सुपौल, 12 अगस्त 2025: सुपौल संसदीय क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत ने मंगलवार को संसद भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने एक विस्तृत पत्र सौंपकर क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें अस्थायी ट्रेनों का स्थायी संचालन, नई ट्रेनों की शुरुआत, प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव और लंबित रेल परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन शामिल है।सांसद की प्रमुख मांगें:सांसद कामैत ने बताया कि पूर्व मध्य रेल, समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत वाया ललितग्राम, सरायगढ़ और सुपौल होकर चलने वाली कई अस्थायी ट्रेनों ने यात्रियों को काफी सुविधा प्रदान की है। इन ट्रेनों को स्थायी रूप से संचालित करने की मांग उन्होंने जोरदार तरीके से उठाई।प्रस्तावित ट्रेनों का स्थायी संचालन:
- सहरसा-अमृतसर जनसाधारण साप्ताहिक एक्सप्रेस (14603/04): ललितग्राम तक स्थायी विस्तार और नियमित संचालन। वर्तमान में यह स्पेशल (05503/04) के रूप में संचालित हो रही है।
- सहरसा-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस (05579/80): स्थायी संचालन।
- सहरसा-पटना राज्यरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12567/68): ललितग्राम तक स्थायी विस्तार, जो वर्तमान में स्पेशल (05569/70) के रूप में चल रही है।
- सहरसा-नई दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस (12553/54): ललितग्राम तक विस्तार, जो अभी स्पेशल (05514/13, 05516/15) के रूप में संचालित है।
- दानापुर-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12149/50): सुपौल तक स्थायी विस्तार, जो फिलहाल स्पेशल (03349/50) के रूप में चल रही है।
नई ट्रेनों की शुरुआत:सांसद ने सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए नई ट्रेनों की मांग की, जिनमें शामिल हैं:
- कटिहार/जोगबनी-नई दिल्ली/अमृतसर सुपरफास्ट ट्रेन: फारबिसगंज, राघोपुर और निर्मली होकर संचालन।
- सहरसा-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस: सुपौल-दरभंगा या ललितग्राम-सहरसा होकर शीघ्र प्रारंभ।
- सहरसा-सुपौल-मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन: आर्थिक राजधानी मुंबई से सीधा जुड़ाव।
- सहरसा-ललितग्राम डेमू (75206/05): फारबिसगंज तक विस्तार और सुबह 6:30 बजे फारबिसगंज से सहरसा तक संचालन।
प्रतापगंज में ठहराव की मांग:
सांसद ने जनसाधारण एक्सप्रेस (14603/14604) का प्रतापगंज रेलवे स्टेशन पर 2 मिनट का ठहराव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बड़ी आबादी वाला है और ठहराव से यात्रियों को अमृतसर व अन्य शहरों की यात्रा में सुविधा होगी, साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रेलवे भूमि का उपयोग:
सांसद ने सुझाव दिया कि ललितग्राम में उपलब्ध रेलवे की 70-80 एकड़ भूमि का उपयोग वाशिंग पिट लाइन और यार्ड निर्माण के लिए किया जाए। इससे सहरसा में जगह की कमी के कारण ट्रेनों के रखरखाव में हो रही कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है।
नई परियोजनाओं का शिलान्यास:
सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 8 अगस्त 2025 को सीतामढ़ी में घोषित सीतामढ़ी, सुरसंड, जयनगर और निर्मली रेल परियोजना के लिए 2400 करोड़ रुपये की स्वीकृति का उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इस परियोजना का शिलान्यास कर कार्य शुरू किया जाए।
रेल मंत्री का आश्वासन:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और जनहित में इन पर शीघ्र निर्णय लेकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।