समस्तीपुर रेल मंडल के झंझारपुर-सरायगढ़ रेलखंड पर स्थित परसा बसुआरी हाल्ट पर बीती रात आए भीषण चक्रवाती तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया, लेकिन रेल प्रशासन की मुस्तैदी ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

तेज हवाओं के कारण स्टेशन का शेड उखड़कर रेल ट्रैक पर आ गिरा और ओएचई (OHE) का स्टेडी आर्म भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में रेलवे की सुरक्षा प्रणाली ने तुरंत काम किया और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के कारण गाड़ी संख्या 63380 को रात 21.33 बजे से 01.00 बजे तक परसा बसुआरी हाल्ट पर ही सुरक्षित रोक दिया गया, जबकि गाड़ी संख्या 75217 को एहतियात के तौर पर तमुरिया स्टेशन पर खड़ा रखा गया।
प्रतिकूल मौसम और घने अंधेरे के बावजूद रेल अधिकारियों और तकनीकी टीम ने गजब का साहस और समर्पण दिखाया। जैसे ही तूफान की तीव्रता कम हुई, रेलवे की टेक्निकल टीम और राहत बचाव दल ने मोर्चा संभाला।

वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे रेलकर्मी पूरी तन्मयता के साथ ऊंचे टावर वैगन पर चढ़कर क्षतिग्रस्त ओएचई लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे रहे। ट्रैक पर गिरे भारी-भरकम शेड और पेड़ की टहनियों को हटाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया गया। रेलकर्मियों के इस भगीरथ प्रयास का ही परिणाम था कि कुछ ही घंटों के भीतर ट्रैक को पूरी तरह साफ कर परिचालन बहाल कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन ने इस दौरान यात्रियों के धैर्य और सहयोग की भी सराहना की है। जिस तत्परता से समस्तीपुर मंडल ने इस प्राकृतिक आपदा का सामना किया, वह न केवल उनकी कार्यकुशलता को दर्शाता है बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में अडिग है।
रात भर चले इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ट्रेनों का आवागमन फिर से सुचारू हो गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। यह घटना रेलकर्मियों के उस अटूट सेवा भाव का प्रमाण है जो कठिन से कठिन समय में भी देश की जीवनरेखा को थ थमने नहीं देते।