झंझारपुर: चुनाव खत्म होते ही छीनी तीन जोड़ी ट्रेनें, अब होली पर कैसे घर आएंगे प्रवासी?

झंझारपुर होकर चलने वाली तीन महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनें बंद होने से यात्रियों में गुस्सा। होली पर घर आने वाले प्रवासियों के लिए बढ़ी मुश्किलें। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

Star Mithila News
3 Min Read

झंझारपुर (मधुबनी): मिथिलांचल की रेल राजनीति और व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारों के बीच झंझारपुर रेलखंड की उपेक्षा का एक ऐसा अध्याय शुरू हुआ है, जिसने हजारों रेल यात्रियों को अधर में लटका दिया है। विधानसभा चुनाव और छठ महापर्व के शोर-शराबे के बीच जिन तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनों को ‘बड़ी उपलब्धि’ बताकर शुरू किया गया था, चुनावी नतीजे आते ही रेलवे ने उन्हें चुपचाप बंद कर दिया।

अब जब होली जैसा पर्व सिर पर है और दिल्ली-अमृतसर जैसे शहरों से बिहार आने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है, तब रेलवे का यह ‘यू-टर्न’ इलाके के लोगों के गले नहीं उतर रहा है।

चुनावी स्टंट बनकर रह गईं ये 3 महत्वपूर्ण ट्रेनें!

रेलवे प्रशासन ने पिछले महीनों में यात्रियों की भारी भीड़ का हवाला देते हुए निम्नलिखित ट्रेनों का परिचालन शुरू किया था, जो झंझारपुर के रास्ते गुजरती थीं:

  1. 05580/79 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल: जिसने कोसी और मिथिला को सीधे देश की राजधानी से जोड़ा था।
  2. 05735/36 कटिहार-अमृतसर स्पेशल: जो पंजाब में हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले बिहारी कामगारों का एकमात्र सहारा बनी थी।
  3. 05737/38 न्यू जलपाईगुड़ी-नरकटियागंज स्पेशल: जो तराई क्षेत्र के व्यापार और आवागमन की रीढ़ साबित हो रही थी।

हैरानी की बात यह है कि जैसे ही चुनाव का खुमार उतरा और महापर्व छठ संपन्न हुआ, इन तीनों ट्रेनों के चक्के थाम दिए गए। क्या रेलवे के लिए यात्री सुविधा केवल चुनावी सीजन तक ही सीमित है?

फायदा भरपूर, फिर बंद क्यों? आंकड़ों की जुबानी

जब ये तीनों ट्रेनें चल रही थीं, तब झंझारपुर, निर्मली और घोघरडीहा जैसे स्टेशनों पर टिकटों की बिक्री में रिकॉर्ड उछाल देखा गया था। इन ट्रेनों में ऑक्यूपेंसी (यात्रियों की संख्या) 100% से ऊपर रह रही थी। दिल्ली जाने के लिए अब तक लोगों को दरभंगा या समस्तीपुर की दौड़ लगानी पड़ती थी, लेकिन इन स्पेशल ट्रेनों ने उन्हें घर के पास ही सुविधा दे दी थी। आर्थिक रूप से सफल होने के बावजूद इन ट्रेनों का अचानक बंद होना किसी बड़ी साजिश या प्रशासनिक विफलता से कम नहीं लग रहा।

होली पर ‘हाहाकार’: प्रवासी मजदूरों की बढ़ी धड़कनें

होली आने में अब कुछ ही समय शेष है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में रहने वाले मिथिला के लोग टिकटों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जयनगर-नई दिल्ली रूट की नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा 300 के पार जा चुका है। ऐसे में इन तीन स्पेशल ट्रेनों का बंद होना प्रवासियों के लिए किसी बड़े झटके जैसा है।

“रेलवे को समझना चाहिए कि झंझारपुर कोई छोटा स्टेशन नहीं, बल्कि एक लाइफलाइन है। चुनाव के वक्त ट्रेनें देना और फिर छीन लेना यहां की जनता के साथ धोखा है। हमें होली से पहले इन ट्रेनों की बहाली चाहिए।”स्थानीय संघर्ष समिति, झंझारपुर

Author

Discover more from Star Mithila News

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Leave a Comment

Discover more from Star Mithila News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading