवाई और कड़ा संदेश

डीआरएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले स्टेशन के सर्वोच्च अधिकारी रमेश कुमार को निशाने पर लिया और उन्हें सहरसा से हटाकर सिमरी बख्तियारपुर भेज दिया। डीआरएम ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि “दुर्घटना छोटी हो या बड़ी, उसे छिपाना कतई स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से समझौता और सूचनाओं को दबाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।

रेलवे कर्मियों में हड़कंप और भविष्य की जांच

इस औचक कार्रवाई के बाद सहरसा स्टेशन के विभिन्न विभागों—जैसे मैकेनिकल, ट्रैफिक और इंजीनियरिंग—के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल तबादले तक ही सीमित नहीं रहेगा। वर्तमान में इस पूरी घटना की विस्तृत जांच चल रही है। जांच की आंच उन अन्य पर्यवेक्षकों और तकनीकी कर्मियों तक भी पहुँच सकती है जो उस वक्त मौके पर मौजूद थे या जिन्होंने साक्ष्यों को छिपाने में मदद की थी।

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