बिहार में कोचिंग विवाद ने लिया गंभीर मोड़: तेज प्रताप यादव ने खान सर पर लगाया हत्या का आरोप

Star Mithila News
3 Min Read

पटना: बिहार के कोचिंग जगत में चल रहा विवाद अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने प्रसिद्ध शिक्षक ‘खान सर’ पर बड़ा आरोप लगाते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई, प्रिंस यादव की हत्या का जिम्मेदार ठहराया है।

नेपाल में हुई थी संदिग्ध मौत बता दें कि रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर में एक होटल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही बिहार की राजनीति और कोचिंग जगत में हड़कंप मचा हुआ है। नेपाल पुलिस ने इस मामले में प्रिंस के चार दोस्तों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जो अंतिम संस्कार के लिए सहरसा ले गए हैं।

तेज प्रताप का तीखा हमला तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से सीधे तौर पर खान सर पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिंस की मौत एक सोची-समझी हत्या है। तेज प्रताप ने कहा, “यह स्पष्ट है कि खान सर ने ही प्रिंस की हत्या कराई है। इसी कारण उन्हें बचाया जा रहा है और रौशन आनंद को जेल से रिहा नहीं किया जा रहा है।” उन्होंने इस मामले को दो कोचिंग संस्थानों के बीच जारी आपसी वर्चस्व की लड़ाई से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सरकार से की दो प्रमुख मांगें तेज प्रताप ने बिहार सरकार और प्रशासन से इस मामले में दो मुख्य मांगें की हैं:

  1. उच्च स्तरीय जांच और गिरफ्तारी: उन्होंने मांग की कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
  2. रौशन आनंद को पैरोल: उन्होंने मानवीय आधार पर मांग की है कि ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद, जो फिलहाल जेल में बंद हैं, उन्हें अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी जाए।

कोचिंग विवाद की पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि खान सर के बॉडीगार्ड पर हुए हमले के मामले में रौशन आनंद पहले से ही जेल में हैं। कोचिंग संस्थानों के बीच का यह आपसी विवाद अब प्रिंस यादव की असामयिक मौत के बाद एक बड़े कानूनी और राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। फिलहाल, सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और पुलिसिया जांच की रिपोर्ट पर टिकी हैं।


Discover more from Star Mithila News

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Leave a Comment

Discover more from Star Mithila News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading