कश्मीर घाटी के चेरी उत्पादकों ने भारतीय रेलवे का जताया आभार, पार्सल वेन से मुंबई पहुंचा 334 टन चेरी

उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने चेरी सीजन में कटरा से बांद्रा टर्मिनस तक 13 पार्सल वेन के जरिए 334 टन चेरी भेजी। उत्पादकों ने रेलवे की त्वरित सेवा के लिए आभार व्यक्त किया।

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Highlights
  • कश्मीर घाटी से मुंबई तक 334 टन चेरी की सफल ढुलाई।
  • श्री माता वैष्णो देवी कटरा से बांद्रा टर्मिनस तक 13 पार्सल वेन संचालित।
  • रेलवे की त्वरित सेवा से चेरी उत्पादकों को मिला लाभ।
  • भविष्य में अन्य फलों के परिवहन के लिए रेलवे तैयार।

जम्मू, 26 जून 2025 उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने कश्मीर घाटी के चेरी उत्पादकों और व्यापारियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री विवेक कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल के नेतृत्व में 31 मई 2025 को श्री माता वैष्णो देवी कटरा से बांद्रा टर्मिनस तक पहली पार्सल वेन में चेरी लोड कर एक नई शुरुआत की गई। यह प्रयास इतना सफल रहा कि चेरी सीजन के दौरान जम्मू और कटरा से कुल 13 पार्सल वेन के माध्यम से 334 टन चेरी मुंबई भेजी गई।

कश्मीर घाटी के फल उत्पादक संघों और जम्मू-कश्मीर के बागवानी विभाग की मांग पर गाड़ी संख्या 12472 और 19028 में पार्सल वेन उपलब्ध कराए गए। इन गाड़ियों के एसएलआर में नियमित पार्सल बुकिंग के जरिए चेरी को कम समय में गंतव्य तक पहुंचाया गया। चेरी उत्पादकों ने रेलवे की इस त्वरित और विश्वसनीय सेवा के लिए आभार व्यक्त किया है।

उत्पादकों का कहना है कि चेरी एक नाजुक और स्वादिष्ट फल है, जिसे समय पर गंतव्य तक पहुंचाना जरूरी है, अन्यथा इसके खराब होने का खतरा रहता है। उन्होंने रेलवे के इस सहयोग को सराहा और कहा कि भविष्य में अन्य फलों के परिवहन के लिए भी रेल प्रशासन को समय पर सूचित किया जाएगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री उचित सिंघल ने कहा, “फल उत्पादक संघों की मांग को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। रेलवे का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों की जरूरतों को पूरा करना है।”

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